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खेत में मिले गोवंश के अवशेष… पुलिस ने जब एक परिवार के घर तक पहुंचाई जांच, खुल गया ऐसा राज कि सब रह गए हैरान!



मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। खेतों में अवशेष मिलने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो कथित तौर पर एक ही परिवार के कई सदस्यों की भूमिका सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, किनानगर निवासी शौकिन अपने बेटे बिलाल के साथ मिलकर कथित तौर पर गोकशी करता था, जबकि शौकिन की पत्नी रिहाना पर घर में रखे मीट को गांव के लोगों को बेचने का आरोप है। पुलिस पहले ही शौकिन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अब फरार चल रहे उसके बेटे बिलाल और पत्नी रिहाना को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।

9 सितंबर को खेतों में मिले थे गोवंश के अवशेष

यह पूरा मामला 9 सितंबर को सामने आया था। उस दिन किनानगर के खेतों में गोवंश के अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई थी। खेतों में अवशेष मिलने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई और संबंधित लोगों से पूछताछ की।

घटना के बाद हिंदू संगठनों की ओर से भी विरोध जताया गया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने इस मामले में नीरज कश्यप की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई।

लगातार मिल रही शिकायतों से पुलिस भी थी परेशान

पुलिस के सामने यह मामला इसलिए भी गंभीर था क्योंकि इलाके में कथित गोकशी को लेकर पहले से शिकायतें मिलने की बात सामने आई थी।

लगातार शिकायतों के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की निगरानी बढ़ाई। इसी बीच किनानगर में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना सामने आने के बाद पुलिस पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

मामले में लापरवाही को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने तत्कालीन एसओ जोगेंद्र कुमार को हटा दिया था। इसके बाद पुलिस ने जांच को और तेज किया।

जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और कई लोगों से पूछताछ की। इसी प्रक्रिया में किनानगर निवासी शौकिन और उसके परिवार के सदस्यों के नाम सामने आए।

पुलिस के मुताबिक खेतों में होता था गोवध

पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, शौकिन और उसका बेटा बिलाल कथित तौर पर खेतों में गोवध करते थे।

इसके बाद मीट को घर लाया जाता था। पुलिस के अनुसार, घर में मीट रखने और उसे आसपास के लोगों तक पहुंचाने में शौकिन की पत्नी रिहाना की भूमिका बताई गई है।

पुलिस का आरोप है कि रिहाना गांव के लोगों को मीट बेचती थी। इस तरह पुलिस ने कथित तौर पर खेत से घर और फिर ग्राहकों तक पहुंचने वाली पूरी गतिविधि की कड़ी जोड़ने का दावा किया है।

हालांकि, इन आरोपों को अदालत में साक्ष्यों के आधार पर साबित किया जाना बाकी है।

पहले शौकिन हुआ था गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले शौकिन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की और उसे जेल भेज दिया गया।

इसके बाद पुलिस को उसके बेटे बिलाल और पत्नी रिहाना की तलाश थी। दोनों के फरार होने की बात सामने आई थी।

पुलिस टीम लगातार दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी और पुलिस ने उनके घर तथा आसपास के इलाकों पर भी नजर रखी।

देर रात घर लौटे तो पुलिस ने दबोचा

पुलिस के मुताबिक, बुधवार देर रात बिलाल और रिहाना अपने घर लौटे थे। पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस ने घर पर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से मामले को लेकर पूछताछ की गई।

इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने मामले में आरोपी परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई पूरी करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

बिलाल का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

जांच के दौरान पुलिस ने बिलाल के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, खरखौदा थाने में वर्ष 2024 के दौरान चोरी, नकबजनी और अन्य धाराओं से जुड़े दो मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज थे।

इसके अलावा वर्ष 2025 में परीक्षितगढ़ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आयुध अधिनियम से संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब उसके पुराने मामलों और मौजूदा मामले के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है।

कार्रवाई के बाद इलाके में क्या स्थिति है?

गोवंश के अवशेष मिलने के बाद किनानगर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी और पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी।

पुलिस द्वारा एक के बाद एक गिरफ्तारियां किए जाने के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जाए और अगर कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल है तो उसकी भूमिका की भी जांच की जाए।

किसी भी संवेदनशील मामले में पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस ने मामले की जांच के साथ-साथ इलाके में शांति व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।

पुलिस जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

शौकिन, बिलाल और रिहाना की गिरफ्तारी के बाद जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि कथित तौर पर गोवध की घटनाएं कब से चल रही थीं और इनमें कितने लोग शामिल थे। इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि मीट कहां-कहां पहुंचाया जाता था और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

घटनास्थल से मिले अवशेषों और अन्य साक्ष्यों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों को आरोपियों से पूछताछ और अन्य जानकारी के साथ मिलाकर आगे की कार्रवाई करेगी।

आरोप साबित होना अभी बाकी

इस पूरे मामले में यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और अदालत में अपराध साबित होना अलग-अलग बातें हैं। किसी आरोपी की गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं होता कि अदालत ने उसे दोषी घोषित कर दिया है।

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने होंगे। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर दोष या निर्दोष होने का फैसला होगा।

फिलहाल पुलिस ने शौकिन, बिलाल और रिहाना को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।

खेत से शुरू हुई जांच पहुंची परिवार तक

किनानगर के खेतों में 9 सितंबर को मिले गोवंश के अवशेषों से शुरू हुई जांच अब एक ही परिवार के कई सदस्यों की गिरफ्तारी तक पहुंच चुकी है। पुलिस के अनुसार, कथित गतिविधियों में पिता, बेटा और मां की अलग-अलग भूमिका सामने आई है।

पहले शौकिन की गिरफ्तारी हुई और बाद में फरार चल रहे बिलाल और रिहाना को भी पुलिस ने पकड़ लिया। बिलाल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।

अब पुलिस आगे की जांच में यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले की पूरी सच्चाई क्या है और क्या गिरफ्तार किए गए लोगों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी कथित गतिविधियों में शामिल था।

किनानगर में मिले गोवंश के अवशेषों से शुरू हुआ यह मामला अब गिरफ्तारी और जांच के अगले चरण में पहुंच चुका है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आगे की तस्वीर जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत की कार्यवाही के आधार पर साफ होगी।

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