Breaking News

सोना-चांदी के भाव में हलचल, खरीदारी से पहले जानें आज का बाजार

 


नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों को लेकर बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव के बीच सोने और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार, 14 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों शुरुआती कारोबार में कमजोर नजर आए। सोने पर मजबूत डॉलर, बढ़ती तेल कीमतों और अमेरिका की महंगाई से जुड़े संकेतों का असर देखने को मिल रहा है।

हालिया कारोबारी रुझानों को देखें तो सोना पिछले सप्ताह दबाव में रहा था। 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने गिरावट के बाद कुछ रिकवरी की थी, लेकिन सप्ताह के स्तर पर कीमत करीब 1.5 फीसदी नीचे रही। इसी दौरान चांदी में भी तेजी के बावजूद साप्ताहिक आधार पर करीब 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

सोने की कीमतों पर क्यों पड़ रहा असर?

सोने की कीमतों पर इस समय कई वैश्विक कारकों का असर है। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें, डॉलर की चाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं।

अमेरिका में अगस्त की महंगाई से जुड़े आंकड़ों ने ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है। आम तौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव पड़ सकता है, जिससे नियमित ब्याज आय नहीं मिलती। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

हालांकि, दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर भी देखते हैं। इसी वजह से सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद खरीदारी देखने को मिल सकती है।

चांदी में भी लगातार उतार-चढ़ाव

चांदी की कीमतों में भी इस समय काफी अस्थिरता देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14 सितंबर की शुरुआत में चांदी करीब 64.57 डॉलर प्रति औंस पर रही। इससे पहले 11 सितंबर को चांदी 64.54 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची थी, लेकिन सप्ताह के दौरान इसमें गिरावट दर्ज की गई।

भारत में भी चांदी के स्थानीय भाव अलग-अलग शहरों में अलग हो सकते हैं। 14 सितंबर के उपलब्ध शहरवार आंकड़ों में अमृतसर में चांदी करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई, जबकि कुछ अन्य शहरों में यह 2.6 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर थी। स्थानीय बाजार, टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीदारी कीमत अलग हो सकती है।

सितंबर में चांदी ने भी दिखाया बड़ा उतार-चढ़ाव

चांदी की कीमतों में इस महीने काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर की शुरुआत में चांदी करीब 2.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी। 11 सितंबर को यह करीब 2.72 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर तक पहुंची, जबकि 13 सितंबर को कीमत लगभग 2.62 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही।

इससे साफ है कि चांदी के बाजार में इस समय तेजी और गिरावट दोनों तेजी से देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में सिर्फ एक दिन की कीमत देखकर खरीदारी या निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।

सोना खरीदने वालों के लिए क्या मायने?

सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तरों के आसपास रहने के कारण आम खरीदारों के लिए थोड़ी-सी कीमत में गिरावट भी महत्वपूर्ण हो सकती है। खासतौर पर शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए सोना खरीदने वाले लोग कीमतों में छोटे बदलाव पर भी नजर रखते हैं।

हालांकि, आभूषण खरीदते समय केवल 24 कैरेट या 22 कैरेट के बाजार भाव को देखना पर्याप्त नहीं होता। ज्वेलरी की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागतें भी शामिल हो सकती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम बिल की जानकारी लेना जरूरी है।

निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फैसलों पर

सोने और चांदी की अगली दिशा के लिए निवेशकों की नजर अमेरिका की मौद्रिक नीति और आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव, डॉलर की मजबूती और महंगाई के आंकड़े कीमती धातुओं को प्रभावित कर सकते हैं।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार के लिए अहम बना हुआ है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई की चिंता बढ़ा सकती है, जिसका असर केंद्रीय बैंकों की नीतियों और निवेशकों की रणनीति पर पड़ सकता है।

आज खरीदारी करें या इंतजार?

सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए मौजूदा समय काफी उतार-चढ़ाव वाला है। ऐसे में विशेषज्ञों की सामान्य सलाह यही रहती है कि केवल एक दिन के भाव देखकर बड़ा निवेश करने के बजाय अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखा जाए।

त्योहारी या शादी के लिए तत्काल जरूरत होने पर खरीदार अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं, जबकि निवेश के नजरिए से खरीदारी करने वाले लोग कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजार के संकेतों पर नजर रख सकते हैं।

फिलहाल सोने और चांदी दोनों का बाजार वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, डॉलर और भू-राजनीतिक घटनाक्रम से प्रभावित है। इसलिए आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के भाव में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

 सोने-चांदी के स्थानीय भाव शहर, शुद्धता, टैक्स और ज्वेलर के हिसाब से अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े उपलब्ध बाजार अपडेट पर आधारित हैं और इन्हें निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं