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भांग को सिर्फ नशा समझने की गलती तो नहीं कर रहे? आयुर्वेद में बताए गए फायदे जानकर चौंक जाएंगे, लेकिन ये खतरे भी कर देंगे हैरान

 


नई दिल्ली: आजकल लोग अपनी सेहत को बेहतर रखने के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आयुर्वेद की ओर फिर से ध्यान दे रहे हैं। इसी बीच कई ऐसे पौधे और प्राकृतिक पदार्थ चर्चा में आते हैं, जिनका इस्तेमाल पुराने समय से अलग-अलग परिस्थितियों में किया जाता रहा है। भांग यानी Cannabis भी ऐसा ही एक पौधा है, जिसके बारे में समाज में तरह-तरह की धारणाएं मौजूद हैं। कुछ लोग इसे केवल नशे से जोड़कर देखते हैं, जबकि पारंपरिक चिकित्सा में इसके कुछ औषधीय उपयोगों का उल्लेख मिलता है।

हालांकि, भांग को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि इसके संभावित औषधीय प्रभाव और इसके सेवन से होने वाले जोखिम दोनों को समझना जरूरी है। आधुनिक चिकित्सा शोध में भी Cannabis में मौजूद कुछ रासायनिक घटकों के संभावित चिकित्सीय प्रभावों का अध्ययन किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भांग का सामान्य या बिना चिकित्सकीय निगरानी इस्तेमाल सुरक्षित है। Cannabis मस्तिष्क, हृदय, प्रतिक्रिया क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

आयुर्वेद में भांग का उल्लेख क्यों मिलता है?

आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में भांग का उल्लेख कुछ औषधीय संदर्भों में मिलता है। पारंपरिक मान्यताओं में इसे अलग-अलग परिस्थितियों में सीमित मात्रा में इस्तेमाल किए जाने का वर्णन मिलता है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—किसी पुराने ग्रंथ में किसी पौधे का औषधीय उल्लेख होना और उसका खुद से सेवन करना एक ही बात नहीं है।

आयुर्वेदिक औषधियों में किसी भी पदार्थ की मात्रा, शोधन प्रक्रिया, संयोजन और व्यक्ति की प्रकृति जैसी चीजों का महत्व माना जाता है। इसलिए केवल यह सुनकर कि भांग का किसी बीमारी या समस्या में इस्तेमाल होता रहा है, उसे घर पर अपनी इच्छा से लेना उचित नहीं माना जा सकता।

विशेषज्ञ की सलाह के बिना Cannabis या उससे बने उत्पादों का सेवन जोखिम पैदा कर सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति पहले से कोई दवा ले रहा हो।

भांग में कौन से सक्रिय तत्व होते हैं?

Cannabis पौधे में कई तरह के रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जिन्हें कैनाबिनॉयड्स कहा जाता है। इनमें THC और CBD सबसे ज्यादा चर्चित हैं।

THC ऐसा प्रमुख घटक है जो मस्तिष्क पर प्रभाव डाल सकता है और नशे या मानसिक स्थिति में बदलाव का कारण बन सकता है। दूसरी ओर CBD का प्रभाव THC से अलग होता है और सामान्य तौर पर यह उसी तरह का नशा पैदा नहीं करता।

वैज्ञानिक शोध में इन दोनों सहित कई कैनाबिनॉयड्स के संभावित चिकित्सीय प्रभावों का अध्ययन किया गया है। लेकिन पूरे पौधे या कच्चे Cannabis उत्पादों में सक्रिय घटकों की मात्रा हमेशा एक जैसी नहीं होती। यही कारण है कि किसी व्यक्ति द्वारा ली गई मात्रा का प्रभाव दूसरे व्यक्ति से अलग हो सकता है।

क्या भांग दर्द में मदद कर सकती है?

दर्द कम करने के संदर्भ में Cannabis पर काफी शोध हुआ है। कुछ अध्ययनों में विशेष रूप से नर्व से जुड़े दर्द यानी Neuropathic Pain में संभावित लाभ के संकेत मिले हैं। लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण इतने मजबूत नहीं हैं कि हर तरह के दर्द के लिए Cannabis को सामान्य इलाज माना जाए।

अगर किसी व्यक्ति को लगातार दर्द रहता है तो उसे डॉक्टर से कारण की जांच करवानी चाहिए। केवल भांग का इस्तेमाल करके दर्द को दबाना बीमारी के मूल कारण को छिपा सकता है।

यही वजह है कि दर्द के इलाज के लिए किसी भी Cannabis उत्पाद का इस्तेमाल खुद से शुरू करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

भूख बढ़ाने से भी जुड़ा है इसका इस्तेमाल

Cannabis के कुछ घटकों का भूख पर प्रभाव देखा गया है। आधुनिक चिकित्सा में THC से संबंधित कुछ दवाओं का इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में किया जाता है, जैसे कुछ मरीजों में भूख बढ़ाने या विशेष उपचारों से जुड़ी मतली को नियंत्रित करने के लिए।

लेकिन यहां भी चिकित्सकीय रूप से तैयार और निर्धारित दवा तथा कच्चे Cannabis या भांग के सेवन के बीच अंतर करना जरूरी है।

चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में सक्रिय घटकों की मात्रा और खुराक नियंत्रित होती है, जबकि पारंपरिक या अनियंत्रित उत्पादों में इनकी मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

क्या भांग से तनाव कम होता है?

कुछ लोग Cannabis लेने के बाद आराम या मूड में बदलाव महसूस कर सकते हैं। लेकिन इसे तनाव या मानसिक स्वास्थ्य समस्या का सुरक्षित इलाज मानना सही नहीं है।

Cannabis का असर व्यक्ति और मात्रा के अनुसार अलग हो सकता है। कुछ लोगों में इसके सेवन से बेचैनी, घबराहट, भ्रम या अत्यधिक संदेह जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

इसलिए तनाव, चिंता या नींद की समस्या के लिए खुद से भांग लेना उचित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। लगातार तनाव या चिंता की स्थिति में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

भांग का अधिक सेवन क्यों हो सकता है खतरनाक?

भांग या Cannabis का सबसे बड़ा जोखिम इसके मानसिक प्रभावों से जुड़ा है। अधिक मात्रा लेने पर व्यक्ति को भ्रम, घबराहट, तेज धड़कन, बेचैनी, अत्यधिक संदेह या मतिभ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खासकर खाने-पीने वाले Cannabis उत्पादों में प्रभाव देर से शुरू हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति यह सोचकर दोबारा ज्यादा मात्रा ले सकता है कि पहली मात्रा का असर नहीं हुआ। इसके बाद अचानक प्रभाव काफी ज्यादा हो सकता है।

नियमित इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों में Cannabis Use Disorder भी विकसित हो सकता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति सेवन पर नियंत्रण खोने लगे और नुकसान होने के बावजूद इसे छोड़ न पाए।

दिमाग पर भी पड़ सकता है असर

Cannabis मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित कर सकता है जो स्मृति, ध्यान, सीखने, निर्णय लेने और प्रतिक्रिया क्षमता से जुड़े होते हैं।

विशेष रूप से किशोरों और युवाओं के विकासशील मस्तिष्क को लेकर चिंता अधिक है। कम उम्र में Cannabis के इस्तेमाल से जुड़े संभावित नुकसान को लेकर वैज्ञानिक समुदाय लगातार अध्ययन कर रहा है।

यही वजह है कि बच्चों और किशोरों को Cannabis से दूर रखना बेहद जरूरी है।

दिल और ब्लड प्रेशर पर भी असर

Cannabis के इस्तेमाल के बाद कुछ लोगों में दिल की धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर में तत्काल बदलाव हो सकता है। हृदय और रक्त वाहिकाओं पर इसके लंबे समय के प्रभावों को लेकर अभी भी शोध जारी है।

जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्या है, उनके लिए बिना डॉक्टर की सलाह Cannabis का इस्तेमाल विशेष रूप से सावधानी का विषय है।

अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, तेज धड़कन, सांस लेने में परेशानी या चक्कर जैसी समस्या होती है तो इसे सामान्य न समझकर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

सेवन के बाद गाड़ी चलाना हो सकता है खतरनाक

भांग या Cannabis लेने के बाद वाहन चलाना भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसके कारण प्रतिक्रिया देने की गति धीमी हो सकती है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और शरीर का समन्वय तथा चीजों को समझने का तरीका बदल सकता है।

कई बार व्यक्ति को लगता है कि वह पूरी तरह सामान्य है, लेकिन उसकी प्रतिक्रिया क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए Cannabis के प्रभाव में वाहन चलाने से बचना जरूरी है।

घरेलू नुस्खों को लेकर भी सावधानी जरूरी

ग्रामीण और पारंपरिक चिकित्सा में भांग के पत्तों से जुड़े कुछ घरेलू नुस्खों का उल्लेख सुनने को मिलता है। इनमें सिरदर्द, दर्द या दूसरी समस्याओं में बाहरी इस्तेमाल जैसी बातें शामिल हो सकती हैं।

लेकिन ऐसे पारंपरिक उपायों की प्रभावशीलता हर व्यक्ति में समान हो, यह जरूरी नहीं है। कान में दर्द या संक्रमण जैसी समस्या में किसी भी पौधे का रस सीधे कान में डालना उचित नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि गलत उपचार से संक्रमण बढ़ सकता है या कान को नुकसान पहुंच सकता है।

इसी तरह माइग्रेन जैसी समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बार-बार सिरदर्द होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय सही चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

भांग के बीज और पौधे में अंतर समझें

भांग के बीजों को लेकर भी अक्सर भ्रम होता है। Cannabis पौधे के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रसायनों की मात्रा और प्रभाव अलग हो सकते हैं। इसलिए बीजों के पोषण संबंधी इस्तेमाल को सीधे THC वाले Cannabis उत्पादों के प्रभाव के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

किसी भी उत्पाद को केवल “प्राकृतिक” देखकर यह मान लेना कि वह पूरी तरह सुरक्षित है, सही तरीका नहीं है। प्राकृतिक पदार्थ भी शरीर पर सक्रिय प्रभाव डाल सकते हैं और गलत मात्रा में नुकसान पहुंचा सकते हैं।

गर्भावस्था में विशेष सावधानी

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान Cannabis से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जो लोग मानसिक स्वास्थ्य की दवाएं, नींद की दवाएं, दर्द की दवाएं या अन्य नियमित दवाएं लेते हैं, उन्हें Cannabis या उससे बने उत्पादों के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

Cannabis को शराब या अन्य नशीले पदार्थों के साथ लेने से शरीर पर पड़ने वाला प्रभाव और जोखिम बढ़ सकता है।

क्या भांग को औषधि माना जा सकता है?

इस सवाल का जवाब सीधे तौर पर केवल “हां” या “नहीं” में नहीं दिया जा सकता। Cannabis के कुछ घटकों से बनी कुछ दवाओं के विशिष्ट चिकित्सीय उपयोग स्थापित हैं। कुछ दवाओं का इस्तेमाल विशेष प्रकार की मिर्गी, कुछ स्थितियों में मतली या अन्य चिकित्सकीय समस्याओं में डॉक्टर की निगरानी में किया जाता है।

लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बाजार में मिलने वाली या पारंपरिक तरीके से तैयार की गई भांग हर व्यक्ति के लिए औषधि है।

भांग में संभावित औषधीय गुणों के साथ वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम भी मौजूद हैं। इसलिए इसे ताकत बढ़ाने, तनाव दूर करने या किसी बीमारी का इलाज करने के लिए खुद से लेना सही नहीं है। किसी चिकित्सकीय उद्देश्य से इस्तेमाल की जरूरत हो तो योग्य डॉक्टर या संबंधित चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित रास्ता है।

भांग को लेकर समाज में लंबे समय से दो अलग-अलग धारणाएं रही हैं। एक तरफ इसे नशे से जोड़ा जाता है, तो दूसरी तरफ पारंपरिक चिकित्सा में इसके कुछ उपयोगों का उल्लेख मिलता है। आधुनिक शोध भी Cannabis के कुछ घटकों के संभावित चिकित्सीय उपयोगों की जांच कर रहा है, लेकिन इसके साथ मानसिक, हृदय, मस्तिष्क और निर्भरता से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इसलिए “प्राकृतिक है तो सुरक्षित है” वाली सोच से बचना जरूरी है। भांग का इस्तेमाल किसी बीमारी, दर्द, तनाव या ताकत बढ़ाने के उद्देश्य से करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।

खासकर बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी या दवा का सेवन करने वाले लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए। सही जानकारी और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के बिना किसी भी सक्रिय औषधीय पौधे का सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

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