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'नहीं करूंगी, जाओ...' घायल मरीजों को देखने की बात पर भड़कीं डॉक्टर, बहस का VIDEO वायरल



मुरैना/अंबाह। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह सिविल अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क हादसे में घायल होकर अस्पताल पहुंचे एक ही परिवार के तीन लोगों को देखने की मांग को लेकर कथित तौर पर डॉक्टर और मरीज के अटेंडर के बीच बहस हो गई। इस दौरान डॉक्टर के नाराज होकर वहां से चले जाने का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला गुरुवार शाम का बताया जा रहा है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में एक महिला डॉक्टर और मरीज के साथ आए लोगों के बीच बातचीत होती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अटेंडर डॉक्टर से घायल मरीज को देखने के लिए कह रहा था। इसी दौरान बातचीत ने बहस का रूप ले लिया और डॉक्टर कथित तौर पर नाराज होकर मरीज को नहीं देखने की बात कहते हुए अंदर चली गईं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर सामने आए अलग-अलग वीडियो के कारण मामले की तस्वीर कुछ जटिल भी नजर आती है।

सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग घायल

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम परीक्षत का पुरा गांव के पास सड़क हादसा हुआ था। हादसे में एक ही परिवार के रामौतार, रामसेवक और अंकित सिकरवार घायल हो गए। हादसे के बाद तीनों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अंबाह लाया गया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था।

परिजन और अटेंडर घायल मरीजों की स्थिति को लेकर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर से जांच कराने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान डॉक्टर और अटेंडर के बीच बातचीत हुई। बताया गया है कि उस समय डॉक्टर कुछ कागजी कार्रवाई कर रही थीं और उन्होंने मरीज को अपने पास लाने के लिए कहा। वहीं, अटेंडर की ओर से डॉक्टर से मरीज के बेड तक जाकर देखने का आग्रह किया जा रहा था।

इसी बातचीत के दौरान मामला गरमा गया।

मरीज को देखने की मांग पर बढ़ी बहस

रिपोर्ट के अनुसार, घायल मरीजों के अटेंडर ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आरती दंडोतिया से मरीज को देखने के लिए कहा। डॉक्टर की ओर से मरीज को लाने की बात कही गई, जबकि अटेंडर बार-बार डॉक्टर से मरीज के पास जाकर उसे देखने का आग्रह करता रहा।

बातचीत के दौरान स्थिति ऐसी हो गई कि डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गईं। इसके बाद उन्होंने इलाज करने से इनकार करते हुए वहां से अंदर जाने की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम का करीब 9 सेकंड का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद लोग अस्पताल में मरीजों के साथ होने वाले व्यवहार और आपात स्थिति में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो बहुत छोटा है, इसलिए केवल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

वायरल वीडियो के बाद सामने आया दूसरा वीडियो

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के अलावा एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में वही डॉक्टर घायल मरीजों को उनके बेड पर जाकर चेक करती हुई दिखाई दे रही हैं।

यही वजह है कि पूरे मामले को केवल वायरल हुए छोटे वीडियो के आधार पर देखना मुश्किल है। पहले वीडियो में डॉक्टर और अटेंडर के बीच बहस दिखाई देती है, जबकि दूसरे वीडियो में डॉक्टर मरीजों की जांच करती नजर आती हैं।

ऐसे में यह स्पष्ट करने के लिए कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, मरीजों की स्थिति क्या थी और डॉक्टर ने उस समय इलाज से इनकार क्यों किया, संबंधित अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक जांच या बयान महत्वपूर्ण हो सकता है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

घटना का छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में अस्पताल का माहौल और डॉक्टर तथा मरीज के साथ आए व्यक्ति के बीच बातचीत दिखाई देती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि सड़क हादसे में घायल मरीजों को देखने की मांग किए जाने पर डॉक्टर नाराज हो गईं।

सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के वायरल होने के बाद अक्सर घटनाक्रम का एक हिस्सा ही लोगों के सामने आता है। ऐसे में वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ सेकंड को पूरे मामले का आधार मानना सही नहीं माना जा सकता। इस मामले में भी दूसरा वीडियो सामने आने के बाद घटनाक्रम के दूसरे पक्ष पर चर्चा शुरू हो गई है।

सरकारी अस्पताल में मरीजों की देखभाल का सवाल

सड़क हादसे जैसे मामलों में घायल व्यक्ति और उसके परिवार के लिए अस्पताल तक पहुंचना बेहद तनावपूर्ण स्थिति होती है। दुर्घटना के बाद मरीज को दर्द, चोट और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में परिजन डॉक्टर से मरीज की स्थिति देखने और आवश्यक उपचार शुरू करने की उम्मीद करते हैं।

दूसरी ओर, अस्पताल में डॉक्टरों पर भी एक साथ कई मरीजों को देखने और जरूरी चिकित्सकीय तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने का दबाव हो सकता है। इसलिए किसी विवाद को समझने के लिए मरीज की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति, उस समय अस्पताल में मौजूद स्टाफ और पूरी बातचीत जैसे तथ्यों को देखना जरूरी होता है।

अंबाह के इस मामले में भी वायरल वीडियो ने एक सवाल जरूर खड़ा किया है कि आखिर उस समय घायल मरीजों को लेकर डॉक्टर और अटेंडर के बीच विवाद किस वजह से हुआ।

क्या डॉक्टर ने बाद में मरीजों की जांच की?

सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे वीडियो में डॉक्टर घायल मरीजों को उनके बेड पर जाकर चेक करती दिखाई दे रही हैं। यह तथ्य पहले वायरल वीडियो से अलग तस्वीर पेश करता है।

यानी सोशल मीडिया पर वायरल हुए पहले वीडियो में डॉक्टर के नाराज होकर अंदर जाने की स्थिति दिखाई देती है, जबकि बाद में सामने आए वीडियो में मरीजों की जांच करते हुए दृश्य नजर आते हैं।

इसलिए पूरे मामले में यह कहना कि डॉक्टर ने घायल मरीजों का बिल्कुल इलाज नहीं किया, उपलब्ध वीडियो के आधार पर पूरी तरह स्थापित नहीं होता। रिपोर्ट में भी दोनों वीडियो सामने आने की बात कही गई है।

जांच के बाद सामने आ सकती है पूरी सच्चाई

इस घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अस्पताल में उस समय वास्तव में क्या हुआ था। क्या मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी? डॉक्टर और अटेंडर के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ? डॉक्टर ने कुछ समय के लिए मरीज को क्यों नहीं देखने की बात कही? और बाद में मरीजों की जांच किस परिस्थिति में की गई?

इन सवालों के जवाब संबंधित अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलने वाले आधिकारिक बयान अथवा जांच से ही स्पष्ट हो सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इतना सामने आया है कि सड़क हादसे में घायल तीन लोगों को अंबाह सिविल अस्पताल लाया गया था और उनके इलाज को लेकर डॉक्टर तथा अटेंडर के बीच विवाद हुआ। इस दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद दूसरा वीडियो भी सामने आया, जिसमें डॉक्टर घायल मरीजों की जांच करती दिखाई दे रही हैं।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा

अंबाह सिविल अस्पताल की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अस्पताल से जुड़ा कोई छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद किस तरह तेजी से चर्चा का विषय बन सकता है। ऐसे मामलों में वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों और वास्तविक घटनाक्रम के बीच अंतर हो सकता है।

इस मामले में भी एक ओर डॉक्टर के नाराज होने का वीडियो है, तो दूसरी ओर मरीजों की जांच करते हुए दूसरा वीडियो सामने आया है। इसलिए फिलहाल दोनों पक्षों और पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखकर ही मामले को समझना उचित होगा।

घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और उस समय घायल मरीजों को किस तरह की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

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