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जयपुर जा रही थी शिक्षिका, चलती बस में अचानक हुआ कुछ ऐसा… 40 दिन बाद खुला पूरा मामला



आगरा से एक महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। जयपुर जा रही एक शिक्षिका ने चलती बस में तीन अज्ञात युवकों पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, घटना के दौरान उन्होंने विरोध किया और मदद के लिए आवाज भी उठाई, लेकिन बस में मौजूद अन्य यात्रियों की ओर से उन्हें समय पर सहायता नहीं मिली।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है, जबकि पुलिस में प्राथमिकी बाद में दर्ज हुई। महिला ने 26 अगस्त को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने उनसे संपर्क किया और करीब 40 दिन बाद रकाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब उस बस और आरोपित बताए जा रहे यात्रियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

लखनऊ से आगरा पहुंचने के बाद बस में बैठीं महिला

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला एक कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षिका हैं और जयपुर में रहती हैं। 12 अगस्त को वह लखनऊ से लौट रही थीं। लखनऊ से यात्रा करने के बाद वह आगरा के आईएसबीटी पहुंचीं।

इसके बाद उन्होंने ऑटो के जरिए ईदगाह क्षेत्र का रुख किया। वहां से उन्होंने जयपुर जाने वाली एक ट्रैवल एजेंसी की बस में सवार होने की जानकारी दी है। महिला के मुताबिक, बस में दो दर्जन से ज्यादा यात्री मौजूद थे और वह पीछे की ओर एक सीट पर बैठी थीं।

शुरुआत में यात्रा सामान्य थी। लेकिन रास्ते में बस एक ढाबे पर रुकी। चालक द्वारा बस रोकने के बाद कई यात्री चाय-नाश्ता करने के लिए नीचे उतर गए। इसी दौरान तीन युवक महिला की सीट के आसपास आकर बैठ गए।

तीन युवकों पर लगातार घूरने का आरोप

महिला ने पुलिस को बताया कि बस के ढाबे से रवाना होने के बाद तीन युवक उनकी सीट के आसपास मौजूद रहे। उनका आरोप है कि तीनों युवक लगातार उनकी तरफ देख रहे थे, जिसके कारण वह असहज महसूस करने लगीं।

महिला के अनुसार, कुछ देर बाद उन्हीं में से एक युवक उनकी सीट के पास आकर खड़ा हो गया। आरोप है कि अचानक वह युवक महिला के ऊपर गिर पड़ा।

महिला ने इस हरकत का विरोध किया। शिकायत के अनुसार, विरोध करने के बाद भी युवक ने गंभीरता नहीं दिखाई और हंसने लगा। इसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन निकाला और किसी व्यक्ति से बातचीत करने लगा।

महिला ने लगाया दुष्कर्म की कोशिश का आरोप

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि घटना केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं थी। उनका कहना है कि आरोपित युवक ने उनके साथ दुष्कर्म की कोशिश भी की।

महिला के मुताबिक, उन्होंने विरोध किया और अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। लेकिन उनका आरोप है कि बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने उस समय हस्तक्षेप नहीं किया।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि एक युवक ने उन्हें धक्का दिया और फिर उनके ऊपर गिर गया। विरोध करने पर वह हंसने लगा। महिला ने दूसरे युवक को डांटा तो वह फोन पर बातचीत करने लगा।

पुलिस अब महिला द्वारा लगाए गए इन आरोपों की जांच कर रही है।

घटना के बाद घर पहुंचीं, फिर ऑनलाइन की शिकायत

महिला के अनुसार, यात्रा पूरी होने के बाद वह अपने घर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।

पुलिस के मुताबिक, महिला ने 26 अगस्त को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद जांचकर्ता ने महिला से संपर्क किया और मामले से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

बाद में महिला पुलिस के संपर्क में आईं और रकाबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में थाने पहुंचने और तहरीर मिलने की तारीख को लेकर अंतर है, लेकिन पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

40 दिन बाद FIR, पुलिस के सामने बस की पहचान बड़ी चुनौती

इस मामले की जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस बस की पहचान करना है, जिसमें महिला ने यात्रा की थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के पास बस का नंबर उपलब्ध नहीं है। वह यात्रा का टिकट भी पुलिस को उपलब्ध नहीं करा सकीं। इसी वजह से घटना के समय इस्तेमाल हुई बस की पहचान करना जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 12 अगस्त को आगरा से जयपुर की ओर जाने वाली किन-किन ट्रैवल एजेंसी की बसों का संचालन हुआ था। इसके बाद उन बसों की सूची तैयार कर संबंधित यात्रियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।

ट्रैवल एजेंसियों से जुटाई जा रही जानकारी

पुलिस ने संबंधित ट्रैवल एजेंसियों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 12 अगस्त को ईदगाह क्षेत्र से जयपुर के लिए कौन-कौन सी बसें रवाना हुई थीं।

पुलिस बस के रूट, संचालन के समय और यात्रियों से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। इसके अलावा ईदगाह बस अड्डे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाई गई है।

पुलिस का उद्देश्य पहले उस बस की पहचान करना है और उसके बाद बस में मौजूद यात्रियों तथा महिला द्वारा बताए गए युवकों की पहचान करने का प्रयास करना है।

पुलिस ने शुरू की CCTV फुटेज की जांच

मामले में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अगर 12 अगस्त को ईदगाह क्षेत्र में लगे कैमरों में महिला के बस में सवार होने की तस्वीरें मिलती हैं, तो उससे संबंधित बस की पहचान में मदद मिल सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बस किस ट्रैवल एजेंसी की थी और उसका संचालन किस समय हुआ था। इसके बाद बस के स्टाफ तथा यात्रियों से पूछताछ की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस ने आरोपों को लेकर जांच शुरू कर दी है और बस तथा आरोपित यात्रियों की पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत में देरी को लेकर भी जांच

मामले में शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी भी जांच का एक हिस्सा है। घटना 12 अगस्त की बताई गई है, जबकि महिला ने 26 अगस्त को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस से संपर्क हुआ और लगभग 40 दिन बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।

पुलिस के सामने यह भी सवाल है कि महिला ने घटना के बाद तत्काल स्थानीय थाने में शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई। हालांकि शिकायत में देरी अपने आप में आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं करती। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

पुलिस ने महिला के पति से भी संपर्क किया

जांच के दौरान पुलिस ने महिला के पति से भी संपर्क किया है। पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, महिला मूल रूप से गाजियाबाद की रहने वाली हैं और पिछले कुछ समय से जयपुर में रह रही हैं। उनके दो बच्चे होने की जानकारी भी सामने आई है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में महिला और उनके पति के बीच वैवाहिक विवाद तथा तलाक की कार्यवाही का भी उल्लेख किया गया है। ये व्यक्तिगत परिस्थितियां मामले के आरोपों की सत्यता का स्वतः निर्धारण नहीं करतीं; पुलिस की जांच का मुख्य विषय बस में हुई कथित घटना और आरोपित व्यक्तियों की पहचान है।

अब पुलिस की जांच पर टिकी नजर

फिलहाल रकाबगंज पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच टीम बस की पहचान, ट्रैवल एजेंसी के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संभावित यात्रियों की जानकारी जुटाने में लगी है।

इस मामले में आगे की कार्रवाई आरोपितों की पहचान और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने 12 अगस्त को किस बस में यात्रा की थी और उस बस में कौन-कौन लोग मौजूद थे।

महिला द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश के आरोपों की पुष्टि अभी जांच का विषय है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपितों की भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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