ट्रंप की ईरान को खुली धमकी के बाद बढ़ा खतरा! क्या आज रात होने वाला है बड़ा हमला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमले का जवाब दिया जाएगा और अमेरिका अब बेहद सख्त कार्रवाई कर सकता है। उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप ने एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान ईरान के खिलाफ संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को कड़ा जवाब देने जा रहा है। ट्रंप के इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका की अगली कार्रवाई कितनी बड़ी होगी और उसका निशाना कौन-कौन से इलाके हो सकते हैं।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने संभावित सैन्य कार्रवाई का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए हमले के समय और लक्ष्य को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
जॉर्डन में ईरान की ओर से दागी गईं मिसाइलें
ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है जब जॉर्डन की सेना ने बताया कि ईरान की ओर से उसके क्षेत्र की तरफ कई मिसाइलें दागी गईं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, आठ मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के कारण यह घटनाक्रम बेहद गंभीर माना जा रहा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
अमेरिका का दावा है कि ज्यादातर मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही रोक लिया। इससे बड़े नुकसान की आशंका कम हुई। हालांकि, ईरान ने अपने हमले को प्रभावी बताते हुए अलग दावा किया है।
अमेरिका ने पहले ईरान पर किया था हमला
मौजूदा तनाव की शुरुआत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से हुई। अमेरिका ने ईरान के लाराक द्वीप के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था।
अमेरिका की ओर से इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा से जोड़कर देखा गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री गतिविधियों को लेकर खतरा पैदा किया जा रहा था।
अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई सीमित और रणनीतिक थी। वहीं ईरान ने अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कार्रवाई बताया।
इसके बाद ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमला किए जाने का दावा किया गया।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। ईरानी पक्ष का कहना है कि इन हमलों में अमेरिकी सैन्य ढांचे और लड़ाकू विमानों से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने अपनी कार्रवाई को अमेरिकी हमले का जवाब बताया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई करता है तो ईरान जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
क्या अमेरिका आज रात कर सकता है बड़ा हमला?
ट्रंप के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका अगला हमला कब करेगा।
ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई का संकेत जरूर दिया है, लेकिन उन्होंने हमले की तारीख, समय या संभावित लक्ष्य की जानकारी नहीं दी है।
ऐसे में सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्टों में चल रही अटकलों को आधिकारिक जानकारी नहीं माना जा सकता। अमेरिका की अगली कार्रवाई का स्वरूप स्पष्ट होने के बाद ही स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
UAE तक पहुंचा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव जॉर्डन तक सीमित नहीं है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा भी किया है।
ईरानी पक्ष के अनुसार, उसने UAE में मौजूद अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों के खिलाफ ड्रोन कार्रवाई की। हालांकि, UAE ने अमेरिकी एयरबेस पर हमले के दावे को खारिज किया है।
UAE की ओर से बताया गया कि उसके क्षेत्रीय जल के ऊपर आए एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया।
इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि यदि तनाव बढ़ता है तो पश्चिम एशिया के कई देश इसकी चपेट में आ सकते हैं।
ट्रंप ने ईरान की स्थिति पर भी उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य बयानबाजी के साथ-साथ उसकी आर्थिक और सैन्य स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।
ट्रंप ने ईरान को गंभीर संकट से गुजरता हुआ देश बताया और दावा किया कि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हो चुकी है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप भी लगाए।
ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है और इन्हें फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। दुनिया की नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी है।
यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर यहां सैन्य तनाव बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
इसका असर भारत सहित दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल महंगा होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
ईरान ने भी युद्ध से बचने की बात कही
एक तरफ अमेरिका की ओर से कड़े जवाब की चेतावनी दी जा रही है तो दूसरी तरफ ईरान की ओर से यह संदेश भी दिया गया है कि वह युद्ध नहीं चाहता।
हालांकि, ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर उस पर हमला किया जाता है तो उसे जवाब देने का अधिकार है।
यही स्थिति फिलहाल पश्चिम एशिया को बेहद संवेदनशील बना रही है। बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सैन्य कार्रवाई के कारण तनाव लगातार बढ़ रहा है।
दुनिया की नजर ट्रंप के अगले कदम पर
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे तनाव ने अब एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। पहले अमेरिकी कार्रवाई, फिर ईरान की जवाबी मिसाइलें और अब ट्रंप की कड़े जवाब की चेतावनी ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है।
जॉर्डन में मिसाइलों को हवा में रोके जाने के बाद यह साफ है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी चेतावनी के बाद क्या कदम उठाते हैं।
क्या अमेरिका ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करेगा? क्या ईरान इसका और कड़ा जवाब देगा? या फिर दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद बातचीत का कोई रास्ता निकलेगा?
फिलहाल इन सवालों का जवाब स्पष्ट नहीं है। लेकिन इतना जरूर है कि ट्रंप की चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं और आने वाले घंटों में अमेरिका के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

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