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रोज खा रहे हैं ये 10 'हेल्दी' चीजें? एक्सपर्ट बोले- धीरे-धीरे बढ़ सकता है फैटी लिवर और शुगर का खतरा

 


नई दिल्ली: आजकल फिट रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की चाह में लोग "हेल्दी" लिखे हुए कई खाद्य पदार्थ खरीद लेते हैं। लेकिन क्या हर वह चीज जो पैकेट पर "लो फैट", "शुगर फ्री", "मल्टीग्रेन" या "नेचुरल" लिखी हो, वास्तव में उतनी ही स्वास्थ्यवर्धक होती है? पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा जरूरी नहीं है।

कई अल्ट्रा-प्रोसेस्ड (अत्यधिक प्रसंस्कृत) खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त चीनी, नमक, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट या अन्य ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो अधिक मात्रा में और लंबे समय तक सेवन करने पर वजन बढ़ने, फैटी लिवर, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ से अकेले बीमारी नहीं होती। कुल खानपान, जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि और आनुवंशिक कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

"हेल्दी" का मतलब हमेशा स्वस्थ नहीं होता

डायटीशियन बताते हैं कि खाद्य कंपनियां अक्सर आकर्षक लेबल का उपयोग करती हैं। इसलिए केवल पैकेट पर लिखे दावों के बजाय पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Facts) और सामग्री (Ingredients) की सूची पढ़ना भी जरूरी है।

यदि किसी उत्पाद में अतिरिक्त चीनी, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, अत्यधिक नमक या संतृप्त वसा अधिक मात्रा में हो, तो उसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।

1. पैकेज्ड फ्रूट जूस

बहुत से लोग मानते हैं कि पैकेट वाला जूस ताजे फलों जितना ही फायदेमंद होता है।

लेकिन कई पैकेज्ड जूस में अतिरिक्त चीनी होती है और उनमें फलों का प्राकृतिक फाइबर भी कम होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जहां संभव हो, पूरा फल खाना जूस पीने से बेहतर विकल्प माना जाता है।

2. फ्लेवर्ड योगर्ट

दही स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाले कई फ्लेवर्ड योगर्ट में स्वाद बढ़ाने के लिए अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है।

यदि नियमित रूप से अधिक चीनी वाला योगर्ट खाया जाए, तो यह अतिरिक्त कैलोरी का स्रोत बन सकता है।

3. ग्रेनोला

ग्रेनोला को फिटनेस फूड माना जाता है।

हालांकि कुछ तैयार ग्रेनोला में शहद, चीनी, सिरप और अतिरिक्त तेल काफी मात्रा में हो सकते हैं।

इसीलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

4. एनर्जी ड्रिंक

कई युवा थकान दूर करने के लिए एनर्जी ड्रिंक पीते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इनमें कैफीन और चीनी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है।

अधिक सेवन से कुछ लोगों में दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी और नींद की समस्या हो सकती है।

5. लो-फैट बिस्कुट और स्नैक्स

"लो फैट" लिखा होने का मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह स्वस्थ है।

कुछ उत्पादों में स्वाद बनाए रखने के लिए अतिरिक्त चीनी या स्टार्च मिलाया जाता है।

इसलिए केवल "लो फैट" देखकर खरीदारी करना सही नहीं माना जाता।

6. मल्टीग्रेन ब्रेड

हर मल्टीग्रेन ब्रेड समान नहीं होती।

कुछ ब्रेड मुख्य रूप से मैदा से बनी होती हैं और उनमें थोड़ी मात्रा में अलग-अलग अनाज मिलाकर "मल्टीग्रेन" लिखा जाता है।

पूरे अनाज (Whole Grain) वाली ब्रेड बेहतर विकल्प हो सकती है।

7. इंस्टेंट ओट्स

ओट्स पोषक भोजन है, लेकिन फ्लेवर्ड इंस्टेंट ओट्स में अतिरिक्त नमक, चीनी या कृत्रिम फ्लेवर हो सकते हैं।

सादा ओट्स चुनकर उसमें फल या मेवे मिलाना अधिक संतुलित विकल्प हो सकता है।

8. प्रोटीन बार

जिम जाने वाले कई लोग प्रोटीन बार खाते हैं।

लेकिन कुछ प्रोटीन बार में चॉकलेट, चीनी और संतृप्त वसा भी काफी मात्रा में हो सकती है।

खरीदने से पहले पोषण संबंधी जानकारी पढ़ना जरूरी है।

9. शुगर-फ्री उत्पाद

शुगर-फ्री का अर्थ हमेशा कैलोरी-फ्री नहीं होता।

कुछ उत्पादों में अन्य प्रकार के कार्बोहाइड्रेट या कृत्रिम मिठास होती है।

इनका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

10. डाइट नमकीन और चिप्स

कुछ स्नैक्स पर "बेक्ड" या "डाइट" लिखा होता है, लेकिन उनमें सोडियम काफी अधिक हो सकता है।

अधिक नमक का सेवन लंबे समय में उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ा सकता है।

फैटी लिवर क्या है?

फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में सामान्य से अधिक वसा जमा होने लगती है।

इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं—

  • मोटापा

  • टाइप-2 डायबिटीज

  • अधिक चीनी का सेवन

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • असंतुलित भोजन

शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते।

किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

यदि निम्न समस्याएं लगातार बनी रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित हो सकता है—

  • लगातार थकान

  • पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन

  • तेजी से वजन बढ़ना

  • ब्लड शुगर बढ़ना

  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ना

हालांकि ये लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं।

स्वस्थ विकल्प क्या हैं?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं—

  • ताजे फल खाएं।

  • हरी सब्जियां शामिल करें।

  • साबुत अनाज चुनें।

  • पर्याप्त प्रोटीन लें।

  • बिना अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थ चुनें।

  • पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।

लेबल पढ़ना क्यों जरूरी है?

खरीदारी करते समय इन बातों पर ध्यान दें—

  • Added Sugar

  • Sodium

  • Saturated Fat

  • Total Calories

  • Ingredients List

यदि चीनी या सिरप शुरुआती सामग्री में शामिल हो, तो उसका सेवन सीमित करना बेहतर हो सकता है।

क्या केवल खानपान से ही फैटी लिवर होता है?

नहीं।

डॉक्टरों के अनुसार कई अन्य कारण भी भूमिका निभाते हैं—

  • आनुवंशिक कारण

  • मोटापा

  • इंसुलिन रेजिस्टेंस

  • व्यायाम की कमी

  • कुछ दवाइयां

इसलिए संतुलित जीवनशैली सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

बचाव के आसान उपाय

  • रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।

  • मीठे पेय कम लें।

  • प्रोसेस्ड फूड सीमित करें।

  • पर्याप्त नींद लें।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।

हर "हेल्दी" दिखने वाला पैकेज्ड खाद्य पदार्थ वास्तव में उतना स्वास्थ्यवर्धक नहीं होता। कई उत्पादों में अतिरिक्त चीनी, नमक या अन्य तत्व हो सकते हैं, जिनका अधिक और नियमित सेवन असंतुलित आहार का हिस्सा बनने पर फैटी लिवर, टाइप-2 डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम में योगदान दे सकता है।

स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है—ताजा और संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सोच-समझकर खाद्य पदार्थों का चयन। यदि आपको लिवर, ब्लड शुगर या वजन से जुड़ी चिंता है, तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय योग्य डॉक्टर या पंजीकृत डायटीशियन से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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