नाग पंचमी पर पूजा करते-करते अचानक चीख पड़ी महिला! हाथ पर सांप ने काटा, फिर सपेरे के बारे में खुला ऐसा राज कि पुलिस भी पहुंच गई मौके पर
नाग पंचमी के पावन पर्व पर देशभर में सोमवार को नागदेवता की पूजा-अर्चना की गई। इस दिन कई जगहों पर लोग नाग देवता की पूजा करते हैं और सांपों के दर्शन को शुभ मानते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के देवास जिले में नाग पंचमी की पूजा के दौरान एक ऐसी घटना हो गई, जिसने वहां मौजूद लोगों को हिलाकर रख दिया। पूजा के दौरान एक महिला को सांप ने अचानक काट लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि यह घटना देवास के विकास नगर इलाके की है। यहां नाग पंचमी के अवसर पर एक सपेरा सांप लेकर पहुंचा था। परिवार की महिला ऋषिका, जो अक्षय चौहान की पत्नी बताई जा रही हैं, सांप की पूजा कर रही थीं। इसी दौरान सांप ने अचानक उनके हाथ पर काट लिया। कुछ ही पलों में वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। परिजनों ने बिना समय गंवाए महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
पूजा के दौरान अचानक हुआ हमला
नाग पंचमी के मौके पर परिवार में धार्मिक माहौल था। पूजा के लिए सपेरे द्वारा लाए गए सांप को सामने रखा गया था और महिला परंपरा के अनुसार उसकी पूजा कर रही थीं। इसी दौरान सांप ने अचानक महिला के हाथ पर हमला कर दिया।
घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सांप के काटने के बाद महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया। परिवार के लोग इस घटना से बेहद घबरा गए थे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सांप के काटने के बाद उसकी प्रजाति की तत्काल पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में महिला को किस प्रकार के सांप ने काटा, यह स्पष्ट नहीं था। यही वजह है कि घटना के बाद चिकित्सा निगरानी और उपचार को लेकर परिवार की चिंता और बढ़ गई।
जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
परिवार के लोग महिला को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। शुरुआती स्तर पर डॉक्टरों की ओर से महिला की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई थी। ऐसे मामलों में सांप की प्रजाति की पहचान, काटने की जगह, लक्षण और मरीज की स्थिति के आधार पर चिकित्सा टीम निगरानी करती है।
परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि सांप जहरीला था या नहीं। चूंकि घटना के समय सांप की प्रजाति की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई थी, इसलिए महिला को अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी था।
विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी सांप के काटने की घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सांप जहरीला है या नहीं, इसका अंदाजा केवल देखकर लगाना हमेशा संभव नहीं होता। इसलिए सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
पुलिस ने सपेरे को पकड़ा
घटना की सूचना पुलिस तक पहुंचने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने उस सपेरे को हिरासत में लिया, जो सांप लेकर पूजा कराने के लिए पहुंचा था। उसके पास मौजूद सांप को भी जब्त किया गया।
बाद में सांप को वन विभाग की टीम को सौंपे जाने की बात सामने आई है, ताकि उसकी पहचान की जा सके और उसे उचित तरीके से संभाला जा सके।
पूछताछ में सपेरे के बारे में यह जानकारी सामने आई कि उसने कथित तौर पर एक दिन पहले जंगल से सांप पकड़ा था। यदि यह जानकारी जांच में सही साबित होती है तो मामला सिर्फ एक महिला के सांप काटने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वन्यजीवों को पकड़ने और उन्हें लोगों के बीच ले जाने से जुड़े नियमों पर भी सवाल खड़े होंगे।
नशे में होने की बात ने बढ़ाई चिंता
मामले में एक और गंभीर बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार घटना के समय सपेरा कथित तौर पर शराब के नशे में था। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी, लेकिन अगर यह बात सही पाई जाती है तो यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर लापरवाही का मामला बन सकता है।
सांप जैसे संवेदनशील और खतरनाक वन्यजीव को संभालते समय व्यक्ति का पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी होता है। ऐसे में नशे की हालत में सांप को लोगों के बीच लेकर जाना जोखिम को और बढ़ा सकता है।
यह घटना इस बात पर भी सवाल खड़े करती है कि धार्मिक आयोजनों में जीवित वन्यजीवों को प्रदर्शित करने या पूजा के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति और निगरानी किस तरह हो रही है।
नाग पंचमी पर जीवित सांपों को लेकर बहस
नाग पंचमी धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन नाग देवता की पूजा की परंपरा देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीके से निभाई जाती है। कई लोग सांप की प्रतिमा, तस्वीर या प्रतीकात्मक रूप से नाग देवता की पूजा करते हैं।
लेकिन कुछ स्थानों पर आज भी जीवित सांपों को पूजा के लिए सामने लाने की परंपरा देखने को मिलती है। वन्यजीव विशेषज्ञ और पशु कल्याण से जुड़े संगठन लंबे समय से ऐसी गतिविधियों को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों को पकड़ना, उन्हें लंबे समय तक कैद रखना, भीड़ के बीच प्रदर्शित करना या उनके साथ छेड़छाड़ करना उनके लिए तनाव और चोट का कारण बन सकता है।
देवास की घटना ने इसी बहस को एक बार फिर सामने ला दिया है।
पूजा के नाम पर सांप के साथ खिलवाड़ कितना सुरक्षित?
धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन किसी भी धार्मिक आयोजन के दौरान इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा जरूरी है। सांप स्वभाव से जंगली जीव हैं और उनके व्यवहार का अनुमान हमेशा नहीं लगाया जा सकता।
सांप शांत दिखाई दे रहा हो, तब भी अचानक हमला कर सकता है। खासकर जब उसे पकड़कर रखा गया हो, भीड़ के बीच लाया गया हो या उसके शरीर को छुआ जा रहा हो।
देवास की घटना इसी खतरे की एक तस्वीर सामने रखती है। महिला पूजा कर रही थीं, लेकिन कुछ ही क्षणों में स्थिति बदल गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
इस घटना से यह संदेश भी निकलता है कि नाग पंचमी पर नागदेवता की पूजा करने के लिए जीवित सांप को हाथ में लेना या उसके बेहद करीब जाना जरूरी नहीं है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी
सांपों के विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील करते हैं कि घर, खेत या सड़क पर सांप दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें। उसे मारने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग की मदद लेनी चाहिए।
बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण उनके बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में घर के आसपास साफ-सफाई रखना, रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करना और जमीन पर हाथ डालने से पहले सावधानी बरतना उपयोगी हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। काटे गए हिस्से को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, तेज कसाव वाली पट्टी बांधना या झाड़-फूंक में समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है।
सांप की प्रजाति की पहचान अब भी अहम
देवास मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक यह है कि महिला को किस प्रजाति के सांप ने काटा था। रिपोर्टों के अनुसार जब्त किए गए सांप की पहचान की प्रक्रिया की जा रही है।
सांप की पहचान जांच और उपचार के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, मरीज के इलाज में केवल सांप की पहचान पर निर्भर नहीं किया जाता। डॉक्टर मरीज के लक्षणों और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर उपचार करते हैं।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि सांप को पकड़कर लोगों के बीच लाना कितनी बड़ी जिम्मेदारी है। अगर सांप की प्रजाति और उसके व्यवहार की जानकारी ही स्पष्ट न हो तो जोखिम और बढ़ सकता है।
नाग पंचमी के दिन हुई घटना ने बढ़ाए सवाल
17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयोग भी रहा, जिसके कारण इस दिन देश के कई हिस्सों में धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलीं।
ऐसे शुभ अवसर पर देवास से सामने आई यह घटना लोगों को सावधानी का संदेश देती है। धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए भी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
नाग पंचमी का उद्देश्य नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति सम्मान से जुड़ा है। ऐसे में सांपों को नुकसान पहुंचाना या खुद को खतरे में डालना इस भावना के विपरीत हो सकता है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस द्वारा सपेरे को हिरासत में लिए जाने और सांप को वन विभाग को सौंपे जाने की बात सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी।
यह भी जांच का विषय हो सकता है कि सपेरे ने सांप कहां से पकड़ा, उसे अपने पास क्यों रखा था, क्या उसके पास ऐसा करने की अनुमति थी और पूजा के लिए उसे लोगों के बीच लाने की परिस्थितियां क्या थीं।
अगर नशे में होने की बात भी जांच में सही पाई जाती है, तो यह घटना और गंभीर रूप ले सकती है।
देवास में नाग पंचमी के दिन पूजा के दौरान महिला को सांप द्वारा डसे जाने की घटना ने धार्मिक आयोजन, वन्यजीव सुरक्षा और जनसुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया और उनका इलाज शुरू किया गया। वहीं पुलिस ने सपेरे को हिरासत में लेकर सांप को जब्त कर वन विभाग की निगरानी में सौंप दिया है।
इस घटना से सबसे बड़ा संदेश यही है कि नाग पंचमी पर नागदेवता की पूजा आस्था के साथ की जा सकती है, लेकिन जीवित सांप को पकड़ना या उसके बेहद करीब जाकर पूजा करना जरूरी नहीं है। सांप वन्यजीव हैं और उनके साथ किसी भी तरह की लापरवाही इंसान और सांप दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।
धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा और इंसानी जीवन की सावधानी को प्राथमिकता देना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

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