‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?’ एथेनॉल के विरोध पर BJP सांसद का बयान वायरल
नई दिल्ली: पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में जारी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन मिश्रा का एक बयान चर्चा में आ गया है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए सांसद ने बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल का विरोध करने वालों को जवाब देते हुए कहा, “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा। जब देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं।” सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसको लेकर बहस तेज हो गई है।
एथेनॉल के विरोध पर भड़के सांसद
दरअसल, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा चल रही है। देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, कुछ वाहन मालिक और लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सबसे बड़ी चिंता वाहनों के माइलेज और इंजन की क्षमता को लेकर जताई जाती है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल का विरोध करने वालों पर सवाल उठाया।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब देश में शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध ही नहीं है तो केवल शुद्ध पेट्रोल की मांग करने का क्या मतलब है।
ब्राजील का भी किया जिक्र
सांसद ने एथेनॉल के इस्तेमाल को समझाने के लिए ब्राजील का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में एथेनॉल को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
भारत में भी एथेनॉल उत्पादन और पेट्रोल में इसके मिश्रण को बढ़ावा देने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। इसका एक प्रमुख उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है।
इसके अलावा एथेनॉल उत्पादन से किसानों और चीनी उद्योग को भी लाभ मिलने की बात कही जाती है।
क्या होता है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल का मतलब ऐसे पेट्रोल से है जिसमें अधिकतम 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाता है। भारत में पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को धीरे-धीरे बढ़ाने की नीति अपनाई गई है।
सरकार का तर्क है कि एथेनॉल मिश्रण बढ़ने से पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे देश में उत्पादित एथेनॉल के लिए बाजार भी उपलब्ध होता है।
हालांकि, दूसरी तरफ कुछ वाहन मालिकों की चिंता है कि पुराने वाहनों में अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस
जनार्दन मिश्रा का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके बयान को एथेनॉल के समर्थन में दिया गया स्पष्ट जवाब बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके शब्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
खास तौर पर “तुम्हारे बाप के यहां से आएगा” जैसी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस शुरू हो गई है।
सांसद के इस बयान ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
पेट्रोल-एथेनॉल की बहस कितनी लंबी चलेगी?
भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर बहस आने वाले समय में भी जारी रहने की संभावना है। सरकार जहां इसे ऊर्जा सुरक्षा, आयात निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानती है, वहीं वाहन मालिकों की ओर से माइलेज और वाहन की लंबी अवधि की क्षमता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
ऐसे में BJP सांसद जनार्दन मिश्रा का यह बयान राजनीतिक बहस के साथ-साथ पेट्रोल और एथेनॉल के मुद्दे को भी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।
अब देखना होगा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की नीति आगे किस दिशा में जाती है और वाहन मालिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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