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आज रात चीन में क्या होने वाला है? बीजिंग पर मंडराया 24 घंटे का सबसे बड़ा खतरा!



चीन में टाइफून डॉल्फिन का असर अब गंभीर होता दिखाई दे रहा है। पूर्वी और मध्य चीन में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव के बाद अब राजधानी बीजिंग पर भी अत्यधिक बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, डॉल्फिन से जुड़ी नमी और उत्तर चीन में मौजूद ठंडी हवाओं के मेल से बीजिंग तथा आसपास के इलाकों में बेहद भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। राजधानी में अगले 24 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं और प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीजिंग में 24 घंटे के दौरान होने वाली संभावित बारिश शहर की सामान्य वार्षिक बारिश के एक बड़े हिस्से के बराबर हो सकती है। कई इलाकों में 150 मिलीमीटर से ज्यादा और कुछ स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में शहर की जल निकासी व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव पड़ सकता है।

बीजिंग के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

बीजिंग चीन का एक बेहद घनी आबादी वाला और आधुनिक महानगर है। यहां सड़कों, मेट्रो, फ्लाईओवर, अंडरपास और भूमिगत ढांचे का विशाल नेटवर्क है। सामान्य बारिश से निपटने के लिए शहर में व्यापक जल निकासी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन जब बहुत कम समय में असाधारण मात्रा में बारिश होती है तो किसी भी महानगर के लिए हालात मुश्किल हो सकते हैं।

मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार, मंगलवार शाम से बारिश तेज होने की संभावना है और इसका असर बुधवार तक जारी रह सकता है। खासकर बुधवार सुबह से रात के बीच बारिश की तीव्रता ज्यादा रहने की आशंका है। इस दौरान कम समय में बड़ी मात्रा में पानी गिर सकता है।

ऐसी बारिश को केवल सामान्य मानसूनी बारिश समझना ठीक नहीं होगा। जब किसी शहर में कुछ घंटों के भीतर अत्यधिक पानी गिरता है तो जमीन की पानी सोखने की क्षमता सीमित हो जाती है। इसके बाद पानी तेजी से सड़कों, नालों और नदियों की ओर बहने लगता है। यही स्थिति अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का कारण बन सकती है।

24 घंटे में 150 से 200 मिलीमीटर तक बारिश का खतरा

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बीजिंग के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी ज्यादा रह सकती है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के भीतर 150 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में यह आंकड़ा 200 मिलीमीटर से भी ऊपर जा सकता है।

बीजिंग के टोंगझोउ, दाशिंग, फंगशान, मेंटोगौ, हुआइरौ और फेंगताई जैसे जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां पहाड़ी क्षेत्र आसपास मौजूद हैं। वहां भारी बारिश के बाद मिट्टी खिसकने, चट्टानों के गिरने और अचानक पानी के तेज बहाव का खतरा बढ़ सकता है।

पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का खतरा

इस मौसम प्रणाली का सबसे खतरनाक पहलू केवल शहरों में जलभराव नहीं है। बीजिंग के आसपास के पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।

जब पहाड़ी ढलानों पर लगातार तेज बारिश होती है तो मिट्टी में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ती है। इससे जमीन की पकड़ कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में मिट्टी और चट्टानें अचानक नीचे की ओर खिसक सकती हैं।

अगर इसी दौरान पहाड़ी नदियों या छोटे जलस्रोतों में पानी अचानक बढ़ जाए तो फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो सकती है। इसमें पानी बेहद तेज गति से नीचे की ओर आता है और लोगों को संभलने का समय तक नहीं मिलता।

इसी वजह से अधिकारियों ने लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।

ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन अलर्ट

भारी बारिश के खतरे को देखते हुए बीजिंग में मौसम संबंधी चेतावनियां जारी की गई हैं। शहर के बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन विभागों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

कुछ संवेदनशील इलाकों में चेतावनी का स्तर बढ़ाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि बारिश शुरू होने से पहले ही बचाव और राहत से जुड़े इंतजाम पूरे कर लिए जाएं।

जल निकासी व्यवस्था, पंपिंग स्टेशन, बाढ़ नियंत्रण दल और आपातकालीन बचाव टीमों को तैयार रखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

बीजिंग जैसे विशाल महानगर में किसी बड़े मौसम संकट से निपटना आसान नहीं होता। यहां करोड़ों लोगों की आवाजाही, मेट्रो सेवाएं, सड़क परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियां मौसम से सीधे प्रभावित हो सकती हैं।

चीन में इस साल का सबसे मजबूत टाइफून बना डॉल्फिन

टाइफून डॉल्फिन पहले चीन के पूर्वी हिस्से की ओर पहुंचा था। इसे इस साल चीन में आने वाले सबसे मजबूत टाइफून में शामिल किया गया। जमीन पर पहुंचने के बाद इसकी ताकत कमजोर हुई और यह ट्रॉपिकल स्टॉर्म की स्थिति में आ गया।

हालांकि तूफान कमजोर जरूर हुआ, लेकिन उसके साथ मौजूद नमी अभी भी चीन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। यही नमी अब उत्तर की ओर बढ़ रही है और दूसरे मौसम तंत्रों के साथ मिलकर भारी बारिश की स्थिति पैदा कर रही है।

यानी डॉल्फिन की ताकत कम होने का मतलब यह नहीं है कि उसका खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। कई बार कमजोर हो चुके तूफान भी अपने साथ मौजूद भारी नमी के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश करा सकते हैं।

शंघाई में पहले ही दिख चुका है असर

डॉल्फिन के प्रभाव का असर चीन के पूर्वी हिस्सों में पहले ही दिखाई दे चुका है। भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी। शंघाई सहित कई इलाकों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई।

भारी मौसम की वजह से विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा और बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द या प्रभावित करना पड़ा। कई इलाकों में प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।

इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कमजोर होता हुआ टाइफून भी अपने पीछे गंभीर मौसम परिस्थितियां छोड़ सकता है।

लाखों लोगों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

पूर्वी चीन के प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने पहले से ही बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पर्यटन स्थलों को बंद किया गया और कुछ क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को भी रोक दिया गया। कई जगहों पर परिवहन सेवाओं को अस्थायी रूप से सीमित किया गया।

अब जब मौसम प्रणाली उत्तर की ओर बढ़ रही है तो बीजिंग और आसपास के क्षेत्रों में भी प्रशासन इसी तरह की सावधानी बरत रहा है।

बीजिंग की जल निकासी व्यवस्था की होगी बड़ी परीक्षा

अगर अनुमान के मुताबिक कम समय में 150 से 200 मिलीमीटर या उससे ज्यादा बारिश होती है तो बीजिंग की जल निकासी व्यवस्था की बड़ी परीक्षा होगी।

अंडरपास और निचली सड़कें सबसे पहले प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा मेट्रो के प्रवेश मार्ग, भूमिगत संरचनाएं और निचले इलाके भी संवेदनशील हो सकते हैं।

भारी बारिश के दौरान सड़क दुर्घटनाओं, बिजली से जुड़े हादसों और अचानक पानी बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए प्रशासन के लिए सिर्फ पानी निकालना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना भी जरूरी होगा।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

नदी, नहर और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

वाहन चालकों को भी अंडरपास और पानी से भरी सड़कों से बचने की सलाह दी जा रही है। अगर किसी सड़क पर पानी तेजी से बढ़ रहा हो तो वहां से गुजरने की कोशिश करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

अगले 24 घंटे चीन के लिए बेहद अहम

फिलहाल चीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डॉल्फिन अपनी शुरुआती ताकत खोने के बावजूद बड़ी मात्रा में नमी छोड़ रहा है। यही नमी अब उत्तर की ओर बढ़कर बीजिंग और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की वजह बन सकती है।

राजधानी में यदि अनुमान के मुताबिक 150 से 200 मिलीमीटर या उससे ज्यादा बारिश होती है तो शहर की सड़कों, नदियों, जल निकासी व्यवस्था और पहाड़ी क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि मौसम पूर्वानुमान संभावित परिस्थितियों का संकेत देते हैं और वास्तविक बारिश की मात्रा तथा उसका स्थान बदल सकता है। इसलिए इसे निश्चित रूप से किसी प्राकृतिक सुनामी के बराबर बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा। लेकिन कम समय में अत्यधिक बारिश की आशंका को देखते हुए स्थिति को गंभीर जरूर माना जा रहा है।

टाइफून डॉल्फिन भले ही अपनी शुरुआती ताकत खो चुका हो, लेकिन उसकी छोड़ी हुई नमी अब चीन के लिए नई मुसीबत बनती दिखाई दे रही है। बीजिंग में मंगलवार रात से शुरू होने वाला भारी बारिश का दौर आने वाले घंटों में प्रशासन, शहर की जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तैयारियों की बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।

चीन की राजधानी के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि भारी बारिश सिर्फ जलभराव तक सीमित रहती है या फिर यह बाढ़, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी गंभीर परिस्थितियों में बदलती है। प्रशासन की तैयारियों के बावजूद प्राकृतिक मौसम की ताकत के सामने चुनौती बड़ी है और इसी वजह से लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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