चलती कार में महिला के साथ आखिर क्या हुआ? बेटे समेत सड़क पर फेंके जाने के बाद खुला ऐसा राज, जानकार रह जाएंगे दंग!
गोरखपुर/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और जौनपुर से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में भरण-पोषण दिलाने के नाम पर एक महिला को हाई कोर्ट ले जाने वाले युवक ने चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला ने विरोध किया तो युवक और उसकी महिला साथी ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद महिला और उसके दो वर्षीय बेटे को जौनपुर जिले में चलती कार से नीचे फेंकने का आरोप है।
महिला का आरोप है कि सड़क पर गिरने के बाद युवक ने नीचे उतरकर ईंट से उस पर हमला किया और उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घटना के बाद राहगीरों ने महिला की मदद की और उसे उपचार दिलाया। होश में आने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी।
मामले में गीडा थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर रवि प्रताप सिंह और ज्योति मिश्रा के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटना की सच्चाई और आरोपों की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।
पति के खिलाफ पहले से चल रहा है मुकदमा
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला मूल रूप से देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वर्तमान में वह गोरखपुर के झंगहा क्षेत्र के एक गांव में रह रही है।
महिला ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रखा है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसी सिलसिले में उसे अक्सर गोरखपुर की दीवानी कचहरी आना-जाना पड़ता था।
इसी दौरान महिला की पहचान गीडा सेक्टर पांच में किराये के मकान में रहने वाली ज्योति मिश्रा से हुई। महिला के मुताबिक, बाद में वह ज्योति के घर घरेलू काम करने लगी थी। इसी काम से मिलने वाली आमदनी से वह अपना और अपने दो वर्षीय बेटे का पालन-पोषण कर रही थी।
महिला का कहना है कि उसे ज्योति पर भरोसा था और इसी भरोसे के चलते वह उसके साथ जाने के लिए तैयार हुई।
हाई कोर्ट ले जाने की बात कहकर कार में बैठाया
महिला के मुताबिक, 7 अगस्त को ज्योति मिश्रा ने उससे कहा कि वह अपने दोस्त रवि प्रताप सिंह के साथ प्रयागराज हाई कोर्ट जा रही है और महिला को भी साथ चलने को कहा।
उसे कथित तौर पर बताया गया कि पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में उसे भरण-पोषण दिलाने में मदद की जाएगी। महिला को उम्मीद थी कि न्यायालय से संबंधित मामले में उसकी सहायता हो सकती है।
इसी भरोसे के चलते वह अपने दो वर्षीय बेटे के साथ रवि और ज्योति की कार में बैठ गई।
तीनों प्रयागराज के लिए रवाना हुए। महिला के अनुसार, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि लौटते समय उसके साथ ऐसी घटना होने वाली है।
वापसी के दौरान खरीदी बीयर
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रयागराज से लौटते समय रवि और ज्योति ने रास्ते में बीयर की छह बोतलें खरीदीं।
आरोप है कि दोनों कार में ही शराब पीने लगे। इसके बाद उन्होंने महिला को भी शराब पिलाने का प्रयास किया, लेकिन उसने शराब पीने से इनकार कर दिया।
महिला के मुताबिक, इसके बाद कार में ही रवि ने उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत शुरू कर दी।
जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि रवि ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।
विरोध करने पर कपड़े फाड़ने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने युवक की हरकत का विरोध किया तो रवि ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि इस दौरान रवि की महिला मित्र ज्योति मिश्रा ने भी उसका साथ दिया और दोनों ने मिलकर महिला की कुर्ती फाड़ दी।
महिला के मुताबिक, उसने लगातार विरोध किया और अपने छोटे बेटे को बचाने की कोशिश की।
इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई।
महिला और बच्चे को सड़क पर फेंकने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि रवि और ज्योति ने उसे उसके दो वर्षीय बेटे के साथ कार से नीचे फेंक दिया।
महिला के मुताबिक, वह सड़क पर गिरने के बाद बुरी तरह घायल हो गई और कुछ समय तक बेहोशी की हालत में पड़ी रही। उसके छोटे बच्चे को लेकर भी वह बेहद चिंतित थी।
घटना किस स्थान पर हुई, इसे लेकर पुलिस की टीम जांच कर रही है। महिला के बयान के अनुसार घटना जौनपुर जिले के इलाके में हुई थी।
कार से नीचे फेंके जाने के बाद आरोपी कथित तौर पर वहां से फरार हो गए।
राहगीरों ने की मदद
सड़क पर महिला को घायल अवस्था में देखकर कुछ राहगीर वहां रुके। उन्होंने उसकी मदद की और उपचार की व्यवस्था कराई।
महिला के अनुसार, होश में आने के बाद उसने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की मदद से वह वापस गोरखपुर पहुंची और गीडा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
महिला ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मोबाइल फोन तोड़ने का भी आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कार से नीचे फेंकने के बाद युवक ने उसके साथ दोबारा मारपीट की।
आरोप है कि युवक ने सड़क किनारे पड़ी ईंट से महिला पर हमला किया। इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया।
अगर जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह घटना केवल यौन अपराध के प्रयास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें मारपीट, धमकी और अन्य अपराधों की धाराएं भी लागू हो सकती हैं।
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
महिला की तहरीर के आधार पर गीडा थाना पुलिस ने रवि प्रताप सिंह और ज्योति मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और धमकी से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
अधिकारियों के अनुसार, अभी मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वास्तव में कहां हुई और कार किस रास्ते से प्रयागराज से गोरखपुर की ओर लौट रही थी।
प्रयागराज और जौनपुर भेजी गई पुलिस टीम
एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, घटना की तस्दीक और आरोपों की जांच के लिए पुलिस की टीम प्रयागराज और जौनपुर भेजी गई है।
पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के दायरे में आ सकती है।
अगर कार की पहचान और उसकी आवाजाही से जुड़े डिजिटल या तकनीकी साक्ष्य मिलते हैं तो वे जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार और मोबाइल की जांच भी अहम
मामले में जिस कार का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है, उसकी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस कार की पहचान, उसके मालिकाना रिकॉर्ड और घटना वाले दिन उसकी आवाजाही की जानकारी जुटा सकती है।
इसके अलावा महिला का टूटा हुआ मोबाइल फोन भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। मोबाइल से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर पुलिस को घटनाक्रम समझने में मदद मिल सकती है।
इसी तरह रास्ते में आने वाले पेट्रोल पंप, दुकानों, टोल प्लाजा और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी जांच में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
महिला ने जिस भरोसे पर यात्रा की, वही बना आरोपों का केंद्र
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिला और आरोपी पक्ष के बीच पहले से मौजूद परिचय बताया जा रहा है।
महिला के मुताबिक, वह ज्योति मिश्रा के घर घरेलू काम करती थी और उसे भरोसा था कि वह उसके न्यायालय से जुड़े मामले में मदद कर सकती है।
इसी भरोसे के चलते महिला अपने छोटे बच्चे के साथ उनके साथ प्रयागराज जाने के लिए तैयार हुई।
अब पुलिस को यह पता लगाना है कि यात्रा के दौरान वास्तव में क्या हुआ और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
मामला गंभीर होने के बावजूद पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
महिला ने आरोप लगाए हैं और इन्हीं आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर मामले की जांच करेगी।
अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई हो सकती है।
वहीं, गिरफ्तार किए जाने से पहले किसी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता। अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
गोरखपुर की महिला को पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में भरण-पोषण दिलाने में मदद के नाम पर प्रयागराज ले जाने और वापसी के दौरान उसके साथ कथित अपराध का यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
महिला का आरोप है कि कार में शराब पीने के बाद युवक ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसकी महिला साथी ने भी कथित तौर पर उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद महिला और उसके दो वर्षीय बेटे को जौनपुर क्षेत्र में कार से नीचे फेंकने और महिला पर ईंट से हमला करने का आरोप है।
गीडा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रयागराज और जौनपुर में पुलिस टीम भेजी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले की असली तस्वीर जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही सामने आएगी।

कोई टिप्पणी नहीं