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समंदर में फंसा US Warship, हजारों सैनिकों पर मंडराया खतरा! 6 के समुद्र में कूदने की खबर से मचा हड़कंप



ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के सबसे बड़े विमानवाहक पोतों में शामिल USS Abraham Lincoln को लेकर गंभीर खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से समुद्र में तैनात इस युद्धपोत पर मौजूद हजारों अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर परिवारों ने चिंता जताई है। रिपोर्टों के मुताबिक, लंबे समय तक घर और बंदरगाह से दूर रहने के कारण जहाज पर तनाव, थकान और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं।

सबसे चिंताजनक दावा यह है कि जहाज पर तैनात कुछ सैनिकों ने कथित तौर पर समुद्र में कूदकर जान देने की कोशिश की। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन घटनाओं की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं और अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी की बात को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे "6 सैनिकों ने समुद्र में छलांग लगा दी" जैसे दावों को सावधानी से देखना जरूरी है।

250 दिनों से ज्यादा समय से समुद्र में है युद्धपोत

USS Abraham Lincoln पिछले कई महीनों से लगातार समुद्र में तैनात है। यह जहाज अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, जहाज नवंबर 2025 में अपनी तैनाती पर निकला था और बाद में इसे मध्य पूर्व की ओर भेज दिया गया।

अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली USNI News की जुलाई रिपोर्ट के अनुसार, Abraham Lincoln Carrier Strike Group अरब सागर में ऑपरेशन Epic Fury के समर्थन में तैनात था।

लंबी तैनाती का सबसे बड़ा असर जहाज पर मौजूद जवानों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है। सामान्य परिस्थितियों में भी विमानवाहक पोत पर रहना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन युद्ध के दौरान लगातार ऑपरेशनल ड्यूटी और लंबे समय तक बंदरगाह से दूर रहना तनाव को और बढ़ा सकता है।

करीब 5 हजार जवानों पर बढ़ता दबाव

USS Abraham Lincoln पर करीब 5,000 नौसैनिकों और मरीन की मौजूदगी बताई जाती है। अमेरिकी नौसेना की एक आधिकारिक जानकारी में भी जहाज पर करीब 5,000 Sailors के नेतृत्व का उल्लेख मिलता है।

हालिया रिपोर्टों में जहाज पर भोजन, पानी, सैनिटेशन, प्लंबिंग, मेडिकल सहायता और मानसिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को लेकर शिकायतों का जिक्र किया गया है। परिवारों का आरोप है कि लंबे समय से घर वापस नहीं लौट पाने और तैनाती की अवधि लगातार बढ़ने से कई जवान बेहद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गए हैं।

कुछ परिवारों ने यह भी बताया कि उनके रिश्तेदारों का वजन काफी कम हुआ है और वे मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहे हैं।

समुद्र में कूदने की खबर ने बढ़ाई चिंता

सबसे ज्यादा चिंता उन रिपोर्टों से पैदा हुई है जिनमें कहा गया कि कुछ सैनिकों ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों ने ऐसे मामलों की जानकारी दी है और कुछ नाविकों द्वारा कथित तौर पर ओवरबोर्ड जाने की कोशिश की बात सामने आई है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों ने वास्तव में समुद्र में छलांग लगाई, कितने मामलों में कोशिश की गई और कितने मामलों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इसलिए छह सैनिकों के समुद्र में कूदने वाले दावे को फिलहाल पुष्ट तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

अमेरिकी नौसेना ने भी कथित आत्मघाती व्यवहार में बढ़ोतरी के दावे को लेकर अलग रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

परिवारों ने सरकार पर उठाए सवाल

जहाज पर मौजूद जवानों के परिवारों ने अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रही तैनाती का असर जवानों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है, लेकिन उनकी शिकायतों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

कुछ परिवारों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने जहाज की तैनाती को लेकर चिंता को खारिज करते हुए कहा कि यह तैनाती अभी पर्याप्त लंबी नहीं हुई है, जबकि हेगसेथ ने खराब परिस्थितियों से जुड़ी रिपोर्टों को गलत तरीके से पेश किया गया बताया।

इन बयानों के बाद सैनिकों के परिवारों और प्रशासन के बीच तनाव और बढ़ गया है।

जहाज पर भोजन और पानी को लेकर भी शिकायतें

लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर रसद पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। युद्ध क्षेत्र के करीब होने के कारण नियमित पोर्ट विजिट संभव नहीं होती। इसके चलते ताजा भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति जटिल हो सकती है।

रिपोर्टों में भोजन की कमी, खाने के लिए लंबी कतारों, खराब शौचालयों और पानी से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इन दावों के कुछ हिस्सों को चुनौती दी है और कहा है कि सैनिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

युद्ध के बीच क्यों नहीं लौट रहा जहाज?

USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान के खिलाफ चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान है। युद्ध के दौरान विमानवाहक पोत अमेरिकी नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म होते हैं, क्योंकि इनसे लड़ाकू विमान संचालित किए जा सकते हैं और समुद्र से दूर स्थित लक्ष्यों पर सैन्य अभियान चलाया जा सकता है।

USNI News के अनुसार, Abraham Lincoln Carrier Strike Group को प्रशांत क्षेत्र से हटाकर मध्य पूर्व में ऑपरेशन के लिए लगाया गया था।

यही कारण है कि जहाज के चालक दल की तैनाती सामान्य समय से काफी लंबी हो गई है।

अब राहत की तैयारी

बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी नौसेना USS Abraham Lincoln को राहत देने की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, USS George Washington को इसके स्थान पर भेजा जा रहा है।

इसका उद्देश्य लंबे समय से तैनात चालक दल को राहत देना और जहाज को वापस लौटने का अवसर देना है। हालांकि, युद्ध की परिस्थितियों में किसी भी सैन्य तैनाती का समय बदल सकता है।

क्या सच में 5 हजार सैनिक मौत के करीब हैं?

यह सवाल इस पूरी खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से यह जरूर पता चलता है कि USS Abraham Lincoln पर लंबे समय से तैनात जवानों को लेकर मानसिक स्वास्थ्य, थकान, भोजन, पानी और रहने की परिस्थितियों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।

लेकिन "5,000 अमेरिकी सैनिक मौत के करीब हैं" कहना फिलहाल उपलब्ध तथ्यों से साबित नहीं होता। इसी तरह "6 सैनिकों ने समुद्र में छलांग लगाई" वाला दावा भी विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों से स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं है।

असल तस्वीर यह है कि लंबे समय तक युद्ध क्षेत्र में तैनाती ने अमेरिकी नौसैनिकों पर गंभीर दबाव डाला है और कुछ कथित ओवरबोर्ड घटनाओं ने चिंता को और बढ़ा दिया है। अब अमेरिका के सामने चुनौती सिर्फ ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने की नहीं, बल्कि अपने हजारों जवानों की सुरक्षा, मानसिक सेहत और लंबे समय तक युद्ध क्षेत्र में तैनाती के असर को संभालने की भी है।

जैसे-जैसे USS Abraham Lincoln को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इस बात पर नजर रहेगी कि अमेरिकी नौसेना अपने जवानों की स्थिति को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने लाती है।

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