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सोना खरीदने वालों के लिए आज का दिन बेहद अहम! ₹1.54 लाख के नीचे फिसला Gold, चांदी भी धड़ाम—Fed के फैसले के बाद क्या होगा?



नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में इस समय तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारतीय बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट तक निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर बनी हुई है। हालांकि, एक जरूरी अपडेट यह है कि फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स 19 अगस्त 2026 को जारी हो चुके हैं, इसलिए 20 अगस्त को बाजार इन मिनट्स के संकेतों को पचाने की कोशिश कर रहा है।

फेड की जुलाई बैठक में ब्याज दर को 3.50% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखा गया था, लेकिन बैठक के मिनट्स में अधिकारियों के बीच महंगाई को लेकर चिंता और आगे ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को लेकर मतभेद सामने आए। तीन अधिकारियों ने 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया था।

यही वजह है कि सोने और चांदी के बाजार में आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने दिखाया तेज उतार-चढ़ाव

फेड मिनट्स से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में काफी हलचल रही। 19 अगस्त को सोने ने दिन के दौरान तेज उछाल दर्ज किया और एक समय यह करीब ढाई महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने को मजबूती मिली।

हालांकि, सोने की चाल पूरी तरह एकतरफा नहीं है। एक तरफ सुरक्षित निवेश की मांग और भू-राजनीतिक तनाव इसे सहारा दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर फेड का सख्त रुख सोने पर दबाव डाल सकता है।

यानी आने वाले दिनों में सोने की कीमत के लिए डॉलर, बॉन्ड यील्ड, फेड की नीति और वैश्विक तनाव सबसे बड़े ट्रिगर बने रह सकते हैं।

फेड मिनट्स में क्या निकला?

फेडरल रिजर्व की 28-29 जुलाई की बैठक के मिनट्स में महंगाई को लेकर चिंता प्रमुख रूप से सामने आई। कई अधिकारियों का मानना था कि अगर महंगाई अपेक्षा से अधिक बनी रहती है तो भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

बैठक में फेड ने ब्याज दरों को तत्काल बदलने का फैसला नहीं किया था। लेकिन तीन सदस्यों ने दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। इससे बाजार को यह संकेत मिला कि फेड के भीतर महंगाई और ब्याज दरों को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं।

सोने के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ने पर बिना ब्याज वाले सोने की अपील कुछ कम हो सकती है। इसके उलट, दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने को समर्थन मिलता है।

MCX पर सोना ₹1.54 लाख के आसपास

घरेलू वायदा बाजार में भी सोने की कीमतों में दबाव देखा गया। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के मुताबिक MCX पर गोल्ड करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक फिसला। एक रिपोर्ट में MCX गोल्ड के लगभग ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम तक गिरने की जानकारी दी गई है।

यहां ध्यान रखना जरूरी है कि MCX के भाव लगातार बदलते रहते हैं। इसलिए खबर लिखे जाने के समय का भाव और दिन के अंत का भाव अलग हो सकता है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बाजार में एक समय सोना करीब ₹1,54,116 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं घरेलू रिटेल बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,54,410 प्रति 10 ग्राम बताया गया।

चांदी में भी दबाव

सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज उतार-चढ़ाव जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों पर डॉलर, औद्योगिक मांग और ब्याज दरों की उम्मीदों का असर पड़ता है।

घरेलू बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चांदी करीब ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। एक समय MCX पर चांदी लगभग ₹2,30,070 प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की जानकारी दी गई।

रिटेल बाजार में चांदी का भाव लगभग ₹2,31,160 प्रति किलोग्राम के आसपास बताया गया है।

हालांकि, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां कीमतों में अंतर हो सकता है। इसके अलावा GST, मेकिंग चार्ज, स्थानीय टैक्स और ज्वेलरी की डिजाइन के कारण ग्राहक को मिलने वाली अंतिम कीमत वायदा या स्पॉट रेट से अलग हो सकती है।

24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का क्या भाव?

खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत समझना जरूरी है।

उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार:

  • 24 कैरेट सोना: करीब ₹1,54,410 प्रति 10 ग्राम

  • 22 कैरेट सोना: करीब ₹1,41,543 प्रति 10 ग्राम

  • 18 कैरेट सोना: करीब ₹1,15,808 प्रति 10 ग्राम

  • चांदी: करीब ₹2,31,160 प्रति किलोग्राम

ये दरें संकेतात्मक हैं। वास्तविक खरीदारी के समय शहर, ज्वेलर, टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण कीमत अलग हो सकती है।

सोने में गिरावट क्यों आती है?

सोने की कीमत कई वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करती है। इनमें अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति सबसे महत्वपूर्ण हैं।

जब बाजार को लगता है कि अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल सकता है। इससे सोने पर दबाव आता है।

इसके उलट यदि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है, डॉलर कमजोर होता है या वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर खरीद सकते हैं।

19 अगस्त को भी यही विरोधाभासी संकेत दिखाई दिए। फेड की महंगाई संबंधी चिंता के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी ने सोने को मजबूती दी। रॉयटर्स के मुताबिक 19 अगस्त को सोने में 3% से अधिक की तेजी भी दर्ज हुई थी।

चांदी की चाल सोने से ज्यादा तेज क्यों होती है?

चांदी केवल निवेश की धातु नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की मांग रहती है।

इसलिए चांदी पर एक साथ दो तरह के कारकों का असर पड़ता है—निवेश की मांग और औद्योगिक मांग।

इसी वजह से कई बार चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा तेज उतार-चढ़ाव दिखाई देता है। मौजूदा समय में भी ब्याज दरों की अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चांदी के बाजार को प्रभावित कर रही हैं।

क्या अभी सोना खरीदना सही है?

अगर आप शादी, निवेश या किसी दूसरे उद्देश्य के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल एक दिन की गिरावट देखकर पूरा निवेश करने से बचना बेहतर हो सकता है।

सोने की कीमतें इस समय कई बड़े वैश्विक संकेतकों से प्रभावित हो रही हैं। फेड के रुख, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं में बदलाव से कीमत तेजी से बदल सकती है।

ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए निवेश की तुलना में मेकिंग चार्ज और शुद्धता भी महत्वपूर्ण हैं। खरीदारी से पहले हॉलमार्क, कैरेट, मेकिंग चार्ज और अंतिम बिल जरूर जांचना चाहिए।

आगे किस दिशा में जा सकता है बाजार?

फेड के जुलाई मिनट्स से यह स्पष्ट है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के भीतर महंगाई को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। कई अधिकारी जरूरत पड़ने पर आगे ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।

दूसरी ओर, बाजार में ऐसे संकेत भी हैं जो सोने को समर्थन दे सकते हैं। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव तथा सुरक्षित निवेश की मांग सोने की कीमत को ऊपर ले जा सकती है।

यही वजह है कि आने वाले सत्रों में सोने और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

फिलहाल घरेलू बाजार में सोना ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास के ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रही है। ऐसे में खरीदारों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने शहर का ताजा रिटेल रेट जांचें और केवल बाजार की एक छोटी अवधि की चाल देखकर फैसला न लें।

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