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मालिक को पार्टी के बहाने बुलाया... अगली सुबह मिला ऐसा मंजर कि कांप उठी पुलिस!

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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। एक नौकर ने अपनी पत्नी के कथित प्रेम संबंध से नाराज होकर अपने ही मालिक की इतनी बेरहमी से हत्या कर दी कि सुनने वालों की रूह कांप जाए। आरोप है कि हत्या के बाद शव की पहचान छिपाने के लिए मृतक का सिर धड़ से अलग कर करीब 200 मीटर दूर खेत में दफना दिया गया, जबकि शव को दूसरे स्थान पर गड्ढा खोदकर छिपा दिया गया।

पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

खैराबाद थाना क्षेत्र का मामला

यह सनसनीखेज घटना सीतापुर जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, बहूनगर निवासी भूपई यादव (42) की हत्या 25 जुलाई की रात की गई थी। घटना के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी रही और तकनीकी साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें एक नहीं बल्कि कई लोग शामिल थे।

पत्नी के कथित अफेयर से शुरू हुआ विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, भूपई यादव के यहां ट्यूबवेल पर काम करने वाले राजेश उर्फ राजकुमार को अपनी पत्नी और भूपई के बीच कथित प्रेम संबंध की जानकारी मिली थी।

बताया गया कि पहले राजकुमार ने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की और उससे कहा कि वह भूपई से दूरी बना ले। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद भी हुआ।

जब राजकुमार ने सीधे भूपई से इस संबंध में बात की, तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद राजकुमार ने बदला लेने की ठान ली।

हत्या के लिए रची गई पूरी साजिश

जांच में सामने आया कि राजकुमार ने अकेले हत्या करने के बजाय कथित तौर पर भूपई की महिला मित्र शशि देवी को भी अपने साथ मिला लिया।

पुलिस का दावा है कि शशि देवी को लगा कि भूपई उसके साथ भी धोखा कर रहा है। इसी वजह से वह कथित तौर पर हत्या की साजिश में शामिल हो गई।

इसके बाद शशि देवी के भाई रिंकू को भी योजना में शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, उसे इस साजिश में शामिल करने के लिए 50 हजार रुपये देने की बात कही गई।

पार्टी के बहाने बुलाया

पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई की रात राजकुमार ने भूपई को पार्टी करने के बहाने बुलाया।

पहले उसे शराब पिलाई गई और फिर खेत की ओर ले जाया गया।

जैसे ही मौका मिला, तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर भूपई पर हमला कर दिया। पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और फिर धारदार हथियार (बांका) से उसकी गर्दन काट दी गई।

पहचान छिपाने के लिए सिर अलग दफनाया

हत्या के बाद आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए बेहद खौफनाक तरीका अपनाया।

पुलिस के अनुसार, मृतक का सिर धड़ से अलग कर घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

वहीं शव को दूसरे स्थान पर खेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिया गया।

हत्या में इस्तेमाल किया गया बांका और खून से सने कपड़ों को भी झाड़ियों में फेंक दिया गया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।

पुलिस ने ऐसे खोला पूरा मामला

घटना के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी रही।

पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

उनकी निशानदेही पर पुलिस ने—

  • मृतक का कटा हुआ सिर

  • हत्या में इस्तेमाल किया गया बांका

  • खून से सने कपड़े

बरामद कर लिए।

दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

पुलिस ने इस मामले में शशि देवी और उसके भाई रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है।

हालांकि मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजकुमार अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश में कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जांच में सामने आया पुराना हत्या का मामला

पूछताछ के दौरान पुलिस को इस मामले से जुड़ा एक और चौंकाने वाला तथ्य भी पता चला।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में शशि देवी और भूपई यादव पर शशि के पति गोविंद कुमार की हत्या का आरोप भी लगा था।

उस मामले में लखनऊ के बक्शी का तालाब थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

बताया गया कि उस मामले में शशि देवी जमानत पर बाहर आ गई थी, जबकि भूपई लगभग दो वर्ष पहले जेल से रिहा हुआ था।

हालांकि उस पुराने मामले की न्यायिक स्थिति अलग है और उसका अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय के अधीन है।

पुलिस का बयान

एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में जुटाए गए सभी साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि अभियोजन को और मजबूत बनाया जा सके।

रिश्तों में बढ़ता अविश्वास बना हत्या की वजह?

विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवाद, अविश्वास और गुस्से में लिया गया फैसला कई बार बेहद खतरनाक अपराधों का कारण बन जाता है।

हालांकि किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से ही होना चाहिए। निजी विवाद या कथित रिश्तों के आधार पर हिंसा करना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि कई परिवारों की जिंदगी भी तबाह कर देता है।

इलाके में फैली सनसनी

इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इतनी क्रूर वारदात पहले कभी नहीं देखी।

हत्या का तरीका और शव को छिपाने की योजना सुनकर स्थानीय लोग भी हैरान हैं।

सीतापुर में सामने आया यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कथित प्रेम संबंध, बदले की भावना और सुनियोजित साजिश की भयावह कहानी बनकर सामने आया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सभी तथ्यों और आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।

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