12 अगस्त को मौसम लेगा खतरनाक करवट! 19 राज्यों पर बारिश और तूफान का साया, IMD अलर्ट से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है और बारिश के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। 12 अगस्त 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर तक कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम करवट ले सकता है। बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने से लोगों को परेशानी हो सकती है।
दिल्ली-NCR में बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी सामने आ सकती है। मौसम खराब होने पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
हालांकि सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी बड़े तूफान या अत्यधिक खतरे के दावे को बिना पुष्टि के सच मानना उचित नहीं है। स्थानीय मौसम चेतावनी को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या भी पैदा हो सकती है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है।
राजस्थान में भारी बारिश का खतरा
राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी ज्यादा महत्वपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ों में लगातार बारिश होने पर कमजोर ढलानों से मलबा सड़क पर आ सकता है। इससे यातायात बाधित होने के साथ कई रास्ते अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड में भी सावधानी जरूरी
उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
चारधाम और अन्य पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में भी मौसम बदलेगा
जम्मू-कश्मीर में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है। इसके अलावा कमजोर ढलानों वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है।
बिहार में आंधी और बिजली का खतरा
बिहार में भी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं, इसलिए मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है।
झारखंड में तेज बारिश और हवाओं का अनुमान
झारखंड के कई इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बदलेगा मौसम
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणाली का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है।
ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है और कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
गुजरात के कई इलाकों में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम खराब होने पर खुले स्थानों और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून का प्रभाव बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश और आंधी के दौरान क्या करें?
बारिश और तेज हवाओं के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न जाएं।
पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
जलभराव वाले रास्तों पर पैदल या वाहन से जाने से बचें।
नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर यात्रा न करें।
आंधी के दौरान कमजोर या जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
किसानों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
12 अगस्त के बाद भी देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा।
12 अगस्त को इन राज्यों में ज्यादा सावधानी जरूरी
12 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।
हालांकि हर जिले में खतरे की स्थिति एक जैसी नहीं होगी। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी मौसम चेतावनी को ही सबसे अधिक महत्व दें।

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