दोहरे भूकंप ने मचाई ऐसी तबाही, हजारों इमारतों पर लाल निशान… मौतों का आंकड़ा 6,438
कराकस, 18 अगस्त। वेनेजुएला में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद तबाही का असर अब भी दिखाई दे रहा है। सरकार ने भूकंप से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़े को एक बार फिर अपडेट किया है। नए आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 6,438 हो गई है। पिछले सप्ताह जारी आंकड़े की तुलना में मृतकों की संख्या में 137 का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही हजारों परिवारों के सामने अब भी सुरक्षित आवास और सामान्य जीवन में लौटने की चुनौती बनी हुई है।
सरकार की ओर से सोमवार को जारी किए गए बुलेटिन में राहत और पुनर्वास कार्यों की ताजा स्थिति की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप प्रभावित परिवारों को अब तक 335 घर सौंपे जा चुके हैं। इसके अलावा देशभर में 59,109 इमारतों का निरीक्षण किया गया है। इन निरीक्षणों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि भूकंप के बाद कौन-सी इमारतें रहने के लिए सुरक्षित हैं और किन भवनों में लोगों के प्रवेश पर रोक या प्रतिबंध लगाने की जरूरत है।
हजारों इमारतों पर अब भी खतरा
सरकारी निरीक्षण में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि भूकंप से प्रभावित इमारतों की स्थिति काफी गंभीर है। जांच की गई 59,109 इमारतों में से 34,680 को रहने योग्य घोषित किया गया है। इन भवनों में लोग सुरक्षा मानकों के अनुसार रह सकते हैं।
वहीं, 13,733 इमारतों को प्रतिबंधित पहुंच वाली श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि इन भवनों में प्रवेश या उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। दूसरी ओर, 10,696 इमारतों को उच्च जोखिम वाली इमारतों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन इमारतों में रहना लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
सरकार के पहले के अपडेट में बताया गया था कि प्रभावित परिवारों को 287 से अधिक घर उपलब्ध कराए जा चुके थे और 43,679 इमारतों का मूल्यांकन किया गया था। नए आंकड़े बताते हैं कि इसके बाद राहत और भवन निरीक्षण का अभियान काफी आगे बढ़ा है।
ट्रैफिक लाइट सिस्टम से तय हो रही इमारतों की सुरक्षा
भूकंप के बाद इमारतों की स्थिति को आम लोगों के लिए आसानी से समझने योग्य बनाने के लिए वेनेजुएला सरकार ने ट्रैफिक-लाइट आधारित टैगिंग प्रणाली लागू की है। इसके तहत भवनों की स्थिति को अलग-अलग रंगों के जरिए बताया जा रहा है।
हरे रंग का टैग उन इमारतों पर लगाया जा रहा है जिन्हें जांच के बाद रहने के लिए सुरक्षित पाया गया है। ऐसे भवनों में सामान्य तौर पर लोगों को रहने की अनुमति है।
पीले रंग का टैग प्रतिबंधित पहुंच वाली इमारतों के लिए है। ऐसे भवनों में प्रवेश को सीमित किया जाता है और लोगों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करना पड़ता है।
वहीं लाल रंग का टैग सबसे अधिक जोखिम वाली इमारतों पर लगाया जाता है। इन भवनों को रहने के लिए असुरक्षित माना जाता है। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कुछ इमारतों को भविष्य में गिराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
24 जून को आए थे 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप
वेनेजुएला में 24 जून को दो बड़े भूकंप आए थे। इनकी तीव्रता क्रमश: 7.2 और 7.5 बताई गई। दोनों भूकंपों के केंद्र अलग-अलग इलाकों में थे। पहला भूकंप पश्चिमी राज्य याराकुय में और दूसरा मध्य राज्य ला गुआइरा में आया था।
इन शक्तिशाली झटकों के कारण कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा। बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। तटीय राज्य ला गुआइरा में भूकंप का सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ला गुआइरा में 10,981 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। वहीं राजधानी कराकस में 6,133 और मध्य राज्य मिरांडा में 1,323 लोगों को आश्रय स्थलों में रखा गया है।
हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में
भूकंप के कई सप्ताह बाद भी बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार अपने घरों में वापस नहीं लौट पाए हैं। इसका प्रमुख कारण कई इमारतों की सुरक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता है। जिन भवनों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है, वहां रहने वाले लोगों के सामने स्थायी आवास की समस्या खड़ी हो गई है।
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को नए घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, हजारों लोगों के लिए स्थायी पुनर्वास अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों को भोजन, पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
28 देशों से पहुंची मानवीय सहायता
भूकंप प्रभावित लोगों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता पहुंच रही है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 28 देशों की ओर से उपलब्ध कराई गई मानवीय सहायता के लिए आभार जताया है।
रोड्रिगेज ने कराकस में एक संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया, जहां विदेशों से भेजी गई राहत सामग्री को व्यवस्थित किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस केंद्र में 2,000 टन से अधिक मानवीय सहायता पहुंच चुकी है। इस सामग्री को छांटकर उन अस्थायी शिविरों तक भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां जून के भूकंप से प्रभावित लोगों को रखा गया है।
रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला उन देशों, लोगों और सरकारों का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने मुश्किल समय में सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मदद से प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने में सहायता मिल रही है।
राहत और पुनर्वास के सामने बड़ी चुनौती
वेनेजुएला के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों का स्थायी पुनर्वास और क्षतिग्रस्त इमारतों से जुड़े खतरे को कम करना है। 59 हजार से ज्यादा इमारतों की जांच के बावजूद हजारों भवनों को प्रतिबंधित या उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है।
मृतकों की संख्या में हुआ नया इजाफा भी इस आपदा की गंभीरता को दिखाता है। सरकार को एक ओर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, वहीं दूसरी ओर खतरनाक इमारतों को खाली कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई करनी होगी।
फिलहाल राहत सामग्री को अस्थायी शिविरों तक पहुंचाने का काम जारी है। अंतरराष्ट्रीय सहायता के साथ सरकार पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी है। हालांकि, भूकंप से प्रभावित हजारों परिवारों के लिए पूरी तरह सामान्य जीवन में लौटने की राह अभी लंबी नजर आ रही है।

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