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आखिरी बार बोला था सिर्फ ‘बाबू’... फिर मिली प्रिंसिपल की लाश, 1.54 लाख की नकदी ने खोला हत्या का खौफनाक राज!



नलगोंडा, तेलंगाना। तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक स्कूल प्रिंसिपल की हत्या की जांच ने उस समय चौंकाने वाला मोड़ ले लिया, जब पुलिस का शक स्कूल के छात्रों तक पहुंच गया। हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित कीं और 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई। लेकिन जांच के दौरान एक छोटा-सा शब्द पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया—‘बाबू’

पुलिस के मुताबिक, मृतक प्रिंसिपल रूपा रेड्डी अक्सर अपने छात्रों को प्यार से ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं। हत्या से कुछ समय पहले फोन पर बातचीत के दौरान भी उन्होंने किसी को इसी नाम से संबोधित किया था। इसके बाद जांच की दिशा स्कूल के छात्रों की ओर मुड़ गई।

मामले में पुलिस ने 13 छात्रों से पूछताछ की। इनमें कई ऐसे छात्र थे जो स्कूल दोबारा खुलने के बाद से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। जांच के दौरान दो छात्रों की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। दोनों कथित तौर पर अचानक काफी पैसा खर्च कर रहे थे। एक नाबालिग छात्र के पास से करीब 1.54 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई।

11 अगस्त को हुई थी सनसनीखेज वारदात

मामला नलगोंडा जिले के कोंडामाल्लेपल्ली क्षेत्र का बताया जा रहा है। 50 वर्षीय रूपा रेड्डी नागार्जुन स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थीं। 11 अगस्त को उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद स्कूल को करीब चार दिनों तक बंद रखा गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर लूट के एंगल से भी मामले को देखा गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली और संभावित संदिग्धों की जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या से ठीक पहले रूपा रेड्डी फोन पर अपनी एक रिश्तेदार से बात कर रही थीं। बातचीत खत्म करने से पहले उन्होंने किसी को ‘बाबू’ कहकर संबोधित किया था। यह जानकारी जांच में महत्वपूर्ण साबित हुई, क्योंकि प्रिंसिपल छात्रों को अक्सर इसी संबोधन से बुलाती थीं।

13 छात्रों से पूछताछ, दो पर बढ़ा शक

इस सुराग के बाद पुलिस ने स्कूल के छात्रों की गतिविधियों की जांच शुरू की। करीब 13 छात्रों से पूछताछ की गई। पुलिस का ध्यान खास तौर पर उन छात्रों पर गया, जो स्कूल खुलने के बाद से अनुपस्थित थे।

इन छात्रों में पांच के 10वीं कक्षा में पढ़ने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान दो छात्रों के अचानक अधिक पैसे खर्च करने की बात भी सामने आई। इनमें से एक नाबालिग के पास पुलिस को कथित तौर पर 1 लाख 54 हजार रुपये मिले।

जब पुलिस ने इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछताछ की, तो छात्र ने दावा किया कि यह पैसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, बरामद नोटों पर संदिग्ध खून के निशान दिखाई दिए। इसके बाद नकदी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।

जांच में खून के नमूने को रूपा रेड्डी से जोड़ने की बात सामने आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद दोनों संदिग्ध छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

हत्या से पहले घर की रेकी का दावा

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कथित आरोपियों में से एक ने हत्या से करीब पांच दिन पहले रूपा रेड्डी के घर की रेकी की थी। पुलिस को संदेह है कि उसे जानकारी थी कि स्कूल की फीस से जुड़ी रकम घर पर रखी जा सकती है।

11 अगस्त को जब रूपा रेड्डी स्कूल से अपने घर पहुंचीं, तो कथित तौर पर दोनों आरोपी परिसर में दीवार फांदकर दाखिल हुए। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने चेहरे ढक रखे थे।

हालांकि, वारदात के दौरान कथित तौर पर एक आरोपी का मास्क नीचे गिर गया। इसके कारण रूपा रेड्डी ने उसकी पहचान कर ली। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी।

27 बार चाकू से हमला करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने रूपा रेड्डी पर चाकू से कई वार किए। जांच में उन पर 27 बार चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए।

इस निर्मम वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों के बीच भी घटना को लेकर भय का माहौल बन गया।

पुलिस अब हत्या के पीछे लूट के साथ-साथ व्यक्तिगत रंजिश के एंगल की भी जांच कर रही है।

छात्र को पहले भी लगाई थी फटकार

जांच में हत्या के पीछे कथित व्यक्तिगत नाराजगी का एक और एंगल सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक पहले स्कूल के हॉस्टल में रहता था।

बताया गया है कि रूपा रेड्डी को उसके बैग में नकदी और एक मोबाइल फोन मिला था। इसके बाद उन्होंने छात्र को कथित तौर पर फटकार लगाई थी। बाद में उसे हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर बना दिया गया था।

पुलिस को आशंका है कि इस कार्रवाई से छात्र नाराज था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यही नाराजगी हत्या की साजिश का कारण बनी या इसके पीछे मुख्य मकसद स्कूल की फीस की रकम हासिल करना था।

शराब और बाइक का शौक भी जांच के दायरे में

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध छात्र के बारे में यह भी जानकारी सामने आई कि उसे शराब और मोटरसाइकिल का शौक था। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि उसके पास अचानक इतनी बड़ी रकम कहां से आई और हत्या के बाद उस पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, नकदी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों को आपस में जोड़कर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।

नाबालिग होने के कारण जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में होगी पेशी

पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल संदिग्ध छात्र नाबालिग है। इसलिए उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय व्यवस्था के तहत होगी और उसे जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

हालांकि, जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस हत्या की साजिश में और कितने लोग शामिल थे, हत्या से पहले घर की रेकी किसने की थी और वारदात के बाद नकदी व मोबाइल फोन का क्या हुआ।

रूपा रेड्डी की हत्या का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शुरुआत में पुलिस के सामने कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। लेकिन 70 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध छात्रों की अनुपस्थिति, अचानक खर्च किया जा रहा पैसा और नकदी पर मिले कथित खून के निशानों ने जांच की दिशा बदल दी।

सबसे अहम बात यह रही कि आखिरी बातचीत में इस्तेमाल हुआ एक सामान्य-सा शब्द ‘बाबू’ पुलिस को छात्रों तक ले गया। अब जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि क्या यही सुराग उस भयावह हत्या की पूरी साजिश का सच सामने ला पाएगा।

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