रात 10 बजे बेटे से हुई आखिरी बात… सुबह घर में मिला मां का शव, मुंह में कपड़ा और गायब जेवरों ने खड़े किए बड़े सवाल!
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धमरुआ गांव स्थित पैतृक घर में बुजुर्ग महिला मृत मिलीं। शुरुआती जानकारी में इस घटना को लूट के बाद हत्या से जोड़कर देखा गया, क्योंकि महिला के शरीर पर मौजूद कई आभूषण गायब मिले और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसे होने की बात सामने आई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला की मौत हत्या की वजह से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बेटे के साथ पहुंची थीं मां
बताया जा रहा है कि आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। गांव के गजनाथ मर्यादा इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपनी मां के साथ हिस्सा लिया था।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम करीब 6 बजे आशुतोष मिश्रा अपनी ड्यूटी के लिए लखनऊ वापस लौट गए। वहीं उनकी 94 वर्षीय मां गांव स्थित पैतृक घर में ही रुक गईं। बताया गया कि घर में बिजली से जुड़ा कुछ काम अधूरा था और बुजुर्ग महिला उसी सिलसिले में गांव में रुकी थीं।
उस समय तक सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद घर के अंदर ऐसा मंजर देखने को मिलेगा, जो पूरे इलाके को हिलाकर रख देगा।
रात 10 बजे बेटे से हुई थी आखिरी बातचीत
आशुतोष मिश्रा ने शनिवार रात करीब 10 बजे अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी। उस वक्त बातचीत सामान्य थी और किसी तरह की परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई थी।
इसके बाद रविवार सुबह करीब 6 बजे आईपीएस अधिकारी ने दोबारा अपनी मां को फोन किया। लेकिन इस बार फोन नहीं उठा।
शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद बुजुर्ग महिला सो रही होंगी या फोन से दूर होंगी। लेकिन जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो चिंता बढ़ने लगी।
करीब 9 बजे घर की घरेलू सहायिका वहां पहुंची। उसने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। इसके बाद जब अंदर जाकर देखा गया तो वहां का दृश्य बेहद परेशान करने वाला था।
चारपाई पर पड़ी मिलीं बुजुर्ग महिला
घर के अंदर इंद्रावती देवी अचेत अवस्था में चारपाई पर पड़ी मिलीं। उनके मुंह में कपड़ा या तौलिया ठूंसे होने की बात सामने आई। इसके बाद तत्काल आसपास के लोगों और परिवार को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घर और आसपास के इलाके की जांच शुरू की।
घटना की परिस्थितियों को देखकर यह सामान्य मौत का मामला नहीं लग रहा था। खासतौर पर घर का दरवाजा बाहर से बंद मिलना, महिला के मुंह में कपड़ा होना और आभूषण गायब होने की जानकारी ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया।
गायब मिले सोने-चांदी के आभूषण
परिवार की ओर से महिला के कई आभूषण गायब होने की बात बताई गई। इनमें सोने की चेन, नाक की कील, कानों के आभूषण और पायल जैसे गहने शामिल बताए जा रहे हैं।
गहनों के गायब होने के बाद लूट के बाद हत्या की आशंका और मजबूत हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में लूटपाट के उद्देश्य से कोई दाखिल हुआ था या किसी परिचित व्यक्ति ने वारदात को अंजाम दिया।
जांच अधिकारियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि घर से सिर्फ महिला के आभूषण गायब हुए या अन्य सामान भी चोरी हुआ।
मुंह में कपड़ा मिलने से बढ़ा रहस्य
इस मामले में सबसे ज्यादा सवाल महिला के मुंह में कपड़ा मिलने को लेकर उठ रहे हैं। अगर किसी ने महिला को चुप कराने के लिए कपड़ा ठूंसा था तो इसका मतलब हो सकता है कि वारदात के दौरान उन्होंने विरोध या मदद के लिए आवाज उठाने की कोशिश की हो।
हालांकि, पुलिस अभी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। किसी भी संभावना को पूरी तरह सही मानने से पहले घटनास्थल से मिले सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा।
यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कपड़ा किस तरह का था और क्या उस पर कोई ऐसा साक्ष्य मौजूद है, जिससे घटना में शामिल व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।
पोस्टमार्टम के बाद भी नहीं खुला पूरा राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने मौत की वजह जानने के लिए आवश्यक जांच की।
हालांकि शुरुआती स्तर पर मौत का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया। आगे की जांच के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं।
यही वजह है कि पुलिस अभी किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
अगर मेडिकल रिपोर्ट में दम घुटने, चोट या किसी अन्य कारण के संकेत मिलते हैं तो जांच की दिशा बदल सकती है। वहीं अगर किसी प्राकृतिक बीमारी से मौत की पुष्टि होती है तो मामले की परिस्थितियों की अलग तरीके से जांच करनी होगी।
शुरुआत में हार्ट अटैक की बात सामने आई
बताया जा रहा है कि शुरुआत में महिला की मौत को हार्ट अटैक से जोड़कर देखा गया था। लेकिन बाद में जब परिवार की ओर से संदेह जताया गया और गहने गायब होने की जानकारी सामने आई तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
यही कारण है कि अब मौत की वजह को लेकर मेडिकल जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
अगर मौत प्राकृतिक थी तो घर का दरवाजा बाहर से बंद मिलने और कपड़ा मिलने जैसी परिस्थितियों की वजह भी तलाशनी होगी। वहीं अगर हत्या की पुष्टि होती है तो पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचने की चुनौती होगी।
आखिर घर में कौन आया था?
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना वाली रात घर में कौन आया था।
क्या आरोपी पहले से महिला को जानता था?
क्या उसे पता था कि बुजुर्ग महिला घर में अकेली हैं?
क्या किसी ने घर की गतिविधियों और महिला के पास मौजूद गहनों की जानकारी अपराधियों को दी थी?
या फिर यह पूरी घटना अचानक लूट के इरादे से हुई?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच से सामने आने की उम्मीद है।
सीसीटीवी फुटेज भी हो सकती है अहम कड़ी
पुलिस आसपास के इलाके में मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर सकती है। अगर घटना से पहले या बाद में कोई संदिग्ध व्यक्ति गांव में दिखाई दिया होगा तो उसके बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।
इसके अलावा पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले किसी अनजान व्यक्ति को गांव या घर के आसपास देखा गया था या नहीं।
मोबाइल फोन की गतिविधियां भी जांच का हिस्सा बन सकती हैं। महिला से आखिरी बार किन लोगों की बातचीत हुई थी और घटना के समय आसपास के मोबाइल नंबरों की गतिविधि क्या थी, इससे भी पुलिस को सुराग मिलने की संभावना है।
परिवार के लिए बेहद दर्दनाक घटना
आईपीएस अधिकारी के लिए यह घटना बेहद भावनात्मक और दर्दनाक है। शनिवार रात मां से फोन पर बात करने के कुछ ही घंटे बाद रविवार सुबह उनका फोन न उठना और फिर घर में मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर मिलना परिवार के लिए बड़ा सदमा है।
ग्रामीणों में भी घटना को लेकर चिंता और आक्रोश है। 94 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि अगर यह हत्या और लूट का मामला साबित होता है तो अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घर के अंदर और आसपास से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए हैं।
फॉरेंसिक टीम की मदद से भी सबूत जुटाए जाने की संभावना है। दरवाजे, कमरे, चारपाई, कपड़े और अन्य वस्तुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर में जबरन प्रवेश के निशान थे या नहीं। अगर दरवाजा बिना तोड़े खोला गया था तो यह संभावना भी जांची जाएगी कि आरोपी महिला का परिचित हो सकता है या उसके पास घर में प्रवेश करने का कोई अन्य तरीका था।
हत्या और प्राकृतिक मौत दोनों पहलुओं पर जांच
इस मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस किसी एक संभावना पर निर्भर नहीं है। हत्या और लूट की आशंका के साथ-साथ प्राकृतिक मौत की संभावना को भी जांच में शामिल रखा गया है।
परिजनों की ओर से जताई गई आशंकाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है, लेकिन किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित करने से पहले पर्याप्त सबूत जुटाना जरूरी है।
मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद ही मामले की असली तस्वीर सामने आ सकेगी।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस घटना ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है।
अगर लूट के लिए हत्या की गई तो अपराधी को महिला के गहनों के बारे में जानकारी कैसे थी?
घर में प्रवेश कैसे हुआ?
दरवाजा बाहर से किसने बंद किया?
महिला के मुंह में कपड़ा किसने और क्यों ठूंसा?
घटना का सही समय क्या था?
गहने कहां ले जाए गए?
क्या आरोपी अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी थे?
इन सवालों के जवाब ही इस रहस्यमयी मामले की पूरी कहानी सामने ला सकते हैं।
अंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार रात बेटे से फोन पर बातचीत के बाद रविवार सुबह उनका शव घर में मिला। घर का दरवाजा बाहर से बंद था, उनके मुंह में कपड़ा मिलने की बात सामने आई और कई आभूषण गायब बताए गए।
इन परिस्थितियों के कारण परिवार ने हत्या और लूट की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस और मेडिकल जांच अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
फिलहाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच उस घर में आखिर क्या हुआ? क्या वाकई लूट के लिए 94 वर्षीय महिला की हत्या की गई या इस रहस्यमयी मौत के पीछे कोई और कहानी छिपी है? पुलिस की जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले का सच सामने आने की उम्मीद है।

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