सुबह 5:05 बजे शुरू हुआ खेल, 5:09 बजे चोर फरार… CCTV में कैद खौफनाक चोरी
लुधियाना: औद्योगिक शहर लुधियाना में चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पर लोगों के भरोसे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुगरी इलाके में गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब के पास दो अज्ञात चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाया। आरोपियों ने महज चार मिनट के भीतर दुकान का शटर तोड़ा और गल्ले में रखे करीब 15 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में दो संदिग्ध बिना नंबर प्लेट वाली एक्टिवा पर आते दिखाई दे रहे हैं। दोनों कुछ देर तक आसपास का जायजा लेते हैं और फिर दुकान का शटर तोड़कर अंदर दाखिल हो जाते हैं।
इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू चोरी से ज्यादा पीड़ित दुकानदार का पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से इनकार करना बताया जा रहा है। दुकानदार का कहना है कि पुलिस में शिकायत करने के बाद कार्रवाई होने की उम्मीद कम और शिकायतकर्ता के लिए परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप की पुष्टि नहीं की गई है।
सुबह-सुबह दुकान को बनाया निशाना
पीड़ित दुकानदार नीटू के मुताबिक, उनकी दुकान दुगरी इलाके में गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब के पास स्थित है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, घटना 7 अगस्त की सुबह करीब 5:05 बजे हुई। इस दौरान दो अज्ञात युवक बिना नंबर प्लेट वाली एक्टिवा पर दुकान के पास पहुंचे।
सुबह का समय होने के कारण आसपास लोगों की आवाजाही बेहद कम थी। दोनों आरोपियों ने पहले कुछ देर तक आसपास की स्थिति को देखा। ऐसा प्रतीत होता है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि दुकान के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद तो नहीं है।
इसके बाद दोनों ने अपने साथ लाए एक भारी लोहे के औजार से दुकान के शटर पर हमला करना शुरू कर दिया।
भारी औजार से बीच से उखाड़ा शटर
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपियों ने दुकान के शटर को बीच से नुकसान पहुंचाया। कुछ ही कोशिशों में उन्होंने शटर का एक हिस्सा उखाड़ दिया और दुकान के अंदर घुसने का रास्ता बना लिया।
इसके बाद दोनों आरोपी दुकान के भीतर दाखिल हो गए।
पूरी कार्रवाई बेहद तेजी से हुई। चोरी करने के लिए आरोपियों ने दुकान के अंदर ज्यादा समय नहीं बिताया।
पुलिस या आसपास के लोगों के पहुंचने से पहले ही दोनों अपना काम पूरा कर चुके थे।
गल्ले से करीब 15 हजार रुपये लेकर फरार
दुकानदार के मुताबिक, चोर दुकान के गल्ले में रखी करीब 15 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।
सीसीटीवी के मुताबिक, आरोपी करीब 5:05 बजे दुकान के बाहर पहुंचे थे और लगभग 5:09 बजे वहां से निकल गए।
यानी पूरी वारदात महज चार मिनट के भीतर पूरी कर ली गई।
चोरी के बाद दोनों आरोपी उसी एक्टिवा पर बैठकर मौके से फरार हो गए। वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने की वजह से उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
चोरी की यह वारदात दुकान के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
फुटेज में दोनों संदिग्ध दुकान के आसपास घूमते हुए नजर आते हैं। इसके बाद वे शटर तोड़ते हैं और अंदर प्रवेश करते हैं।
सीसीटीवी फुटेज अब इस मामले का सबसे अहम सुराग माना जा सकता है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ उनके आने और भागने के रास्ते का भी पता लगा सकती है।
आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जाए तो संभव है कि एक्टिवा या आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े अतिरिक्त सुराग मिल सकें।
चोरी के बाद भी पुलिस में शिकायत नहीं
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा पीड़ित दुकानदार के उस फैसले की हो रही है, जिसमें उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया।
जब दुकानदार नीटू से पुलिस शिकायत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है।
उनका आरोप है कि पुलिस चोरों को पकड़ने के बजाय शिकायतकर्ता को ही बार-बार थाने के चक्कर लगवाती है।
हालांकि, यह पीड़ित दुकानदार का आरोप है और पुलिस की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दुकानदार के आरोपों से उठे सवाल
अगर किसी चोरी के पीड़ित को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से ही परेशानी महसूस होने लगे तो यह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।
कानून व्यवस्था में आम नागरिक का भरोसा तभी मजबूत होता है जब अपराध होने के बाद उसे यह विश्वास हो कि पुलिस उसकी शिकायत सुनेगी और मामले की जांच करेगी।
इस मामले में दुकानदार द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराने का फैसला कई सवाल खड़े करता है।
क्या उन्हें पहले किसी घटना में पुलिस कार्रवाई से निराशा हुई है? क्या वह कानूनी प्रक्रिया में समय लगने को लेकर चिंतित हैं? या फिर उन्हें लगता है कि चोरी की रकम कम होने के कारण पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लेगी?
इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही CCTV फुटेज
चोरी की घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
वीडियो में आरोपियों की गतिविधियां साफ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। लोग पुलिस से मांग कर रहे हैं कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी फुटेज जांच एजेंसियों के लिए सुराग का काम कर सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति को केवल शक या वीडियो में दिखाई देने के आधार पर आरोपी घोषित करना उचित नहीं है। पहचान और गिरफ्तारी के बाद भी दोष अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होता है।
बिना नंबर प्लेट वाली एक्टिवा बनी अहम कड़ी
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सुरागों में से एक बिना नंबर प्लेट वाली एक्टिवा बताई जा रही है।
आरोपियों ने जिस वाहन का इस्तेमाल किया, उसकी पहचान होने पर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए यह पता लगा सकती है कि दोनों आरोपी किस दिशा से आए और चोरी के बाद किस रास्ते से गए।
अगर किसी अन्य कैमरे में वाहन का नंबर या आरोपियों का चेहरा स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुआ है तो इससे मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
चार मिनट की वारदात ने बढ़ाई चिंता
इस चोरी ने एक और बात सामने ला दी है—आरोपियों ने वारदात को बेहद कम समय में अंजाम दिया।
सुबह का समय, सुनसान सड़क और दुकान की सुरक्षा व्यवस्था का पहले से अंदाजा लगाने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर कार्रवाई की।
इस तरह की घटनाओं से दुकानदारों को भी अपनी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की जरूरत महसूस होती है। मजबूत शटर, अतिरिक्त ताले, अलार्म और काम करने वाले सीसीटीवी कैमरे चोरी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
अब पुलिस खुद संज्ञान लेगी या नहीं?
चूंकि घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुकी है, इसलिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आरोपियों की तलाश करेगी।
अगर दुकानदार ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, तो भी घटना की जानकारी पुलिस के संज्ञान में आने के बाद कानून के अनुसार क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
लुधियाना के दुगरी इलाके में गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब के पास हुई यह चोरी कई वजहों से चर्चा में है। दो अज्ञात चोरों ने सुबह करीब 5:05 बजे दुकान का शटर तोड़ा और महज चार मिनट में करीब 15 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई है और आरोपियों के पास बिना नंबर प्लेट वाली एक्टिवा होने की बात सामने आई है।
लेकिन इस घटना का सबसे बड़ा सवाल सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि पीड़ित दुकानदार का पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से इनकार करना है। दुकानदार ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि शिकायत करने से उसे ही परेशानी होती है।

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