चप्पल का बहाना और फिर गंगा में छलांग! पति की आंखों के सामने 3 बच्चों की मां ने उठाया ऐसा कदम, अब नदी में तलाश
बिजनौर/हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। हरिद्वार लौट रही 30 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर बालावाली गंगा पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना उस समय हुई जब वह अपने पति के साथ बाइक से हरिद्वार जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने गंगा में बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।
घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। महिला तीन छोटे बच्चों की मां बताई जा रही है और उसके अचानक उठाए गए इस कदम ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां थीं, जिनके चलते यह हादसा हुआ।
पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे पति-पत्नी
पुलिस के अनुसार, मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुर निवासी बॉबी, पुत्र ऋषिपाल, अपनी पत्नी मोंटी (30 वर्ष) के साथ बाइक से हरिद्वार लौट रहा था। दोनों पति-पत्नी हरिद्वार में रहकर काम-काज करते हैं और वहीं अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
बुधवार को वे अपने पैतृक गांव भोजपुर में आयोजित एक पारिवारिक दावत में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों शाम के समय बाइक से वापस हरिद्वार के लिए रवाना हुए। रास्ते में सब कुछ सामान्य बताया जा रहा था, लेकिन बालावाली गंगा पुल पर पहुंचते ही घटनाक्रम अचानक बदल गया।
पुल पर रुकते ही बदल गई पूरी कहानी
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, जब बाइक बालावाली गंगा पुल से गुजर रही थी, तभी मोंटी ने अपने पति से कहा कि उसके पैर की चप्पल सड़क पर गिर गई है। उसने पति से बाइक रोकने और चप्पल उठाकर लाने को कहा।
बॉबी ने बिना किसी आशंका के पुल के किनारे बाइक रोक दी। वह सड़क पर गिरी चप्पल उठाने के लिए कुछ कदम आगे बढ़ा। इसी दौरान पीछे से अचानक तेज आवाज सुनाई दी। जब उसने पलटकर देखा तो पत्नी पुल की रेलिंग पार कर गंगा में गिर चुकी थी।
यह सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ। पति ने शोर मचाया और आसपास मौजूद लोगों ने भी तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही हरकत में आया पुलिस प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही बालावाली चौकी पुलिस और मंडावर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी विपिन कुमार और चौकी प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराने के निर्देश दिए।
गंगा की तेज धारा को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने पुल के नीचे और आसपास के क्षेत्र में नावों और विशेष उपकरणों की मदद से महिला की तलाश शुरू की।
देर शाम तक रेस्क्यू अभियान लगातार चलता रहा, लेकिन खबर लिखे जाने तक महिला का पता नहीं चल सका था।
गंगा की तेज धारा बनी सबसे बड़ी चुनौती
बालावाली गंगा पुल का क्षेत्र तेज बहाव के लिए जाना जाता है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण रेस्क्यू अभियान और भी कठिन हो जाता है।
एनडीआरएफ के जवानों ने नदी के बहाव, गहराई और संभावित दिशा को ध्यान में रखते हुए कई किलोमीटर तक तलाश अभियान चलाया। स्थानीय प्रशासन ने भी आसपास के घाटों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों को सतर्क रहने के लिए कहा, ताकि यदि कोई सुराग मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जा सके।
रेस्क्यू अभियान में शामिल अधिकारियों का कहना है कि नदी की स्थिति को देखते हुए खोज अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।
तीन छोटे बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार, मोंटी अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना की खबर जैसे ही गांव और उसके मायके पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया।
महिला का मायका बढ़ापुर क्षेत्र में बताया जा रहा है। परिजन तुरंत घटनास्थल और बाद में पुलिस चौकी पहुंचे। बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार, मोंटी और उसका पति हरिद्वार में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। इसलिए यह घटना पूरे गांव के लिए भी बेहद दुखद और अप्रत्याशित मानी जा रही है।
आखिर क्या था इस घटना के पीछे कारण?
फिलहाल पुलिस ने घटना के पीछे किसी स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती जांच में पति से पूछताछ की गई है और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या महिला किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या अन्य किसी व्यक्तिगत कारण से परेशान थी। हालांकि अभी तक किसी भी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। परिवार और आसपास के लोगों से बातचीत के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
पुलिस हर पहलू से कर रही है जांच
मंडावर थाना पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुल पर लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि घटना के समय की गतिविधियों की पुष्टि की जा सके।
साथ ही पुलिस यह भी देख रही है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच कोई विवाद या असामान्य बातचीत हुई थी या नहीं। फिलहाल पति का बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता अभी महिला की तलाश और उसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करना है।
स्थानीय लोगों में भी गहरा असर
घटना के बाद बालावाली गंगा पुल पर काफी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। कई लोगों ने रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया, जबकि कुछ ने पुलिस को शुरुआती जानकारी उपलब्ध कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। खासकर यह जानकर कि महिला तीन बच्चों की मां थी, लोगों में गहरी संवेदना का माहौल है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।
संवेदनशील घटनाओं में जिम्मेदारी भी जरूरी
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी छोड़ती है कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे लोगों तक समय रहते सहयोग और संवाद कैसे पहुंचाया जाए। पुलिस फिलहाल तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक तनाव, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मिला सहयोग जीवन बचा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं