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घर का दरवाजा खुला था… छात्रा थी अकेली, तभी अंदर पहुंच गया युवक! विरोध के बाद जो हुआ, उससे मचा हड़कंप



महराजगंज: महराजगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव में छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। छात्रा ने गांव के ही एक युवक पर लंबे समय से परेशान करने और स्कूल-कॉलेज आते-जाते समय रास्ता रोककर कथित तौर पर अश्लील बातें करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब आरोपी युवक कथित तौर पर छात्रा के घर में घुस आया और उस पर फोन करने का दबाव बनाने लगा। छात्रा ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।

लगातार हो रही कथित हरकतों से परेशान छात्रा ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच करने के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

स्कूल-कॉलेज जाते समय रास्ता रोकने का आरोप

शिकायत में छात्रा ने गांव के ही युवक भरत वर्मा पुत्र उदयभान वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि आरोपी काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। जब वह स्कूल या कॉलेज के लिए घर से निकलती थी अथवा वहां से वापस लौटती थी, तब कथित तौर पर युवक रास्ते में उसका पीछा करता और उसे रोकने की कोशिश करता था।

आरोप है कि इस दौरान युवक छात्रा से अश्लील बातें करता और कथित रूप से छेड़छाड़ करता था। शुरुआत में छात्रा ने इन घटनाओं को लेकर ज्यादा जानकारी किसी को नहीं दी, लेकिन कथित तौर पर बार-बार होने वाली ऐसी हरकतों के कारण उसके भीतर डर बढ़ता गया।

छात्रा के अनुसार, मामला केवल रास्ते में परेशान करने तक सीमित नहीं रहा। कथित घटनाओं का असर उसकी रोजमर्रा की जिंदगी और पढ़ाई पर भी पड़ने लगा। लगातार डर और परेशानी के कारण उसने कॉलेज जाना तक बंद कर दिया।

23 अगस्त की सुबह क्या हुआ?

छात्रा की शिकायत में 23 अगस्त 2026 की सुबह हुई एक घटना का विशेष रूप से जिक्र किया गया है। शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे छात्रा घर पर थी। उस समय उसकी मां और भाई खेत में काम करने गए हुए थे।

बताया गया है कि इसी दौरान छात्रा का भाई खाद लेने के लिए घर आया था। खाद लेकर वापस खेत की ओर जाते समय कथित तौर पर घर का मुख्य दरवाजा खुला रह गया। छात्रा उस समय घर में अकेली थी।

शिकायत के मुताबिक, इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी युवक कथित तौर पर घर के अंदर दाखिल हो गया। छात्रा ने आरोप लगाया है कि घर में आने के बाद युवक ने उस पर फोन करने का दबाव बनाया। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई।

इस घटना के बाद छात्रा और उसका परिवार परेशान हो गया। परिवार की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

विरोध करने पर मारपीट का आरोप

शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया है कि युवक ने उससे फोन पर बात करने का दबाव बनाया। छात्रा द्वारा इसका विरोध किए जाने पर कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई।

इस घटना ने पहले से चली आ रही कथित परेशानियों को और गंभीर बना दिया। परिवार का कहना है कि छात्रा पहले से ही युवक की कथित हरकतों के कारण तनाव में थी। घर के अंदर पहुंचकर कथित तौर पर मारपीट किए जाने की घटना के बाद परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

डर के कारण पढ़ाई पर पड़ा असर

किसी छात्रा के लिए स्कूल या कॉलेज जाना उसकी शिक्षा और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लेकिन इस मामले में शिकायत के मुताबिक कथित उत्पीड़न के कारण छात्रा की पढ़ाई प्रभावित हुई है।

छात्रा का आरोप है कि रास्ते में कथित तौर पर परेशान किए जाने की वजह से वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही थी। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि उसने कॉलेज जाना ही बंद कर दिया।

परिवार की चिंता भी इसी बात को लेकर है कि कथित घटनाओं का असर छात्रा की शिक्षा पर न पड़े। परिवार चाहता है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रा को ऐसा सुरक्षित वातावरण मिले, जिसमें वह बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।

BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामले में धारा 351(3), 352, 74 और 115(2) समेत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं।

मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि करने की कोशिश करेगी। इसके अलावा पीड़िता के बयान, आरोपी से संबंधित जानकारी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।

किसी भी आपराधिक मामले में मुकदमा दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाता। आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आती है। इसलिए इस मामले में भी पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

परिवार ने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की

घटना के बाद छात्रा का परिवार चाहता है कि उसे किसी तरह का दबाव या डर महसूस न हो। परिवार की मांग है कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे और छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

परिवार का कहना है कि यदि किसी छात्रा को स्कूल या कॉलेज जाते समय लगातार परेशान किया जाता है और वह डर के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाती है, तो यह केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहीं बल्कि उसके भविष्य पर भी असर डालने वाला मामला है।

इसी वजह से परिवार ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस जांच के परिणाम पर सबकी नजर है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने सबसे अहम चुनौती शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की तथ्यात्मक पुष्टि करना है।

छात्रा द्वारा बताए गए घटनाक्रम, कथित तौर पर पहले से हो रही परेशानियों और 23 अगस्त की घटना को जांच के अलग-अलग पहलुओं के तौर पर देखा जा सकता है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटनाएं किस तरह हुईं और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल मामले ने इलाके में चर्चा तेज कर दी है। एक तरफ छात्रा और उसका परिवार कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है, वहीं पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रा की पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित न हो। परिवार की ओर से भी यही उम्मीद जताई जा रही है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोष साबित होने की स्थिति में आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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