राखी बांधने निकली थीं बहनें, अचानक फेल हो गए बस के ब्रेक! अगले कुछ सेकंड में जो हुआ, उसने मचा दी चीख-पुकार
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में रक्षाबंधन के दिन एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कुल्लू तहसील क्षेत्र के भेखली के पास कटाहर गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे पहाड़ी से टकराकर रोक दिया। हादसे में करीब 38 यात्रियों के घायल होने की सूचना है। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार होने के कारण बस में सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा भीड़ थी। बताया जा रहा है कि 47 सीटर बस में 60 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें कई महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए यात्रा कर रही थीं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
भेखली के पास अचानक फेल हुए बस के ब्रेक
जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार हुई HRTC बस कुल्लू से ब्यासर की ओर गई थी। वहां से बस करीब 11 बजे वापस कुल्लू की तरफ लौट रही थी। बस में रक्षाबंधन के कारण बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। रास्ते में जब बस भेखली के पास कटाहर गांव के क्षेत्र में पहुंची, तभी कथित तौर पर बस के ब्रेक फेल हो गए।
ब्रेक फेल होने के बाद बस चालक के सामने अचानक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। पहाड़ी इलाका होने के कारण सड़क के आसपास ढलान और गहरी खाई वाला क्षेत्र भी बताया जा रहा है। ऐसे में अगर बस पूरी तरह अनियंत्रित होकर आगे बढ़ती रहती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।
बताया जा रहा है कि चालक ने स्थिति को समझते हुए बस को नियंत्रित करने की कोशिश की। इसी दौरान उसने बस को सड़क किनारे मौजूद पहाड़ी से टकरा दिया। टक्कर के बाद बस रुक गई और यात्रियों को बस के खाई में गिरने से बचाया जा सका।
47 सीटर बस में 60 से ज्यादा यात्री
हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी में बस में क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि 47 सीटों वाली इस बस में 60 से अधिक यात्री मौजूद थे।
रक्षाबंधन के त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक था। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और रिश्तेदारों के यहां त्योहार मनाने के लिए निकल रहे थे। ऐसे में बस में भी काफी भीड़ थी।
अधिक यात्रियों के सवार होने की वजह से हादसे के बाद यात्रियों को बाहर निकालने और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी मुश्किलें आईं। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और राहत दलों ने बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में घायल हुए यात्रियों को इलाज के लिए कुल्लू अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद घायलों का उपचार शुरू किया गया। कई यात्रियों के परिजन भी घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचने लगे।
राखी बांधने जा रही थीं महिलाएं, हादसे से मची अफरा-तफरी
रक्षाबंधन का दिन भाई-बहन के रिश्ते के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए मायके या दूसरे स्थानों पर जाती हैं। हादसे वाली बस में भी कई महिलाएं इसी उद्देश्य से यात्रा कर रही थीं।
सुबह घर से त्योहार की खुशियों के साथ निकले यात्रियों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में अचानक ऐसा हादसा हो जाएगा। बस के ब्रेक फेल होने के बाद कुछ ही क्षणों में स्थिति बदल गई। पहाड़ी से टकराने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
बस के अंदर बैठे लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। कुछ यात्रियों को चोटें आईं, जबकि कई लोग घबराकर बस से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर यात्रियों की मदद की।
चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इस हादसे में सबसे महत्वपूर्ण बात चालक की सूझबूझ को माना जा रहा है। जिस स्थान पर बस हादसे का शिकार हुई, वहां सड़क के किनारे ढांक और पहाड़ी ढलान होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में यदि ब्रेक फेल होने के बाद चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाता और बस सड़क से नीचे चली जाती, तो हादसे का स्वरूप कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था। बस में 60 से ज्यादा यात्री होने के कारण बड़ी संख्या में जानें खतरे में पड़ सकती थीं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चालक ने बस को ढांक की तरफ जाने से रोकने के लिए पहाड़ी से टकराने का फैसला किया। टक्कर से बस रुक गई और एक बड़े हादसे की आशंका टल गई।
हालांकि बस के पहाड़ी से टकराने के कारण कई यात्री घायल हुए हैं। घायलों में महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति और चोटों की गंभीरता के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
DDMA और पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। DDMA कुल्लू की टीम को भी घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद राहत और बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
पुलिस थाना कुल्लू को सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। एंबुलेंस को घटनास्थल की ओर भेजा गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया गया।
प्रशासन की प्राथमिकता हादसे में घायल यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रही। साथ ही बस में सवार यात्रियों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
बस का नंबर और चालक-कंडक्टर की जानकारी सामने आई
हादसे में शामिल HRTC बस का नंबर HP-66-1583 बताया जा रहा है। बस के चालक का नाम प्रवीण कुमार और कंडक्टर का नाम प्रीतम सिंह बताया गया है।
हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और तकनीकी खराबी से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अगर ब्रेक फेल होने की बात सही पाई जाती है तो यह भी जांच का विषय होगा कि बस में तकनीकी खराबी कब से थी और वाहन की फिटनेस एवं रखरखाव की स्थिति कैसी थी।
प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हादसे के कारणों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
अस्पताल में जुटी घायलों के परिजनों की भीड़
हादसे की खबर फैलते ही घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। रक्षाबंधन के मौके पर अचानक हुए हादसे ने परिवारों की खुशियों को चिंता में बदल दिया।
अस्पताल में अपने परिजनों की जानकारी लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुछ लोग फोन पर घटना की जानकारी अपने रिश्तेदारों को देते नजर आए। प्रशासन की ओर से भी घायलों और यात्रियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, ढलान और गहरी खाइयां यहां यात्रा को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। ऐसे में किसी वाहन में तकनीकी खराबी आने पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इस हादसे ने भी यह सवाल खड़ा किया है कि पहाड़ी मार्गों पर चलने वाली बसों की तकनीकी जांच और रखरखाव कितनी नियमितता से किया जाता है। हालांकि इस मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए किसी तरह की लापरवाही को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि बस ढांक से नीचे जाने के बजाय पहाड़ी से टकराकर रुक गई। अगर बस सड़क से नीचे चली जाती तो 60 से अधिक यात्रियों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी।
रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे ने कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है। जिन बहनों ने सुबह अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए सफर शुरू किया था, उनकी यात्रा अचानक अस्पताल तक पहुंच गई। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया जा रहा है और घायलों का उपचार जारी है।
आने वाले समय में जांच से यह स्पष्ट होगा कि बस के ब्रेक फेल होने की वजह क्या थी और हादसे के लिए किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। फिलहाल लोगों की नजर घायलों की हालत और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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