100 दिन बाद भी नहीं रुका मौत का सिलसिला! कांगो में 5,200+ केस, 2,600 से ज्यादा मौतें… आखिर किस वायरस ने मचाई तबाही?
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से सामने आई स्वास्थ्य संबंधी खबर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। देश में फैला Ebola outbreak लगातार तेजी से फैल रहा है और अब यह कांगो के इतिहास का सबसे तेजी से बढ़ने वाला Ebola प्रकोप बन चुका है। WHO के मुताबिक 24 अगस्त 2026 तक इस प्रकोप में 5,200 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं ताजा रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा 2,600 से अधिक बताया जा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण को रोकने की कोशिशों के बावजूद वायरस का प्रसार स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता से तेज गति से आगे बढ़ रहा है। WHO ने चेतावनी दी है कि संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए निगरानी, जांच, इलाज और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है।
100 दिन बाद भी नहीं थमा संक्रमण
कांगो में इस Ebola outbreak को घोषित हुए करीब 100 दिन हो चुके हैं। WHO के अनुसार शुरुआती महीनों में औसतन लगभग 90 नए कन्फर्म केस प्रतिदिन दर्ज किए गए। यह रफ्तार पिछले कई बड़े Ebola outbreaks की तुलना में काफी तेज बताई जा रही है।
अब संक्रमण कई इलाकों तक फैल चुका है। Ituri प्रांत अभी भी इस संकट का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है और देश के कुल मामलों तथा मौतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से सामने आ रहा है।
शुरुआत में संक्रमण एक सीमित क्षेत्र तक केंद्रित था, लेकिन धीरे-धीरे यह कई प्रांतों में फैल गया। आबादी का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना, विस्थापन, असुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही ने संक्रमण की रोकथाम को और मुश्किल बना दिया है।
कौन-सा Ebola वायरस फैला है?
इस बार कांगो में जिस वायरस की वजह से बीमारी फैल रही है, वह Bundibugyo virus है। यह Ebola virus की एक दुर्लभ प्रजाति है। WHO के अनुसार इस वायरस के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है, हालांकि संभावित उपचार और वैक्सीन को लेकर शोध और क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं।
यही वजह है कि मौजूदा प्रकोप को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। संक्रमण की पहचान, मरीजों को अलग रखना, संपर्क में आए लोगों की निगरानी और संक्रमण नियंत्रण के उपाय फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं।
लगभग आधे संक्रमितों की मौत
Ebola संक्रमण की सबसे डरावनी तस्वीर इसकी मृत्यु दर से सामने आती है। 24 अगस्त तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 5,500 से ज्यादा कन्फर्म मामलों में लगभग 2,600 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इसका मतलब है कि संक्रमित लोगों में एक बड़ी संख्या इलाज के बावजूद जान गंवा रही है।
हालांकि मृत्यु दर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है। जहां समय पर जांच और उपचार उपलब्ध है, वहां मरीजों के बचने की संभावना बेहतर हो सकती है। दूसरी तरफ दूरदराज और संघर्ष प्रभावित इलाकों में अस्पतालों तक पहुंच मुश्किल होने के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।
बीमारी के लक्षण क्या हैं?
Ebola के शुरुआती लक्षण कई अन्य संक्रमणों जैसे दिखाई दे सकते हैं। मरीज को अचानक तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश जैसी समस्या हो सकती है।
इसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गंभीर स्थिति में रक्तस्राव जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए संदिग्ध मरीज की जल्द पहचान और चिकित्सकीय निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
Ebola सामान्य फ्लू की तरह आसानी से हवा के जरिए नहीं फैलता। संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शरीर के अन्य संक्रमित द्रवों के संपर्क से फैल सकता है। इसलिए मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और परिवार के सदस्यों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
स्वास्थ्यकर्मी भी बने संक्रमण का शिकार
इस outbreak की एक और गंभीर चिंता स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना है। WHO की रिपोर्टों के अनुसार दर्जनों स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और कई की मौत भी हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना इसलिए गंभीर है क्योंकि इससे अस्पतालों की क्षमता और कमजोर हो सकती है।
कई प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच पहले ही मुश्किल है। इसके अलावा हिंसा और स्वास्थ्य केंद्रों पर हमलों की घटनाओं ने राहत और चिकित्सा टीमों के लिए खतरा बढ़ा दिया है।
लोगों का भरोसा जीतना सबसे बड़ी चुनौती
Ebola से लड़ाई सिर्फ अस्पताल और दवाओं तक सीमित नहीं है। प्रभावित इलाकों में लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।
WHO और अन्य एजेंसियां स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग संदिग्ध मरीजों की जानकारी छिपाते हैं या इलाज से बचते हैं, तो संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना मुश्किल हो जाता है।
इसीलिए स्थानीय नेताओं, स्वास्थ्यकर्मियों, सामाजिक संगठनों और समुदाय के लोगों को response strategy में शामिल किया जा रहा है।
वैक्सीन को लेकर क्या है उम्मीद?
इस प्रकोप के बीच वैक्सीन को लेकर भी उम्मीद जगी है। कांगो को Ebola की एक मौजूदा वैक्सीन की हजारों खुराकें उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि यह वैक्सीन मुख्य रूप से दूसरे प्रकार के Ebola virus के खिलाफ विकसित की गई थी और Bundibugyo virus के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता अभी स्पष्ट नहीं है। इसका इस्तेमाल वैज्ञानिक अध्ययन और संभावित सुरक्षा को समझने के प्रयासों के साथ किया जा रहा है।
इसके अलावा Bundibugyo virus के लिए नए उपचार और वैक्सीन विकसित करने के प्रयास भी जारी हैं। WHO ने बताया है कि संभावित उपचारों को लेकर वैज्ञानिक परीक्षण चल रहे हैं।
क्या दुनिया के दूसरे देशों को भी खतरा है?
फिलहाल सबसे बड़ा संकट कांगो के प्रभावित क्षेत्रों में है, लेकिन सीमा पार आवाजाही के कारण आसपास के देशों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। Uganda में Bundibugyo virus का outbreak पहले सामने आया था और वहां स्थानीय संक्रमण को समाप्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन कांगो में लगातार संक्रमण के कारण दोबारा वायरस पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
इसी कारण पड़ोसी देशों को सीमा क्षेत्रों में निगरानी, संदिग्ध मरीजों की पहचान और स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत रखने की सलाह दी गई है।
दुनिया के सामने बड़ी चुनौती
कांगो का मौजूदा Ebola outbreak इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे क्षेत्रों में फैल रहा है जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान नहीं है। हिंसा, विस्थापन, गरीबी, कमजोर बुनियादी ढांचा और लोगों की लगातार आवाजाही ने हालात को और जटिल बना दिया है।
WHO के मुताबिक संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए response को बड़े स्तर पर बढ़ाना जरूरी है। यदि मरीजों की जल्द पहचान, संपर्कों की निगरानी और इलाज की व्यवस्था प्रभावी ढंग से नहीं बढ़ाई गई, तो संक्रमण और अधिक इलाकों में पहुंच सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर कांगो पर है। 5,200 से ज्यादा मामले और 2,600 से अधिक मौतें इस बात का संकेत हैं कि यह सामान्य स्वास्थ्य संकट नहीं है। आने वाले सप्ताह यह तय करने में बेहद महत्वपूर्ण होंगे कि अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियां इस तेजी से फैलते संक्रमण को रोकने में कितनी सफल होती हैं।

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