8 महीने तक पीछा… फिर घर में घुसा युवक! 11वीं की छात्रा ने लगाए ऐसे आरोप, अब डर के साए में जी रहा पूरा परिवार
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक 16 वर्षीय छात्रा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। नंदग्राम थाना क्षेत्र की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर पिछले करीब आठ महीने से पीछा करने, रास्ते में रोककर परेशान करने, जबरन शादी का दबाव बनाने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि आरोपी की लगातार हरकतों के कारण उसके मन में डर बैठ गया है और अब वह अकेले घर से बाहर निकलने से भी घबराती है।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी युवक उसके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर रहता है। आरोप है कि युवक अक्सर उसका पीछा करता है और रास्ते में उसे परेशान करता है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी कई बार उसका हाथ पकड़ता था और सीटी बजाकर उसे परेशान करता था। छात्रा के अनुसार, इन घटनाओं के चलते उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
स्कूल जाने में भी लग रहा डर
छात्रा का कहना है कि पहले वह सामान्य रूप से स्कूल और दूसरे जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकलती थी, लेकिन आरोपी की कथित हरकतों के बाद उसकी दिनचर्या बदल गई है। अब वह जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलती है। कई बार उसके माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य उसे स्कूल तक छोड़ने और वापस लाने जाता है।
परिवार का कहना है कि छात्रा की सुरक्षा को लेकर वे लगातार चिंतित हैं। पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी की ओर से कथित तौर पर लगातार दबाव और धमकियों के कारण उसे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है।
रास्ते में रोकने और जबरन किस करने का आरोप
छात्रा ने आरोप लगाया कि युवक रास्ते में उसे रोककर परेशान करता था। उसके मुताबिक, आरोपी कई बार जबरन उसका हाथ पकड़ता था और एक घटना में जबरन किस करने का भी आरोप लगाया गया है। छात्रा का कहना है कि उसने आरोपी की इन हरकतों का विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर उसका पीछा करना और परेशान करना बंद नहीं हुआ।
पीड़िता के मुताबिक, युवक कभी उसे फूल देकर शादी करने के लिए दबाव बनाता था और कभी कथित तौर पर धमकी देता था कि अगर उसने शादी से इनकार किया तो उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। छात्रा ने हत्या और तेजाब डालकर चेहरा खराब करने जैसी धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है।
घर में घुसकर छेड़छाड़ का भी आरोप
मामले में छात्रा ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसके मुताबिक, 14 दिसंबर 2025 को आरोपी कथित तौर पर उसके घर में घुस आया था। छात्रा का आरोप है कि युवक उसे कमरे के अंदर खींचकर ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने गलत हरकत करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि उसने आरोपी का विरोध किया तो कथित तौर पर उसे और उसके परिवार को धमकाया गया। इस घटना के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। छात्रा के अनुसार, वह लगातार इस डर में रहने लगी कि आरोपी उसके साथ दोबारा कोई हरकत कर सकता है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
छात्रा और उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन शुरुआत में उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा का दावा है कि उसकी एफआईआर दर्ज कराने को लेकर भी परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवार के मुताबिक, मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने का फैसला किया। 18 अगस्त को छात्रा और उसके परिवार ने गाजियाबाद के डीसीपी से मुलाकात कर दोबारा अपनी शिकायत रखी।
परिवार ने पुलिस अधिकारियों से छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रा नाबालिग है और उसे कथित तौर पर लगातार धमकियां मिल रही हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।
छात्रा के पिता पर भी मुकदमा दर्ज होने का दावा
इस मामले में छात्रा के पिता ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जब उन्होंने अपनी बेटी की शिकायत को लेकर आवाज उठाई तो उनकी सुनवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
पिता के मुताबिक, दिसंबर 2025 में उन्हें इस मामले में जेल भी भेजा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनकी बेटी के बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया था। पिता का कहना है कि उन्हें आशंका है कि दोबारा उनके परिवार को किसी मामले में फंसाया जा सकता है।
हालांकि, पिता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर पुलिस का पक्ष अलग है और पुलिस के अनुसार उस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत चार्जशीट पहले ही अदालत में दाखिल की जा चुकी है।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले को लेकर एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन ने बताया कि छात्रा के पिता के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में चार्जशीट पहले ही न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है और मामला अदालत में विचाराधीन है।
एसीपी के अनुसार, छात्रा की ओर से लगाए गए छेड़छाड़ और अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
गाजियाबाद के इस मामले में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। एक तरफ छात्रा ने लंबे समय तक पीछा करने, धमकी देने, जबरन शादी के लिए दबाव बनाने और घर में घुसकर छेड़छाड़ जैसे आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की सुरक्षा के साथ-साथ निष्पक्ष जांच भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। पुलिस के सामने अब यह चुनौती है कि उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।
फिलहाल छात्रा और उसका परिवार पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। परिवार की सबसे बड़ी चिंता छात्रा की सुरक्षा को लेकर है। पुलिस की जांच पूरी होने और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आरोपी के खिलाफ कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

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