BJP छोड़ते ही शहजाद पूनावाला ने खोले ‘राज’! कांग्रेस को लगा था मोदी पर बरसेंगे, लेकिन राहुल गांधी पर ही कर दिया बड़ा हमला
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला लगातार सुर्खियों में हैं। पार्टी छोड़ने के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने के बजाय कांग्रेस पर ही तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। हालिया वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में पूनावाला ने दावा किया कि बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि वह अब प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की आलोचना करेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, ऐसा नहीं हुआ और कांग्रेस का पूरा अनुमान उल्टा पड़ गया।
पूनावाला ने दावा किया कि बीजेपी छोड़ने के बाद उन्हें कांग्रेस से जुड़े लोगों की ओर से सहानुभूति भरे संदेश मिले। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर कहा कि बीजेपी मुसलमानों के साथ इसी तरह का व्यवहार करती है। हालांकि, ये दावे पूनावाला के अपने आरोप हैं और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बीजेपी छोड़ते ही क्यों बढ़ी कांग्रेस की चिंता?
शहजाद पूनावाला ने अपने वीडियो में कहा कि कांग्रेस के कुछ लोगों को लगा था कि उनके बीजेपी छोड़ने के बाद वह सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमला बोलेंगे। उनका दावा है कि कांग्रेस से जुड़े कथित इकोसिस्टम ने उन्हें अपने पक्ष में आने की उम्मीद से संपर्क किया।
पूनावाला के मुताबिक, उन्हें इस तरह के संदेश मिले कि उनके साथ बीजेपी में गलत हुआ है और उन्हें अब बीजेपी के खिलाफ बोलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उन्हें बीजेपी के मुस्लिमों के साथ कथित व्यवहार का हवाला देते हुए सहानुभूति जताई।
हालांकि, इस बातचीत का पूरा संदर्भ और संबंधित लोगों की पहचान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल पूनावाला के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘कांग्रेस को लगा था मोदी पर हमला करूंगा’
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की उम्मीद थी कि बीजेपी से अलग होने के बाद वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान देंगे। लेकिन उन्होंने इसके विपरीत कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा। एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगा था कि बीजेपी छोड़ने के बाद वह नरेंद्र मोदी पर हमला करेंगे, लेकिन “पूरा मामला उलटा हो गया।” उन्होंने राहुल गांधी पर भी तीखी टिप्पणी की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पूनावाला के बीजेपी से अलग होने के बाद उनकी अगली राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
राहुल गांधी पर बेहद तीखा हमला
पूनावाला ने अपने वीडियो में राहुल गांधी को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनका “फिल्टर” अब हट चुका है और वह खुलकर अपनी राजनीतिक राय रखेंगे।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी आने वाले वर्षों में भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। पूनावाला ने विशेष रूप से 2029, 2034 और 2039 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना उनका राजनीतिक लक्ष्य रहेगा।
पूनावाला ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की टिप्पणी की थी और कहा था कि जब तक वह जीवित हैं, राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।
‘बीजेपी और मोदी के समर्थन में मेरा रुख नहीं बदला’
बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या पूनावाला अब पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करेंगे। लेकिन अपने हालिया बयानों में उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनका समर्थन बरकरार है।
उन्होंने बीजेपी और मोदी के प्रति अपने समर्थन की बात दोहराते हुए कहा कि पार्टी छोड़ना उनकी राजनीतिक विचारधारा बदलने के बराबर नहीं है।
दरअसल, पूनावाला ने अपने इस्तीफे के दौरान भी कहा था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के विजन और बीजेपी के काम का समर्थन करते रहेंगे। उनके इस्तीफे की खबर 17 अगस्त को सामने आई थी। उन्होंने पार्टी छोड़ने के लिए व्यक्तिगत और वित्तीय परिस्थितियों का हवाला दिया था।
राइट विंग पत्रकारों को लेकर भी लगाया आरोप
शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस के कथित “इकोसिस्टम” पर एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ राइट विंग पत्रकारों और सोशल मीडिया हैंडल्स को उनके खिलाफ बयान देने के लिए “मोटिवेट” किया जा रहा है।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया हैंडल्स को कथित तौर पर उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने अपने वीडियो में इसके लिए “सुपारी” जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पत्रकारों की विश्वसनीयता पहले ही उनके नजरिए में कम थी और उनके मुताबिक, इस तरह के बयानों के बाद वह और कम हो गई है।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए खबर में इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पत्रकार के चैनल को लेकर भी उठाया सवाल
पूनावाला ने अपने वीडियो में एक कथित विरोधाभास का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि एक पत्रकार उनके खिलाफ बयान दे रहा था, जबकि उसी पत्रकार के चैनल ने सोशल मीडिया पर उनके समर्थन या उनके पक्ष में कई खबरें प्रकाशित कीं।
पूनावाला ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि यदि कोई मीडिया संगठन उनके खिलाफ अभियान चला रहा है तो उसी संगठन के प्लेटफॉर्म पर उनके बारे में सकारात्मक या समर्थन वाली सामग्री क्यों प्रकाशित की जा रही है।
हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पूनावाला का व्यक्तिगत दावा माना जाना चाहिए।
बीजेपी से इस्तीफे की असली वजह क्या थी?
शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से इस्तीफा देते समय व्यक्तिगत और वित्तीय परिस्थितियों का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका फैसला अचानक नहीं था और वह काफी समय से इस बारे में सोच रहे थे। बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने आर्थिक दबाव और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया।
उनके इस्तीफे के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या वह कांग्रेस में वापस जा सकते हैं। हालांकि, बाद के बयानों में उन्होंने कांग्रेस पर ही तीखे हमले किए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कांग्रेस में लौटने की संभावना को लेकर भी कुछ शर्तों की बात की थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनकी राजनीतिक स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है पूनावाला का बयान?
शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से भी जुड़ा रहा है। वह बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में बीजेपी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हुए। इसलिए बीजेपी छोड़ने के बाद उनके कांग्रेस पर हमले राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में हैं।
कांग्रेस के लिए यह स्थिति इसलिए भी असहज करने वाली हो सकती है क्योंकि उम्मीद की जा रही थी कि बीजेपी से अलग होने के बाद पूनावाला पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध सकते हैं। इसके बजाय वह कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ ही लगातार बयान दे रहे हैं।
हालिया घटनाक्रम से यह भी साफ है कि पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा अपने आप में उनकी राजनीतिक विचारधारा में बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से दोहराया है।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
फिलहाल शहजाद पूनावाला की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। क्या वह किसी नए राजनीतिक मंच से सक्रिय होंगे, क्या बीजेपी के साथ किसी अन्य रूप में जुड़े रहेंगे या फिर भविष्य में कोई अलग राजनीतिक रास्ता चुनेंगे—इस पर अभी स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।
लेकिन एक बात फिलहाल साफ दिखाई दे रही है कि बीजेपी छोड़ने के बाद उनका राजनीतिक बयानबाजी का रुख शांत नहीं हुआ है। बल्कि कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर उनके तेवर और ज्यादा आक्रामक नजर आ रहे हैं।
उनके कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों, पत्रकारों को लेकर किए गए दावों और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर की गई टिप्पणियों ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले को फिलहाल शहजाद पूनावाला के बयानों और दावों के संदर्भ में ही देखना उचित होगा।

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