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फोटो खिंचवाने के बहाने बच्ची को गोद में लिया… अगले ही पल नदी में फेंक दिया! पुल पर मचा हड़कंप



आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में पारिवारिक विवाद के बीच इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सिकंदरा क्षेत्र के अकबरा पुल पर एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपनी 11 महीने की मासूम बेटी को मां की गोद से लेकर यमुना नदी में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी को भी पुल से नीचे धकेलने की कोशिश की। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और महिला को बचाया।

घटना के बाद जब लोगों को पता चला कि आरोपी ने अपनी मासूम बेटी को नदी में फेंक दिया है, तो वहां मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई। लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आई है।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।

आगरा घूमने के बहाने पत्नी और बेटी को लेकर निकला था

बताई गई जानकारी के अनुसार, मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र के बादामगढ़ी गांव का रहने वाला रिंकू शुक्रवार दोपहर अपनी पत्नी लक्ष्मी और 11 महीने की बेटी के साथ बाइक से निकला था।

पत्नी के मुताबिक, पति ने उसे आगरा घूमने की बात कहकर साथ चलने को कहा था। परिवार को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह सफर ऐसी भयावह घटना में बदल जाएगा।

तीनों बाइक से अकबरा पुल पहुंचे। वहां बाइक खड़ी करने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की गोद से बच्ची को लिया।

महिला को उस समय तक किसी अनहोनी का अंदाजा नहीं था।

फोटो खींचने की बात कहकर बच्ची को लिया

पीड़ित महिला के बयान के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर फोटो खींचने की बात कहकर बच्ची को उसकी गोद से लिया।

इसके बाद अचानक उसने बच्ची को यमुना नदी में फेंक दिया।

यह घटना इतनी अचानक हुई कि मां कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गई। उसे समझ ही नहीं आया कि आखिर उसके साथ क्या हुआ।

जब उसे एहसास हुआ कि उसकी 11 महीने की बेटी को नदी में फेंक दिया गया है, तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।

बेटी को फेंकने के बाद पत्नी को भी धक्का देने का प्रयास

महिला का आरोप है कि बच्ची को नदी में फेंकने के बाद आरोपी ने उसे भी पुल से नीचे धकेलने की कोशिश की।

महिला ने खुद को बचाने का प्रयास किया और जोर-जोर से चीखने लगी।

उसकी आवाज सुनकर पुल से गुजर रहे लोग वहां रुक गए। कुछ ही समय में आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

महिला ने लोगों को बताया कि उसके पति ने उनकी 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंक दिया है।

यह सुनते ही वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।

लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया

मासूम बच्ची को नदी में फेंकने की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया।

भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी। घटना का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात कही जा रही है।

हालांकि, किसी भी आरोपी के साथ भीड़ द्वारा हिंसा कानूनन उचित नहीं मानी जाती। किसी अपराध के आरोप की जांच और कार्रवाई पुलिस तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

गोताखोरों ने शुरू की बच्ची की तलाश

पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद यमुना नदी में बच्ची की तलाश शुरू कराई गई।

गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया और नदी में खोज अभियान चलाया गया। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बच्ची का तत्काल कोई सुराग नहीं मिल सका।

नदी का बहाव, गहराई और घटनास्थल की परिस्थितियां तलाश अभियान को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।

परिवार और पुलिस के लिए सबसे बड़ी चिंता अब मासूम बच्ची का पता लगाना है।

पत्नी ने बताया- पति करता था शक

पुलिस को दिए बयान में महिला ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर भी कई बातें बताईं।

लक्ष्मी के मुताबिक, उसकी शादी रिंकू से करीब पौने दो वर्ष पहले हुई थी। महिला का आरोप है कि उसका पति उस पर शक करता था।

इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

महिला ने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया था कि वह करीब छह महीने तक अपने मायके में रही थी।

बाद में परिवार और समाज की पंचायत के बाद दोनों के बीच समझौता कराया गया और आरोपी करीब तीन महीने पहले उसे अपने साथ घर लेकर आया था।

क्या पहले से चल रहा था पारिवारिक विवाद?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पारिवारिक विवाद इतनी भयावह स्थिति तक पहुंच गया?

महिला के बयान से संकेत मिलता है कि पति-पत्नी के बीच पहले से तनाव था। शक को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, इस पूरे विवाद की वास्तविक वजह और घटना के पीछे आरोपी की मंशा क्या थी, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

किसी भी आरोपी के बारे में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले नहीं निकाला जा सकता।

दोबारा साथ रहने के बाद बढ़ा था तनाव?

महिला के मुताबिक, छह महीने तक मायके में रहने के बाद परिवार और समाज की पंचायत के माध्यम से दोनों के बीच समझौता कराया गया था।

इसके बाद वह करीब तीन महीने पहले पति के साथ वापस रहने लगी थी।

ऐसे मामलों में पारिवारिक विवाद को समय रहते समझना और गंभीर स्थिति पैदा होने से पहले उचित मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

अगर पति-पत्नी के बीच लगातार शक, हिंसा, धमकी या मानसिक प्रताड़ना जैसी स्थिति हो तो परिवार के भरोसेमंद लोगों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ काउंसलिंग और कानूनी सहायता भी ली जा सकती है।

घटना ने खड़े किए कई गंभीर सवाल

इस घटना ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिर एक मासूम बच्ची को कथित तौर पर इस तरह नदी में फेंकने तक पारिवारिक विवाद कैसे पहुंच गया?

क्या पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद के बारे में परिवार को पहले से जानकारी थी?

अगर महिला छह महीने तक मायके में रही थी तो क्या उस दौरान दोनों के रिश्ते को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं?

और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस घटना को पहले रोका जा सकता था?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, आरोपी रिंकू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

गोताखोरों की मदद से बच्ची की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ और आरोपी की मंशा क्या थी।

जांच के दौरान घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और आरोपी की पत्नी के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

मां की चीख ने बचाई उसकी जान

इस घटना में एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि महिला ने समय रहते शोर मचा दिया।

अगर वह चुप रहती या आसपास के लोगों को घटना की जानकारी नहीं मिलती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

महिला की चीख सुनकर राहगीरों का वहां पहुंचना उसके लिए जीवन बचाने वाला साबित हुआ।

अब वह अपनी 11 महीने की बेटी की तलाश के लिए पुलिस और गोताखोरों की ओर देख रही है।

यमुना में तलाश अभियान जारी

नदी में किसी व्यक्ति के गिरने के बाद उसकी तलाश करना बेहद कठिन काम होता है। पानी की गहराई, बहाव और दृश्यता जैसी परिस्थितियां बचाव दल के सामने चुनौती पैदा करती हैं।

ऐसे में गोताखोरों द्वारा व्यवस्थित तरीके से खोज अभियान चलाया जाता है।

बच्ची के परिवार के लिए हर गुजरता पल बेहद मुश्किल है। पुलिस और बचाव दल की कोशिश है कि जल्द से जल्द मासूम का पता लगाया जा सके।

आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के अकबरा पुल पर हुई यह घटना पारिवारिक विवाद के भयावह परिणाम को सामने लाती है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी 11 महीने की मासूम बेटी को मां की गोद से लेकर यमुना नदी में फेंक दिया और इसके बाद पत्नी को भी पुल से नीचे धकेलने की कोशिश की।

महिला की चीख सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। इसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और बच्ची की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।

इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है—मासूम बच्ची के साथ आखिर क्या हुआ और उसे नदी में फेंकने के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी? इसका जवाब पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

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