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नौकरी का झांसा या हैवानों का जाल? 8 दिन तक कमरे में कैद रही महिला, बाल काटे और फिर सामने आई रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई!



उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे बच्चों समेत एक मकान में ले जाया गया और करीब आठ दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। महिला ने एक व्यक्ति और उसकी महिला सहयोगी समेत कई लोगों पर नशीला पदार्थ पिलाने, मारपीट करने और सामूहिक दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।

नौकरी का सपना दिखाकर महिला को ले गए बाराबंकी शहर

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िता बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। महिला का कहना है कि पति से अनबन चल रही थी और इसी दौरान उसके संपर्क में आई एक मुंहबोली भाभी ने उसे शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

पीड़िता के अनुसार, 2 अगस्त को आरोपी महिला एक लाल रंग की कार से सुहेल अंसारी और एक अन्य व्यक्ति के साथ उसके गांव पहुंची। आरोप है कि इसके बाद उसे उसके दो बच्चों के साथ बाराबंकी शहर ले जाया गया। बच्चों में चार साल का एक दिव्यांग बेटा भी शामिल है।

महिला का आरोप है कि उन्हें कोठीडीह इलाके में स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।

कमरे में बंद करने के बाद शुरू हुई कथित दरिंदगी

पीड़िता ने आरोप लगाया कि कमरे में बंद करने के बाद उसी रात सुहेल अंसारी ने उसके साथ जबरदस्ती की। महिला के मुताबिक, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकाया गया।

इसके बाद हालात और गंभीर होते चले गए। महिला ने दावा किया कि उसे 2 अगस्त से 10 अगस्त तक घर के अंदर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे शराब और बीयर में नशीली गोलियां मिलाकर जबरन पिलाने का आरोप लगाया गया है।

पीड़िता का कहना है कि नशे की हालत में उसके साथ लगातार यौन हिंसा की गई और कथित तौर पर दूसरे लोगों को भी वहां बुलाया जाता था। महिला ने कई लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह पुष्टि हो सकेगी।

बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी का भी आरोप

पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक बेहद गंभीर आरोप और लगाया है। उसका कहना है कि जब उसने वहां से भागने की कोशिश की तो उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई।

महिला के अनुसार, उसके बच्चों के साथ भी मारपीट की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके सिर के बाल काट दिए। लगातार कथित हिंसा और यौन उत्पीड़न के कारण उसकी हालत बेहद खराब हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की ओर से मेडिकल जांच और उसके बयान को कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज कराने की मांग की गई है।

10 अगस्त को बाहर निकलने का दावा

पीड़िता के मुताबिक, करीब आठ दिनों तक बंधक रहने के बाद 10 अगस्त को उसे पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसने अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की।

14 अगस्त को एसपी कार्यालय पहुंची महिला ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती बताई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, महिला की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

पति ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पीड़िता के पति ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पति का दावा है कि मामले में पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई और उन्होंने कथित तौर पर लापरवाही तथा वसूली के आरोप भी लगाए हैं।

हालांकि, पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।

SP को सौंपा गया शिकायती पत्र

पीड़िता और उसके पति ने पुलिस अधीक्षक को विस्तृत शिकायती पत्र देकर कई मांगें रखी हैं। इनमें पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने, मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज कराने और मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित करने की मांग प्रमुख है।

शिकायत में लाल रंग की कार की जांच और उसे जब्त करने की मांग भी की गई है। साथ ही सुहेल अंसारी, उसकी कथित सहयोगी महिला और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी सच्चाई

यह मामला फिलहाल पीड़िता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, घटनास्थल की जांच और पुलिस विवेचना के बाद ही हो सकेगी।

ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानून और संवेदनशील पत्रकारिता के लिहाज से उचित नहीं है। इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं लाई जा रही है।

बाराबंकी का यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें नौकरी का झांसा देने, बंधक बनाने, कथित नशीला पदार्थ देने, बच्चों को धमकाने और सामूहिक यौन हिंसा जैसे बेहद गंभीर आरोप एक साथ सामने आए हैं। अब निगाह पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।

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