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₹250 करोड़ का नुकसान, ₹16 करोड़ का कर्ज और पुश्तैनी घर पर नीलामी का साया… राजपाल यादव की जिंदगी में अचानक क्या हुआ?



बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और कॉमेडी के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा आर्थिक और कानूनी विवादों को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता ने हाल ही में दावा किया है कि पिछले करीब 13 वर्षों में उन्हें व्यक्तिगत तौर पर लगभग ₹200 करोड़ से ₹250 करोड़ तक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उनका कहना है कि मुश्किलें चाहे जितनी बड़ी हों, वह उन लोगों का पैसा लौटाने की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे, जिनसे उन्होंने कभी उधार लिया है।

राजपाल यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके खिलाफ चल रहे पुराने चेक बाउंस मामलों और बैंक लोन विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसी बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में उनकी संपत्तियों को लेकर करीब ₹16.61 करोड़ के बकाये की वसूली के लिए कार्रवाई शुरू की है। बैंक की ओर से जारी प्रक्रिया के मुताबिक, संबंधित संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी 9 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, अगर बकाया रकम निर्धारित समय में जमा नहीं होती।

13 साल में ₹200-250 करोड़ के नुकसान का दावा

राजपाल यादव ने अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति पर खुलकर बात करते हुए कहा है कि पिछले 13 वर्षों का दौर उनके लिए बेहद कठिन रहा। उनके मुताबिक, इस दौरान उन्हें करीब ₹200 करोड़ से ₹250 करोड़ तक का नुकसान हुआ।

अभिनेता ने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक परेशानियों को देखकर उनके पूरे करियर या उनकी पहचान का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने खुद को भारतीय सिनेमा और कला का विद्यार्थी बताते हुए कहा कि उनके लिए अभिनय सिर्फ कमाई का जरिया नहीं रहा है।

राजपाल के मुताबिक, वह लंबे समय से कला को प्राथमिकता देते आए हैं और पैसे की तुलना में अपने काम को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आर्थिक संकट के बावजूद उनका आत्मविश्वास कमजोर नहीं हुआ है।

2013 से 2016 के बीच सबसे ज्यादा नुकसान

राजपाल यादव ने बताया कि उनके लिए 2013 से 2016 के बीच का समय आर्थिक रूप से सबसे मुश्किल रहा। उनका दावा है कि इस अवधि में उनके कई विदेशी कार्यक्रम और काम के अवसर छूट गए।

उन्होंने कहा कि कम से कम 50 विदेशी दौरे प्रभावित हुए और उनकी कमाई में भी भारी गिरावट आई। फीस में अंतर समझाते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस काम के लिए कभी ₹100 मिलने चाहिए थे, वहां उन्हें केवल ₹10 मिलने जैसी स्थिति बन गई थी।

अभिनेता ने हालांकि इस नुकसान को सिर्फ पैसे के नजरिए से देखने से इनकार किया। उनका कहना है कि वह कला के छात्र हैं और अपने काम में पूर्णता हासिल करना उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।

“200 लोगों का पैसा भी होगा तो लौटाऊंगा”

राजपाल यादव ने अपने ऊपर बकाया रकम को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने जीवन में 100 या 200 लोगों से पैसे उधार लिए हैं, तो वह उनका पैसा वापस करने की कोशिश करेंगे।

उनका कहना है कि कुछ लोगों का पैसा लौटाया जा चुका है, जबकि बाकी लोगों का पैसा भी वह समय के साथ चुकाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि वह अपने दायित्वों से भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं।

अभिनेता ने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक परेशानियों के आधार पर उनकी पूरी जिंदगी या कलाकार के रूप में उनकी पहचान को नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने अपनी लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित रहते हैं।

“₹5 करोड़ या ₹250 करोड़ में मुझे नहीं खरीदा जा सकता”

राजपाल यादव ने अपने बयान में अपनी कला के प्रति जुड़ाव को लेकर भी काफी भावुक बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति उन्हें ₹5 करोड़, ₹10 करोड़, ₹100 करोड़ या ₹250 करोड़ देकर नहीं खरीद सकता।

उनके मुताबिक, उनकी असली पहचान उनका अभिनय और कला है। आर्थिक संकट को वह अपने पूरे करियर की पहचान नहीं मानते। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर आ सकता है, लेकिन कलाकार की पूरी यात्रा को केवल किसी एक आर्थिक या कानूनी विवाद से नहीं मापा जाना चाहिए।

₹16.61 करोड़ के बकाये पर संपत्तियों की नीलामी की तैयारी

राजपाल यादव की आर्थिक परेशानी का एक बड़ा हिस्सा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े पुराने लोन विवाद से भी सामने आया है। बैंक के अनुसार, करीब ₹16.61 करोड़ की रकम बकाया है। शाहजहांपुर जिले में उनकी पैतृक संपत्ति सहित दो संपत्तियों को लेकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, इन संपत्तियों की संयुक्त अनुमानित कीमत करीब ₹3.19 करोड़ बताई गई है, जबकि बैंक का बकाया इससे काफी अधिक है। ऑनलाइन नीलामी की तारीख 9 सितंबर 2026 तय की गई है।

हालांकि, इस मामले में राजपाल यादव के परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि बैंक के साथ भुगतान को लेकर बातचीत चल रही है और परिवार को उम्मीद है कि मामला नीलामी तक पहुंचने से पहले सुलझ सकता है।

फिल्म बनाने के लिए लिया गया था बड़ा कर्ज

इस आर्थिक विवाद की जड़ राजपाल यादव की फिल्म “अता पता लापता” से जुड़ी बताई जाती है। यह फिल्म उनके निर्देशन में बनी थी और 2012 में रिलीज हुई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने करीब ₹5 करोड़ का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और इसके बाद कर्ज की अदायगी को लेकर विवाद शुरू हुआ। समय बीतने के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण बकाया रकम बढ़ती गई।

यही विवाद आगे चलकर चेक बाउंस के मामलों में बदल गया। जुलाई 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सात चेक डिसऑनर मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखते हुए तीन महीने की साधारण कैद सुनाई थी। अदालत ने प्रत्येक मामले में ₹1.05 करोड़ का जुर्माना भी लगाया था।

पहले भी जेल जा चुके हैं राजपाल यादव

यह पहली बार नहीं है जब चेक बाउंस विवाद के कारण राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा हो। इस मामले में अदालत की कार्यवाही लंबे समय से चलती रही है। फरवरी 2026 में उन्हें जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया था और उन्होंने तिहाड़ जेल में करीब 12 दिन बिताए थे।

इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रही और जुलाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने सात मामलों में सजा से संबंधित फैसला सुनाया।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि फिल्म निर्माण में बड़े स्तर पर पैसा लगाने वाले कलाकारों के लिए आर्थिक जोखिम कितना बड़ा हो सकता है। राजपाल यादव के मामले में एक फिल्म से जुड़ा वित्तीय विवाद वर्षों तक चलता रहा और इसका असर उनकी निजी संपत्तियों और करियर पर भी दिखाई दिया।

संघर्ष से बॉलीवुड तक पहुंचे राजपाल यादव

राजपाल यादव की कहानी केवल विवादों तक सीमित नहीं है। छोटे शहर और साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से प्रशिक्षण लेने के बाद वह मुंबई पहुंचे, जहां शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।

मुंबई पहुंचने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती काम हासिल करना और खुद को स्थापित करना था। उन्होंने छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी कॉमिक टाइमिंग और अलग अंदाज के कारण दर्शकों के बीच लोकप्रिय होते चले गए।

“हंगामा”, “गरम मसाला”, “चुप चुप के”, “फिर हेरा फेरी” और “भूल भुलैया” जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं। खासकर उनकी कॉमिक शैली ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे पहचाने जाने वाले हास्य कलाकारों में शामिल कर दिया।

प्रियदर्शन के साथ भी किया लंबा काम

राजपाल यादव ने निर्देशक प्रियदर्शन के साथ कई फिल्मों में काम किया। दोनों की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार कॉमेडी किरदार दिए।

उनकी खासियत यह रही कि कम समय के स्क्रीन रोल में भी वह अपनी मौजूदगी दर्ज करा देते थे। उनके संवाद बोलने का अंदाज, चेहरे के भाव और टाइमिंग उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाते थे।

इसी वजह से वह केवल कॉमेडी तक सीमित नहीं रहे और गंभीर भूमिकाओं में भी अपनी प्रतिभा दिखाते रहे।

मुश्किलों के बीच भी काम जारी रखने का दावा

आर्थिक और कानूनी विवादों के बीच राजपाल यादव ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि वह अपने काम को इन परेशानियों से अलग देखते हैं। हालिया बयानों में उन्होंने अपनी कला, दर्शकों के प्यार और भविष्य में काम करते रहने की इच्छा पर जोर दिया है।

उनके मुताबिक, आने वाले समय में वह अपने काम के जरिए यह साबित करना चाहते हैं कि किसी कलाकार की पूरी पहचान उसके जीवन के एक कठिन दौर से तय नहीं हो सकती।

फिलहाल राजपाल यादव के सामने दो बड़ी चुनौतियां दिखाई दे रही हैं—एक तरफ पुराने चेक बाउंस मामलों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और दूसरी तरफ बैंक के करोड़ों रुपये के बकाये से जुड़ी संपत्ति कार्रवाई। परिवार की ओर से बैंक के साथ बातचीत जारी होने की बात कही गई है, इसलिए अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या 9 सितंबर की प्रस्तावित नीलामी से पहले मामला सुलझ जाता है या राजपाल यादव की पुश्तैनी संपत्तियां वास्तव में नीलामी प्रक्रिया में चली जाती हैं।

एक तरफ करोड़ों रुपये का कर्ज और कानूनी मुश्किलें हैं, तो दूसरी तरफ अभिनेता का दावा है कि वह अपने सभी दायित्व पूरे करेंगे। अब आने वाले दिनों में बैंक और अदालत से जुड़े फैसले ही तय करेंगे कि राजपाल यादव की इस लंबी आर्थिक लड़ाई का अगला अध्याय क्या होगा।

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