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रात 10 बजे बेटे से हुई आखिरी बात… सुबह घर में मिली लाश! IPS की मां के गहने गायब, इंजेक्शन के निशान ने बढ़ाया रहस्य



उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रा देवी की कथित तौर पर लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी रविवार सुबह उस समय हुई, जब घर में काम करने वाली महिला वहां पहुंची। घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाने पर इंद्रा देवी का शव कमरे में बेड पर पड़ा मिला और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था।

शरीर से सोने की चेन, कंगन, कुंडल, अंगूठी समेत कई आभूषण गायब मिले हैं। शुरुआती जांच में मामला लूट के बाद हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फोरेंसिक टीम ने भी जांच की।

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के बाद बेटे के साथ थीं मां

बताया जा रहा है कि आईपीएस आशुतोष मिश्र का पैतृक गांव मालीपुर क्षेत्र के धवरुआ मजरे रूढ़ा गांव में है। वह वर्तमान में लखनऊ में आवास निर्माण प्रभारी पद पर तैनात हैं। गांव में गजाधरनाथ मर्यादा नाम से इंटर कॉलेज भी संचालित होता है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को आशुतोष मिश्र अपनी मां इंद्रा देवी के साथ विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह देर शाम करीब छह से सात बजे के बीच लखनऊ लौट गए। उनकी मां विद्यालय में चल रहे अधूरे वायरिंग के काम को पूरा कराने के लिए वहीं रुक गई थीं।

रात करीब 10 बजे आशुतोष मिश्र ने अपनी मां से फोन पर बात भी की थी। उस समय बातचीत सामान्य बताई जा रही है। इसके बाद रात में ऐसा क्या हुआ, यह फिलहाल पुलिस जांच का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

सुबह फोन नहीं उठा तो बढ़ी चिंता

रविवार सुबह करीब छह बजे आशुतोष मिश्र ने अपनी मां को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। शुरुआत में इसे सामान्य वजह माना गया होगा, लेकिन जब काफी देर तक संपर्क नहीं हो पाया तो चिंता बढ़ने लगी।

सुबह करीब नौ बजे घर में काम करने वाली पियारी देवी वहां पहुंचीं। उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। दरवाजा खोलकर जब वह अंदर पहुंचीं तो इंद्रा देवी अपने तख्त पर नहीं थीं।

उन्होंने आवाज लगाते हुए अंदर जाकर देखा तो इंद्रा देवी हाल में बेड पर पड़ी थीं। उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। यह दृश्य देखकर पियारी देवी घबरा गईं और उन्होंने पड़ोसी राम नायक को इसकी जानकारी दी।

राम नायक मौके पर पहुंचे और उन्होंने इंद्रा देवी के मुंह से कपड़ा निकाला। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस और आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र को दी गई।

घर में बिखरा नहीं था सामान, फिर भी गायब थे जेवर

सूचना मिलने के बाद आशुतोष मिश्र दोपहर करीब एक बजे अपने घर पहुंचे। उन्होंने मां के शरीर और घर की स्थिति देखी। इसी दौरान पता चला कि इंद्रा देवी के शरीर से कई सोने के आभूषण गायब हैं।

पुलिस के अनुसार, सोने की चेन, कंगन, कुंडल, अंगूठी सहित अन्य आभूषण नहीं मिले। इस कारण प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने लूट के बाद हत्या की आशंका जताई है।

हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस लूट के अलावा अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान, शरीर पर खरोंच

घटनास्थल पर पुलिस को कुछ ऐसे सुराग भी मिले हैं, जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया है। इंद्रा देवी के हाथ में इंजेक्शन लगाए जाने जैसा निशान दिखाई दिया। इसके अलावा शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं।

इंजेक्शन का निशान किस वजह से था और घटना से उसका कोई संबंध है या नहीं, इसका पता जांच के बाद चलेगा। पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है। पोस्टमार्टम और अन्य वैज्ञानिक जांच से मौत के वास्तविक कारण तथा घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी अनूप सिंह और थानाध्यक्ष शशांक शुक्ल समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने घर के अंदर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि रात के समय घर के आसपास कौन-कौन लोग दिखाई दिए थे और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी किसी पड़ोसी को हुई थी या नहीं।

इसके बाद शाम करीब छह बजे अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घर के अंदर जाकर निरीक्षण किया और छत पर भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीआईजी ने पुलिस टीम को बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

अब कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

इस घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बदमाश घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और वारदात के बाद बाहर कैसे निकले।

घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला था। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाशों ने वारदात के बाद किस तरीके से दरवाजा बंद किया। क्या उनके पास घर की कोई चाबी थी या उन्होंने किसी दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया, यह जांच का अहम हिस्सा है।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इंद्रा देवी को पहले से किसी व्यक्ति के आने की जानकारी थी या नहीं। रात करीब 10 बजे बेटे से फोन पर बातचीत के बाद उनके साथ क्या हुआ, इसकी टाइमलाइन तैयार की जा रही है।

फोन कॉल और आसपास के लोगों से भी मिलेगी जानकारी

जांच में इंद्रा देवी के मोबाइल फोन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस रात की उनकी आखिरी बातचीत, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले उन्होंने किससे संपर्क किया था।

साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। यदि घर के आसपास या आने-जाने वाले मार्गों पर कैमरे लगे हैं तो पुलिस रात के समय वहां से गुजरने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों की पहचान करने का प्रयास करेगी।

पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। किसी अजनबी व्यक्ति की मौजूदगी, रात में किसी वाहन की आवाज या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

बेटे की तहरीर पर लूट और हत्या का मुकदमा

आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि की है।

पुलिस की कई टीमें अब इस वारदात को सुलझाने में जुटी हैं। बदमाशों की पहचान के लिए घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों के अलावा तकनीकी जांच का भी सहारा लिया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना को गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

परिवार और गांव में पसरा मातम

इंद्रा देवी की हत्या की खबर सामने आने के बाद परिवार के साथ-साथ गांव में भी शोक का माहौल है। जिस महिला ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बेटे के साथ स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, उसी की अगली सुबह हत्या की खबर सामने आने से लोग स्तब्ध हैं।

सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर रात के समय घर में कौन पहुंचा और किस वजह से इंद्रा देवी को निशाना बनाया गया। जेवरों के गायब होने के कारण लूट की आशंका मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वारदात को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, मोबाइल और तकनीकी जांच तथा आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मां के घर में इस तरह वारदात होना अपने आप में गंभीर मामला है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि वह इस रहस्यमय हत्या की गुत्थी कितनी जल्दी सुलझाती है और वारदात के पीछे असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।

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