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‘मेरे साथ संबंध बनाओ, पूरा खर्च मैं उठाऊंगा’… छात्रा की आपबीती सुनकर सन्न रह गया परिवार, 4 महीने के शोषण का आरोप



उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से नाबालिग छात्रा के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। गोला थाना क्षेत्र में रहने वाली 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा ने एक निजी स्कूल के प्रबंधक के बेटे पर कई महीनों तक उसका कथित शोषण करने, धमकाने और बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। छात्रा के मुताबिक, आरोपी उसे आगे की पढ़ाई में मदद करने और गोरखपुर शहर में पढ़ाने का लालच देता था। आरोप है कि जब छात्रा ने उसकी बात मानने से इनकार किया तो उसे फेल कराने और बदनाम करने की धमकी दी गई।

मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब छात्रा के मुताबिक आरोपी के साथ हुई उसकी बातचीत का एक ऑडियो कथित तौर पर वायरल हो गया। परिवार का कहना है कि ऑडियो सामने आने के बाद छात्रा मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और उसने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, उसकी छोटी बहन को पहले से ही पूरे मामले की जानकारी थी। उसने समय रहते छात्रा को संभाला और परिवार के अन्य सदस्यों को घटना के बारे में बताया।

इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

स्कूल के केबिन में बुलाने का आरोप

पीड़िता एक निजी गर्ल्स इंटर कॉलेज में 10वीं कक्षा में पढ़ती है। परिवार के मुताबिक, उसके पिता काम के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं, जबकि छात्रा अपनी मां, बाबा और छोटी बहन के साथ गांव में रहती है।

छात्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि करीब चार महीने पहले छुट्टी के बाद स्कूल प्रबंधक के बेटे ने उसे अपने केबिन में बुलाया था। छात्रा के मुताबिक, उस समय केबिन में वह अकेला था। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ जबरदस्ती की गई और विरोध करने पर उसे धमकाया गया।

शिकायत के अनुसार, घटना के बाद भी आरोपी ने छात्रा से संपर्क बनाए रखा। छात्रा का आरोप है कि उसे लगातार दबाव में रखा गया और मामले की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

पुलिस अब छात्रा द्वारा लगाए गए इन आरोपों की जांच कर रही है। मामले में स्कूल परिसर, संबंधित लोगों की मौजूदगी और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।

पढ़ाई और भविष्य का लालच देने का आरोप

छात्रा का आरोप है कि आरोपी उसे आगे पढ़ाई कराने और गोरखपुर शहर में शिक्षा दिलाने का लालच देता था। कथित तौर पर उससे कहा जाता था कि अगर वह आगे पढ़ना चाहती है और शहर में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है तो उसे आरोपी की बात माननी होगी।

शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने तथा उसके लिए कमरा दिलाने की बात कही थी। इतना ही नहीं, कथित तौर पर उसके परिवार के सदस्य से बात करने की बात भी कही गई।

छात्रा के मुताबिक, इन बातों के जरिए उस पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे कथित तौर पर स्कूल में फेल करने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी गई।

हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

छोटी बहन को बताई पूरी बात

कई दिनों तक कथित दबाव झेलने के बाद छात्रा ने आखिरकार यह बात अपनी छोटी बहन को बताई। बहन ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसके साथ है और परिवार को पूरी जानकारी देने के लिए उसका हौसला बढ़ाया।

परिवार के अनुसार, छात्रा काफी समय से परेशान थी। वह अपने साथ हुई घटना को लेकर तनाव में थी और उसे यह डर भी था कि अगर मामला सामने आया तो उसकी पढ़ाई और सामाजिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

इसी बीच आरोपी की ओर से कथित तौर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई। छात्रा ने मिलने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसे फोन पर गाली-गलौज की और बदनाम करने की धमकी दी।

यहीं से मामला और गंभीर हो गया।

बातचीत का ऑडियो वायरल होने का आरोप

छात्रा ने आरोप लगाया है कि मिलने से इनकार करने के बाद आरोपी ने फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो कथित तौर पर वायरल कर दिया।

ऑडियो के सामने आने की जानकारी जब छात्रा और उसके परिवार को हुई तो वह बेहद परेशान हो गई। परिवार के मुताबिक, उसे डर था कि उसकी निजी बातचीत सार्वजनिक हो गई है और अब गांव तथा स्कूल के लोगों के बीच उसकी बदनामी होगी।

परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक तनाव के बीच छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, उसकी छोटी बहन ने समय रहते उसे संभाल लिया।

परिवार ने इसके बाद मामले को छिपाने के बजाय पुलिस तक ले जाने का फैसला किया।

थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

शुक्रवार को छात्रा अपने बाबा के साथ गोला थाने पहुंची। वहां उसने पुलिस को पूरी घटना के बारे में बताया और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी।

परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी ने छात्रा को लगातार डराया-धमकाया और उसकी पढ़ाई तथा भविष्य को लेकर दबाव बनाया। परिवार का यह भी कहना है कि ऑडियो वायरल होने के बाद छात्रा की मानसिक स्थिति काफी खराब हो गई थी।

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले में एफआईआर दर्ज की है।

अब पुलिस की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, कथित ऑडियो किसने वायरल किया और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया।

ऑडियो सामने आने के बाद गांव में हंगामा

मामले की जानकारी स्थानीय लोगों तक पहुंचने और कथित ऑडियो के सामने आने के बाद गांव में भी तनाव की स्थिति बन गई।

बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीण आरोपी के स्कूल तक पहुंच गए और वहां हंगामा किया। लोगों ने आरोपी को घेरने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी के वहां से निकल जाने की बात सामने आई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ऑडियो को किसने रिकॉर्ड किया, इसे किस माध्यम से फैलाया गया और इसके पीछे आरोपी की क्या भूमिका थी।

पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश

गोला क्षेत्र के सीओ दरवेश कुमार के मुताबिक, छात्रा की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस मामले में छात्रा के बयान, कथित ऑडियो, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर तकनीकी और फोरेंसिक जांच की मदद भी ली जा सकती है।

पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती यह भी है कि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऑडियो वास्तव में किसने साझा किया और वह कितने लोगों तक पहुंचा।

नाबालिग होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील

क्योंकि शिकायतकर्ता नाबालिग है, इसलिए मामले में बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधान भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा के साथ जांच आगे बढ़ानी होती है।

नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में जांच के दौरान पीड़िता के बयान और उसकी सुरक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है। साथ ही, किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, ऑडियो या अन्य डिजिटल सामग्री को सार्वजनिक रूप से फैलाना पीड़िता के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकता है।

इसी वजह से इस मामले में सामने आने वाली किसी भी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को शेयर करने या उसकी पहचान उजागर करने से बचना बेहद जरूरी है।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई सवाल

फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ताओं के सामने कई सवालों के जवाब तलाशने होंगे।

सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि छात्रा के लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था। इसके अलावा कथित ऑडियो की सच्चाई, उसके वायरल होने की परिस्थितियां, आरोपी और छात्रा के बीच संपर्क तथा स्कूल परिसर में हुई घटनाओं की भी जांच की जाएगी।

पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि क्या मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम किस तरह हुआ और आरोपी की भूमिका क्या थी।

परिवार ने मांगा न्याय

घटना सामने आने के बाद छात्रा के परिवार ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि छात्रा की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए और उसे पर्याप्त सुरक्षा तथा मानसिक सहयोग मिलना चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं। मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।

गोरखपुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल सामने लाती है कि स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले नाबालिग छात्रों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। किसी भी छात्र या छात्रा को अगर धमकी, दबाव, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़े, तो उसे अकेले इसका सामना करने के बजाय किसी भरोसेमंद परिजन, शिक्षक या संबंधित प्राधिकरण को तुरंत जानकारी देनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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