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मदद के बहाने कार में बैठाया, मासूम बेटे के सामने हुई खौफनाक हरकत… चलती कार में रेप की कोशिश करने वाला गिरफ्तार

 

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे हाईकोर्ट ले जाने के बहाने कार में बैठाया गया और वापसी के दौरान उसके साथ चलती कार में दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। महिला का आरोप है कि उस समय उसका दो वर्षीय मासूम बेटा भी कार में मौजूद था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे तथा उसके छोटे बच्चे को जौनपुर के पास चलती कार से नीचे फेंक दिया गया।

मामले में गीडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, मामले में आरोपी की महिला साथी ज्योति मिश्रा की तलाश जारी है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

हाईकोर्ट ले जाने के बहाने महिला को कार में बैठाया

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िता मूल रूप से देवरिया के गौरीबाजार क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में गोरखपुर के झंगहा क्षेत्र में रह रही थी। महिला ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न से संबंधित मुकदमा दर्ज करा रखा है। इसी मामले में भरण-पोषण से संबंधित कानूनी प्रक्रिया के लिए वह गोरखपुर दीवानी कचहरी आती-जाती थी।

इसी दौरान उसकी मुलाकात गीडा सेक्टर-5 में रहने वाली एक महिला से हुई। पीड़िता के मुताबिक, बाद में वह उस महिला के घर घरेलू काम भी करने लगी थी। इसी परिचय के आधार पर दोनों के बीच विश्वास का संबंध बना।

महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 7 अगस्त को आरोपी महिला ने उसे मदद करने की बात कही और अपने एक दोस्त के साथ हाईकोर्ट जाने का प्रस्ताव दिया। पीड़िता अपने दो वर्षीय बेटे को भी साथ लेकर कार में बैठ गई। कार में आरोपी महिला का दोस्त रवि प्रताप सिंह भी मौजूद था।

प्रयागराज से लौटते समय बदला माहौल

पीड़िता का आरोप है कि प्रयागराज पहुंचने के बाद वापसी के दौरान रास्ते में आरोपी युवक और महिला ने बीयर खरीदी और कार में उसका सेवन किया। महिला का कहना है कि उसे भी शराब पिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने इनकार कर दिया।

इसके बाद कथित तौर पर कार के भीतर माहौल अचानक बदल गया। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, रवि प्रताप सिंह ने उसके साथ अश्लील हरकत शुरू की और जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया।

महिला ने इसका विरोध किया। उसने अपने दो वर्षीय बेटे की मौजूदगी का भी हवाला देते हुए आरोपी की हरकत का विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी युवक और उसकी महिला साथी ने उसके साथ मारपीट की और उसके कपड़े भी फाड़ दिए।

विरोध करने पर बेटे समेत कार से फेंकने का आरोप

पीड़िता के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने उसे और उसके दो वर्षीय बेटे को जौनपुर के पास कार से नीचे फेंक दिया। महिला का आरोप है कि वह सड़क पर घायल अवस्था में पड़ी रही और कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गई।

आरोप है कि कार से नीचे फेंके जाने के बाद रवि प्रताप सिंह वाहन से उतरा और ईंट से महिला पर हमला किया। इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

घायल महिला की हालत देखकर स्थानीय लोगों ने उसकी मदद की और उपचार कराया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शुरू की जांच, प्रयागराज और जौनपुर पहुंचीं टीमें

घटना की शिकायत मिलने के बाद गीडा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि महिला और आरोपियों की कार किस रास्ते से प्रयागराज से वापस आई थी और जौनपुर में उन्हें किस स्थान पर नीचे उतारा गया।

जांच के लिए पुलिस की टीमें प्रयागराज और जौनपुर तक भेजी गईं। पुलिस ने संभावित घटनास्थलों, कार के रूट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। इसके अलावा महिला के बयान, उपचार से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी मिलान किया गया।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान कार में वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, महिला साथी की तलाश जारी

जांच के बाद गीडा पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वहीं, मामले में नामजद महिला आरोपी ज्योति मिश्रा अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कह रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता के बयान और मेडिकल दस्तावेज भी जांच का हिस्सा

इस मामले में पुलिस केवल आरोपियों की तलाश तक सीमित नहीं है। जांच में पीड़िता के बयान, उसके उपचार से संबंधित दस्तावेज, कथित घटनास्थल और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला को जिस कार से ले जाया गया था, वह किस रूट से गुजरी और घटना के बाद आरोपी किस दिशा में गए। जांच टीमों ने प्रयागराज और जौनपुर में भी जानकारी जुटाई है।

ऐसे मामलों में आरोपों की पुष्टि के लिए घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और आरोपियों के बयानों का मिलान महत्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

महिला और उसके बच्चे की सुरक्षा भी अहम

इस घटना में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कथित वारदात के दौरान महिला का दो वर्षीय बच्चा भी उसके साथ था। आरोप है कि महिला और उसके मासूम बच्चे को चलती कार से सड़क पर उतार दिया गया। ऐसी स्थिति में बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पीड़िता पहले से ही पारिवारिक विवाद और कानूनी मामले का सामना कर रही थी। ऐसे में जिस व्यक्ति और महिला से उसे मदद की उम्मीद थी, उन्हीं पर उसने गंभीर आरोप लगाए हैं।

हालांकि, मामले में आरोप अदालत में साबित होना बाकी है। इसलिए सभी आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

मदद के नाम पर भरोसा बना, फिर सामने आया गंभीर आरोप

पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पीड़िता और आरोपी महिला के बीच पहले से परिचय था। पीड़िता उसके घर घरेलू काम करती थी और इसी कारण उसके मन में उसके प्रति भरोसा था। आरोप है कि इसी भरोसे का इस्तेमाल उसे प्रयागराज ले जाने के लिए किया गया।

महिला का कहना है कि उसे भरण-पोषण से जुड़े मामले में मदद का भरोसा दिया गया था। लेकिन वापसी के दौरान कथित तौर पर उसके साथ ऐसी घटना हुई, जिसके बाद वह अपने बच्चे के साथ सड़क पर घायल अवस्था में मिली।

अब पुलिस की जांच यह निर्धारित करेगी कि घटना वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई और इसमें दोनों आरोपियों की क्या भूमिका थी।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

गोरखपुर का यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या महिला को वास्तव में मदद के नाम पर प्रयागराज ले जाया गया था? कार में वापसी के दौरान क्या हुआ? जौनपुर में उसे और उसके बच्चे को किस स्थान पर उतारा गया? और घटना में आरोपी महिला की वास्तविक भूमिका क्या थी?

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के दौरान सामने आएंगे।

फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दूसरी आरोपी महिला की तलाश जारी है। पुलिस प्रयागराज से जौनपुर तक घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इस मामले में लगाए गए सभी गंभीर आरोप फिलहाल पुलिस शिकायत और जांच पर आधारित हैं। आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।

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