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सोना ₹1.60 लाख के बिल्कुल करीब, चांदी ₹2.55 लाख पार! आज बाजार में होने वाला है बड़ा खेल, जानें अगला धमाका क्या होगा?



Gold Silver Price Today 21 August 2026: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अहम है। पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है, जबकि चांदी का भाव ₹2.55 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं और चांदी में तेजी देखी गई है।

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.1 फीसदी फिसलकर $4,516.19 प्रति औंस पर रहा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6 फीसदी बढ़कर $4,571.40 पर बंद हुए। दूसरी तरफ चांदी करीब 1.9 फीसदी उछलकर $68.16 प्रति औंस तक पहुंच गई।

ऐसे में शुक्रवार को सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना दोबारा ₹1.60 लाख का आंकड़ा पार करेगा और क्या चांदी ₹2.60 लाख की तरफ बढ़ेगी?

सोने का ताजा भाव क्या है?

भारत में सोने की कीमतों में लगातार तेजी और गिरावट का दौर जारी है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोना करीब ₹15,924 प्रति ग्राम, यानी लगभग ₹1,59,240 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। 22 कैरेट सोना करीब ₹14,586 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹1,45,860 प्रति 10 ग्राम बताया जा रहा है।

हालांकि शहर, ज्वेलर, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और स्थानीय बाजार की स्थिति के कारण ग्राहकों को मिलने वाला अंतिम भाव अलग हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के ताजा उपलब्ध भावों में 24 कैरेट सोना करीब ₹15,435 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब ₹14,700 प्रति ग्राम बताया गया है।

इसलिए अगर आप आज सोना खरीदने जा रहे हैं तो केवल ऑनलाइन दिख रहे एक भाव के आधार पर फैसला न लें। अपने शहर के भरोसेमंद ज्वेलर से अंतिम कीमत और बिल जरूर जांचें।

चांदी ने भी बढ़ाई टेंशन

सोने के साथ चांदी भी लगातार बाजार का ध्यान खींच रही है। 21 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में चांदी करीब ₹255 प्रति ग्राम, यानी ₹2,55,000 प्रति किलो के आसपास है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी ने हाल में जोरदार तेजी दिखाई। गुरुवार को इसकी कीमत करीब 1.9 फीसदी बढ़कर $68.16 प्रति औंस तक पहुंच गई।

चांदी की तेजी का असर भारत के घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है। यही वजह है कि निवेशकों के साथ-साथ ज्वेलरी, इंडस्ट्रियल और सिल्वरवेयर से जुड़े कारोबारियों की नजर भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर बनी हुई है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है सोने का भाव?

सोने की कीमत पर कई अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ता है। इनमें अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीदें, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख हैं।

हालिया तेजी में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी ने सोने को कुछ समर्थन दिया है।

जब बॉन्ड यील्ड और वास्तविक ब्याज दरों को लेकर बाजार में नरमी की उम्मीद बढ़ती है तो सोने की आकर्षकता बढ़ सकती है। निवेशक ऐसे माहौल में सुरक्षित संपत्तियों की तरफ रुख कर सकते हैं।

हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अपेक्षाकृत सख्त रुख और तेल की बढ़ती कीमतें सोने पर दबाव भी डाल सकती हैं।

डॉलर और रुपये का भी बड़ा खेल

भारत में सोने की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय गोल्ड रेट से तय नहीं होती। डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अगर रुपया कमजोर होता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत स्थिर रहती है, तो भारत में सोना महंगा हो सकता है। सोने की घरेलू कीमत पर अंतरराष्ट्रीय भाव और रुपये की चाल दोनों का असर पड़ता है।

20 अगस्त को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब ₹95.7050 पर बंद हुआ था।

इसलिए आने वाले दिनों में डॉलर-रुपया की चाल भी सोने और चांदी के घरेलू भाव के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

क्या ₹1.60 लाख पार करेगा सोना?

यह इस समय बाजार में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सोना पहले ही ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में ₹1.60 लाख का स्तर मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी जारी रहती है और रुपये पर दबाव बना रहता है, तो घरेलू कीमत इस स्तर के ऊपर जा सकती है।

लेकिन इसके उलट अगर डॉलर मजबूत होता है, बॉन्ड यील्ड बढ़ती है या निवेशक मुनाफावसूली शुरू करते हैं तो सोने में अचानक गिरावट भी देखी जा सकती है।

चांदी के लिए ₹2.60 लाख अगला पड़ाव?

चांदी करीब ₹2.55 लाख प्रति किलो पर पहुंच चुकी है। ऐसे में बाजार में अब ₹2.60 लाख के स्तर को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है।

लेकिन चांदी सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाली धातु मानी जाती है। इसमें निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण होती है।

सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी के इस्तेमाल की वजह से इसकी कीमत पर केवल निवेशकों की खरीदारी का असर नहीं पड़ता।

अगर अंतरराष्ट्रीय चांदी बाजार में तेजी जारी रहती है तो घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

MCX पर भी नजर

भारत में सोने और चांदी के वायदा कारोबार के लिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX महत्वपूर्ण बाजार है। 20 अगस्त के कारोबार में MCX गोल्ड ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम के ऊपर और MCX सिल्वर ₹2.41 लाख प्रति किलो के ऊपर कारोबार करते हुए मजबूत दिखे।

यह अंतर घरेलू स्पॉट/रिटेल भाव और वायदा भाव की प्रकृति, कॉन्ट्रैक्ट और समय के अंतर के कारण हो सकता है। इसलिए निवेशकों को स्पॉट रेट और MCX फ्यूचर्स को एक ही कीमत नहीं समझना चाहिए।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

अगर आप शादी, त्योहार या व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल यह सोचकर खरीदारी करना कि कीमत हमेशा बढ़ेगी, सही रणनीति नहीं हो सकती।

सोने में खरीदारी करते समय अपनी जरूरत, बजट और समयावधि को ध्यान में रखना चाहिए। अगर पूरी राशि एक साथ लगाने को लेकर असमंजस है तो कुछ निवेशक चरणबद्ध खरीदारी का विकल्प देखते हैं।

लेकिन निवेश का तरीका व्यक्ति की वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है।

निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

आने वाले दिनों में सोना-चांदी खरीदने वालों और निवेशकों को कुछ प्रमुख संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए।

पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी नीति।

दूसरा, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल।

तीसरा, मध्य पूर्व समेत वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव।

चौथा, कच्चे तेल की कीमत।

पांचवां, भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति।

इन सभी कारकों का मिलाजुला असर घरेलू बुलियन बाजार पर पड़ सकता है।

बढ़ते भाव का ग्राहकों पर क्या असर?

सोने और चांदी की ऊंची कीमतों का सबसे सीधा असर ज्वेलरी खरीदने वालों पर पड़ता है। सोने की कीमत बढ़ने के साथ गहनों की कुल कीमत भी बढ़ जाती है।

इसके अलावा मेकिंग चार्ज और टैक्स अलग से जुड़ने के कारण ग्राहक को बाजार में दिखाई देने वाले बेस रेट से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।

यही कारण है कि शादी या किसी बड़े आयोजन के लिए सोना खरीदने वाले परिवार अक्सर कीमतों में थोड़ी गिरावट का इंतजार करते हैं। लेकिन बाजार की दिशा का सटीक अनुमान लगाना आसान नहीं है।

सोने में निवेश की तस्वीर भी बदल रही है

भारत में सोने को सिर्फ आभूषण के रूप में नहीं देखा जाता। पिछले कुछ समय में निवेशकों की दिलचस्पी बार, कॉइन और गोल्ड से जुड़े वित्तीय उत्पादों में भी रही है।

2026 की पहली तिमाही में भारत में निवेश मांग ने ज्वेलरी खपत को पीछे छोड़ दिया था। इससे संकेत मिलता है कि रिकॉर्ड या ऊंची कीमतों के बावजूद सोने को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल सोने और चांदी दोनों में तेजी का माहौल जरूर है, लेकिन बाजार बेहद संवेदनशील है। एक तरफ सोने को कमजोर डॉलर और कम यील्ड की उम्मीद से समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ फेड की नीति, महंगा तेल और मुनाफावसूली कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

चांदी में भी तेजी मजबूत है, लेकिन इसका उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में ज्यादा तेज हो सकता है।

इसलिए आने वाले दिनों में ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम का सोने का स्तर और ₹2.60 लाख प्रति किलो की चांदी बाजार के लिए महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर बन सकते हैं।

21 अगस्त 2026 को सोना करीब ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.55 लाख प्रति किलो के आसपास बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत मजबूत है, जबकि चांदी ने हालिया सत्र में करीब 1.9 फीसदी की तेजी दिखाई है।

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि सोना ₹1.60 लाख का आंकड़ा पार करता है या नहीं और चांदी ₹2.60 लाख की ओर बढ़ती है या मुनाफावसूली का दबाव सामने आता है।

हालांकि सोना-चांदी की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले अपने शहर का ताजा भाव, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और कुल लागत जरूर जांचें। निवेश का फैसला अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही लेना बेहतर है।

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