Breaking News

Video: बैंक में घुसा बाढ़ का पानी, फिर 8 घंटे चला खौफनाक ऑपरेशन! लॉकर खुलते ही सामने आया करोड़ों के सोने का राज

AI image 


नेपाल में तिब्बत से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार बारिश और उफनती नदियों के कारण देश के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ की चपेट में नेपाल के आठ जिले बुरी तरह प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई बस्तियों में पानी और मलबा घुसने से घर, सड़कें और दूसरी संपत्तियां तबाह हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच अब नुवाकोट जिले से सामने आया एक वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो में राहत और बचाव दल के सदस्य एक बैंक के अंदर से भारी संख्या में लॉकर और कीमती सामान बाहर निकालते नजर आ रहे हैं।

पहली नजर में यह किसी सामान्य राहत अभियान जैसा दिखाई देता है, लेकिन जब बैंक के अंदर मौजूद संपत्ति की जानकारी सामने आई तो मामला बेहद अहम हो गया। बताया जा रहा है कि बचाव अभियान के दौरान बैंक से करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना बाहर निकाला गया। इसके साथ बड़ी मात्रा में नकदी, चांदी और अन्य कीमती सामान भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

नुवाकोट में बाढ़ के पानी में डूब गया था पूरा बैंक

जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली इलाके में स्थित कृषि विकास बैंक की त्रिशूली-ढुंगे शाखा का है। 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ के बाद बैंक की पूरी इमारत पानी में डूब गई थी। नदी का पानी अपने साथ बड़ी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और अन्य मलबा लेकर आया, जो बैंक के अंदर तक पहुंच गया।

बाढ़ का पानी बैंक के अंदर लगातार जमा होता रहा। शुरुआत में बैंककर्मियों को उम्मीद थी कि पानी कुछ समय बाद कम हो जाएगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन हालात उम्मीद के मुताबिक नहीं सुधरे। कई दिनों तक पानी और मलबे के कारण बैंक के अंदर जाना बेहद जोखिम भरा बना रहा।

सबसे बड़ी चिंता बैंक के लॉकरों में रखे सोने, नकदी और अन्य कीमती सामान को लेकर थी। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती गई, इन सामानों को सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती भी बढ़ती गई।

जब बैंक के अंदर शुरू हुआ विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ के पानी के बीच बैंक के लॉकरों और दूसरे सुरक्षित हिस्सों तक पहुंचना आसान नहीं था। मलबे के कारण बैंक के कई हिस्से पूरी तरह बाधित हो गए थे। ऐसे में पुलिस और संबंधित राहत-बचाव टीमों ने विशेष अभियान शुरू किया।

अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान करीब 8 घंटे तक लगातार चला। टीमों को बैंक के अंदर जमा पानी और मलबे के बीच बेहद सावधानी से काम करना पड़ा। उद्देश्य केवल बैंक की संपत्ति निकालना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि बचाव अभियान के दौरान कोई व्यक्ति हादसे का शिकार न हो।

टीम ने धीरे-धीरे बैंक के अंदर मौजूद लॉकरों और अन्य कीमती सामान तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी बचावकर्मी बैंक से लॉकर बाहर लाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना बरामद

अधिकारियों के अनुसार, लंबे और मुश्किल अभियान के बाद बैंक के अंदर से लगभग 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके अलावा करीब डेढ़ करोड़ नेपाली रुपये की नकदी, चांदी और अन्य कीमती सामान भी बरामद किया गया।

बाढ़ के कारण केवल कीमती धातुओं और नकदी को ही खतरा नहीं था। बैंक के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी पानी और मलबे के बीच फंसे हुए थे। राहत टीमों ने इन दस्तावेजों को भी बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

इस पूरे अभियान में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बैंक के अंदर की स्थिति सामान्य नहीं थी। पानी के साथ आया मलबा कई हिस्सों में जमा था, जिसके कारण लॉकरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। इसके बावजूद टीम ने लगातार कई घंटे काम करके बैंक की महत्वपूर्ण संपत्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वीडियो देखकर लोगों के बीच बढ़ी चर्चा

बैंक से लॉकर निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बचाव दल के लोग बैंक की इमारत से सामान बाहर निकालते नजर आते हैं। बाढ़ की भयावहता के बीच बैंक की करोड़ों की संपत्ति को सुरक्षित निकालने की कोशिश ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

यह घटना इस बात को भी दिखाती है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान केवल लोगों की जान बचाना ही चुनौती नहीं होती, बल्कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड और वित्तीय संस्थानों की संपत्ति को सुरक्षित रखना भी बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है।

नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नुवाकोट में बैंक रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें ऐसे समय सामने आई हैं, जब नेपाल के कई हिस्से बाढ़ की गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई इलाकों में लोगों के घरों और दूसरी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ के कारण कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं। नदी के तेज बहाव और जगह-जगह जमा मलबे के कारण बचावकर्मियों को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

आपदा के छठे दिन भी राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं।

मृतकों का आंकड़ा 903 तक पहुंचा

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सोमवार तक बाढ़ और संबंधित आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई थी। वहीं करीब 4,247 लोग अब भी लापता बताए गए।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। कई जगहों पर हालात इतने खराब हैं कि बचाव दलों को मलबे और पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक, चितवन जिले से 272 शव, नवलपरासी पूर्व से 184, नवलपरासी पश्चिम से 82 और गोरखा से 58 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहू से 36 और रसुवा से 13 शव मिलने की जानकारी दी गई है।

एक तरफ जिंदगी बचाने की जद्दोजहद, दूसरी तरफ करोड़ों की संपत्ति की सुरक्षा

नेपाल में आई इस आपदा की तस्वीरें बाढ़ की भयावहता को साफ दिखाती हैं। जहां एक तरफ हजारों लोग अपनों की तलाश में हैं और राहत शिविरों में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी संस्थानों और बैंकों की महत्वपूर्ण संपत्तियों को सुरक्षित रखने की चुनौती भी सामने है।

नुवाकोट के कृषि विकास बैंक में चलाया गया आठ घंटे का ऑपरेशन इसी चुनौती की एक तस्वीर है। बाढ़ के पानी और मलबे से घिरे बैंक के अंदर से करोड़ों रुपये का सोना, नकदी, चांदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज निकालना राहत एवं बचाव टीम के लिए आसान काम नहीं था।

फिलहाल बैंक से निकाली गई संपत्ति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। वहीं नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना और बाढ़ से तबाह इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

नुवाकोट बैंक से करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित निकालने की घटना ने जहां राहत टीमों की मुश्किलों को सामने रखा है, वहीं नेपाल में जारी प्राकृतिक आपदा की गंभीरता की एक और तस्वीर दुनिया के सामने रख दी है।

कोई टिप्पणी नहीं