आसमान से आफत बनकर बरसेंगे बादल! 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 75 KM की रफ्तार से हवाएं—IMD ने दी बड़ी चेतावनी
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। कई राज्यों में लगातार बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमानों के मुताबिक, 20 अगस्त के आसपास देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी की भी संभावना जताई गई है।
मौसम को लेकर सामने आई रिपोर्टों में 21 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट बताया गया है। कुछ इलाकों में हवा की गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और जिलों के लिए मौसम विभाग की चेतावनियां अलग हो सकती हैं। इसलिए स्थानीय IMD अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक वाला मौसम देखने को मिल रहा है।
IMD के पूर्वानुमान में उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जारी किया गया है। साथ ही राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में भी आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क बंद होने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान में हिमाचल प्रदेश के लिए 19 से 23 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई थी।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का बदला मिजाज
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं बादल छाने के बाद अचानक बारिश का दौर शुरू हो जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधि बने रहने की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार अगले कई दिनों तक बादल और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, खासकर जब गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधि हो।
दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी का असर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मानसून सक्रिय है। दिल्ली-NCR में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। गुरुवार को बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, जबकि आने वाले समय में भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।
बारिश के दौरान दिल्ली-NCR में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। सड़कों पर जलभराव होने से कई इलाकों में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ या कमजोर होर्डिंग गिरने का खतरा भी रहता है।
मध्य भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। IMD के ताजा अपडेट में पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना का उल्लेख किया गया है।
लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है, जबकि शहरों में निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
राजस्थान और पंजाब में भी मौसम बदलेगा
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में पूर्वी राजस्थान में 20 और 21 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है।
पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल, बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। तेज हवा के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
पूर्वी भारत में भी बारिश का जोर
झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। पूर्वी भारत में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है।
ओडिशा में पहले से ही कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर निगरानी की जा रही है। ऐसे में लगातार होने वाली बारिश प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा सकती है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास भी मौसम प्रणाली के कारण बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी बारिश
पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी है। महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की चेतावनी दी गई है। IMD के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र के जिला पूर्वानुमान में भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में बाढ़, कमजोर पेड़ों के गिरने और सड़क, रेल तथा अन्य परिवहन सेवाओं पर असर की संभावना बताई गई है।
कर्नाटक में भी कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। IMD के बेंगलुरु मौसम बुलेटिन के अनुसार तटीय कर्नाटक के अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई स्थानों पर भी वर्षा दर्ज की गई।
तेज हवा के दौरान रहें सावधान
मौसम विभाग की चेतावनियों में कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बताई गई है। जिन इलाकों में हवा की गति काफी तेज होने का अनुमान है, वहां लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवा के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों, पुराने मकानों, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों से दूरी बनाकर रखना बेहतर है। वाहन चालकों को भी खुले रास्तों और हाईवे पर सावधानी से वाहन चलाना चाहिए।
बारिश से जनजीवन पर पड़ सकता है असर
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ता है। कई शहरों में सड़कें पानी से भर सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने से फसलों पर असर पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
IMD की चेतावनियों में भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने तथा कमजोर पेड़ों के गिरने जैसी परिस्थितियों की संभावना बताई गई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश और आंधी के दौरान लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेत या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने या यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
IMD की सलाह पर रखें नजर
मौसम तेजी से बदल सकता है और किसी राज्य के भीतर भी अलग-अलग जिलों में चेतावनी का स्तर अलग हो सकता है। इसलिए 21 राज्यों के लिए बताए जा रहे व्यापक अलर्ट को अपने जिले का सटीक पूर्वानुमान न मानें। IMD लगातार अपने बुलेटिन और जिला स्तर की चेतावनियां अपडेट करता है।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारी बारिश के साथ तेज हवा और आकाशीय बिजली लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम की स्थिति को हल्के में न लें और यात्रा या बाहरी गतिविधियों से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी जरूर जांच लें।

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