एक मौत से मचा हड़कंप! अब Congo के छठे प्रांत में पहुंचा Ebola, क्या शुरू होने वाली है संक्रमण की नई लहर?
किनाशासा: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में Ebola वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब यह संक्रमण देश के छठे प्रांत Bas-Uele तक पहुंच गया है। इस क्षेत्र में पहले Ebola का कोई मामला सामने नहीं आया था, लेकिन एक संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता काफी बढ़ गई है।
एक मरीज की मौत के बाद मचा हड़कंप
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मृतक एक मोटरसाइकिल टैक्सी चालक था, जो पड़ोसी Haut-Uele प्रांत से Bas-Uele की राजधानी Buta पहुंचा था। वहां उसकी तबीयत बिगड़ गई। मरीज में रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दिए और जांच के बाद उसके Ebola से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि मौत से पहले संक्रमित व्यक्ति कई लोगों के संपर्क में आया हो सकता है। अधिकारियों ने उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग को डर है कि अगर संक्रमण की कड़ी समय रहते नहीं तोड़ी गई तो वायरस नए इलाकों में तेजी से फैल सकता है।
तेजी से बढ़ रहा है Ebola का प्रकोप
WHO के अनुसार मौजूदा प्रकोप Bundibugyo virus से जुड़ा है। यह Ebola वायरस का एक दुर्लभ प्रकार है। इस स्ट्रेन के खिलाफ अभी कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है, हालांकि संभावित वैक्सीन और उपचारों पर क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं।
12 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार DRC में 4,566 से अधिक पुष्ट मामले और 2,128 संबंधित मौतें दर्ज की जा चुकी थीं। अब Bas-Uele में संक्रमण पहुंचने के बाद प्रभावित प्रांतों की संख्या छह हो गई है।
क्यों बढ़ रही है स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता?
इस प्रकोप को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि वायरस ऐसे क्षेत्रों में फैल रहा है जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। कई इलाके दूरदराज और संघर्ष प्रभावित हैं। खराब सड़कें, स्वास्थ्यकर्मियों की कमी और लोगों की लगातार आवाजाही संक्रमण पर नियंत्रण को मुश्किल बना रही है।
WHO ने भी बताया है कि इस प्रकोप के दौरान निगरानी, संपर्कों की पहचान और मरीजों को अलग रखने जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
क्या है Ebola और कैसे फैलता है?
Ebola एक गंभीर वायरल बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति के खून या अन्य शारीरिक द्रव्यों के सीधे संपर्क से संक्रमण फैल सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हो सकते हैं। बीमारी बढ़ने पर उल्टी, दस्त और कुछ मामलों में रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
मौजूदा प्रकोप का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कई मामले उन लोगों में भी सामने आ रहे हैं जो पहले से निगरानी में दर्ज संपर्कों की सूची में नहीं थे। इससे संक्रमण की वास्तविक श्रृंखला का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
दुनिया की नजर अब Bas-Uele पर
छठे प्रांत तक संक्रमण पहुंचने के बाद अब स्वास्थ्य एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि Bas-Uele में वायरस का प्रसार कितनी दूर तक हो चुका है। एक संक्रमित व्यक्ति की मौत अपने आप में केवल एक मामला नहीं है, बल्कि उसके संपर्क में आए लोगों के कारण संक्रमण की नई श्रृंखला शुरू होने की आशंका भी पैदा करती है।
WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां निगरानी, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, अस्पतालों की तैयारी और समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण की नई कड़ियों को जल्दी पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने से रोकना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। Bas-Uele में नए मामले सामने आते हैं या नहीं, यह तय कर सकता है कि Congo का यह Ebola प्रकोप कितनी तेजी से और कितने बड़े क्षेत्र में फैलता है।

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