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ब्यूटी पार्लर में छिपा था ऐसा राज, छापेमारी होते ही सामने आईं दो लापता नाबालिगें; 11 गिरफ्तार



मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर की आड़ में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद किया, जबकि अलग-अलग ठिकानों से 10 महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के तार बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है।

मामले की शुरुआत एक नाबालिग लड़की के लापता होने से हुई। पानापुर करियात थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बेंगलुरु के एक युवक से कथित तौर पर प्रेम हो गया था। बताया जा रहा है कि 12 जुलाई 2026 को वह अपने प्रेमी से मिलने के इरादे से घर से निकलकर मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। उसे वहां से बेंगलुरु जाना था।

लेकिन स्टेशन के आसपास उसकी मुलाकात कथित दलाल संजय साह उर्फ सूरज साह से हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और बाद में उसे देह व्यापार के नेटवर्क में पहुंचा दिया।

बेटी के गायब होते ही परिवार ने दर्ज कराई शिकायत

किशोरी के अचानक घर से गायब होने के बाद परिवार के लोग बेहद परेशान हो गए। परिजनों ने उसी दिन यानी 12 जुलाई को पानापुर करियात थाने में लिखित शिकायत देकर बेटी के लापता होने की सूचना दी। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार शर्मा के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम की कमान डीएसपी वेस्ट वन सुचित्रा कुमारी को सौंपी गई।

पुलिस टीम ने किशोरी की तलाश के लिए तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ मानवीय सूचनाओं का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले और संदेह के आधार पर संजय साह उर्फ सूरज साह तक पहुंच बनाई गई।

पूछताछ में खुलने लगा ब्यूटी पार्लर के पीछे का राज

पुलिस ने संदेही संजय साह को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उससे मिली जानकारी के आधार पर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित एक ब्यूटी पार्लर में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस को लापता किशोरी वहां मिल गई। पुलिस ने उसे सकुशल रेस्क्यू कर लिया। लेकिन इसी कार्रवाई में जांचकर्ताओं के सामने एक और चौंकाने वाली जानकारी आई।

उसी ब्यूटी पार्लर से तुर्की थाना क्षेत्र से लापता हुई एक अन्य नाबालिग लड़की को भी बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि मामला केवल एक किशोरी के लापता होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है।

पुलिस ने मौके से कथित तौर पर देह व्यापार संचालित करने वाली दो महिला संचालकों को भी गिरफ्तार किया।

नाबालिगों से पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी

दोनों नाबालिगों को रेस्क्यू करने के बाद महिला पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे कथित अवैध कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे कथित तौर पर एक जगह से दूसरी जगह स्थित ब्यूटी पार्लरों में भेजा जाता था और जबरन देह व्यापार में धकेला जाता था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने मामले को व्यापक स्तर पर जांचना शुरू कर दिया।

पीड़िता की निशानदेही और जांच से मिले सुरागों के आधार पर नगर थाना क्षेत्र और शहर के अन्य हिस्सों में स्थित कई ब्यूटी पार्लरों पर एक साथ छापेमारी की गई।

कई ठिकानों पर छापेमारी, 11 गिरफ्तार

विशेष पुलिस टीम ने अलग-अलग ब्यूटी पार्लरों में कार्रवाई करते हुए कई संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सामान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए। पुलिस ने मामले की जांच को मजबूत करने के लिए बरामद वस्तुओं को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया।

पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 10 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने की बात सामने आई है।

इससे पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं।

FSL टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से भी जांच शुरू कर दी है। इसके लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला यानी FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थलों से महत्वपूर्ण भौतिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, नाबालिगों को किस तरह फंसाया जाता था और उन्हें किन-किन स्थानों पर भेजा जाता था।

मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालक और अन्य सहयोगियों तक पहुंचना है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों और युवतियों को निशाना बनाया जाता था या इसके लिए कोई अन्य तरीका इस्तेमाल किया जाता था।

डीएसपी वेस्ट वन सुचित्रा कुमारी के अनुसार, 12 जुलाई को दर्ज प्राथमिकी के बाद विशेष टीम ने तेजी से कार्रवाई की। पहले संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके बाद काजी मोहम्मदपुर तथा नगर थाना क्षेत्र के अलग-अलग ठिकानों से दो लापता नाबालिगों को सुरक्षित बरामद किया गया।

शहर के ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों की होगी जांच

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी। मुजफ्फरपुर शहर में संचालित ब्यूटी पार्लरों और स्पा सेंटरों की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं अन्य प्रतिष्ठानों की आड़ में भी इसी तरह की अवैध गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले ने शहर में संचालित ब्यूटी पार्लरों और स्पा सेंटरों की निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी है।

फिलहाल दोनों नाबालिगों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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