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सोना-चांदी में आया ऐसा तूफान कि बाजार में मच गई हलचल! 3 दिन में ₹20,000 से ज्यादा उछले भाव, अब आगे क्या होगा?



नई दिल्ली: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में ही सोने की कीमत में करीब ₹6,400 प्रति 10 ग्राम और चांदी में करीब ₹14,000 प्रति किलोग्राम तक का उछाल दर्ज किया गया। इससे निवेशकों के साथ-साथ शादी और त्योहारी सीजन के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों की चिंता भी बढ़ गई है।

21 अगस्त 2026 को घरेलू वायदा बाजार में भी तेजी का माहौल रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, MCX पर सोना फिर से ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी ने ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर पार कर लिया।

तीन दिन में सोने ने बदली बाजार की तस्वीर

सोने की कीमतों में यह तेजी अचानक नहीं आई है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बुलियन मार्केट में लगातार मजबूती दिखाई दे रही है। 21 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, केवल तीन दिनों में MCX पर सोना लगभग ₹6,400 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ।

इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान फिर से सोने की ओर खींचा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर को छुआ। Reuters के मुताबिक, 21 अगस्त को स्पॉट गोल्ड करीब 2.4% बढ़कर $4,623.94 प्रति औंस पर पहुंच गया और इस सप्ताह सोने में 5% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई।

यह तेजी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोने ने अपनी 200-दिन की औसत कीमत के ऊपर भी मजबूती दिखाई है, जिसे बाजार में एक सकारात्मक तकनीकी संकेत माना जाता है।

चांदी ने भी दिखाई जबरदस्त रफ्तार

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार उछाल आया है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹14,000 प्रति किलोग्राम तक महंगी होने की रिपोर्ट सामने आई है। MCX पर चांदी ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के ऊपर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी मजबूत हुई। Reuters के अनुसार, 21 अगस्त को स्पॉट सिल्वर लगभग 2.3% बढ़कर $69.62 प्रति औंस पर पहुंच गया।

चांदी की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। इससे ज्वेलरी, चांदी के सिक्के, बर्तन और निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों के बजट पर सीधा असर पड़ सकता है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है सोना?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजहों में से एक अमेरिकी डॉलर में कमजोरी बताई जा रही है। जब डॉलर कमजोर होता है तो आमतौर पर डॉलर में कीमत वाले सोने की मांग दूसरे देशों के निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है।

इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी सोने की चाल को प्रभावित कर रही हैं। कमजोर आर्थिक संकेतों और ब्याज दरों में आगे नरमी की संभावनाओं के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ सकता है।

सोने को आमतौर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में किसी बड़े आर्थिक या राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इसकी मांग बढ़ सकती है।

अमेरिका से जुड़े फैसलों का भी असर

अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड को प्रभावित करने वाले कदम और डॉलर की कमजोरी ने भी हालिया तेजी को समर्थन दिया है। बाजार में यह धारणा बनी कि अमेरिकी मुद्रा पर दबाव बढ़ने से सोने जैसी वैकल्पिक संपत्तियों की मांग को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, बुलियन बाजार कई कारकों से प्रभावित होता है। इसलिए केवल एक कारण के आधार पर आगे की कीमतों का अनुमान लगाना जोखिम भरा हो सकता है।

क्या आगे और महंगा हो सकता है सोना?

मौजूदा तेजी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोना आने वाले दिनों में और ऊपर जाएगा। Reuters की रिपोर्ट में तकनीकी विश्लेषकों ने सोने के 200-दिन के मूविंग एवरेज के ऊपर निकलने को सकारात्मक संकेत बताया है। कुछ विश्लेषणों में $4,700 प्रति औंस के स्तर को संभावित अगला लक्ष्य बताया गया है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कीमत लगातार एक ही दिशा में जाएगी। इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। वैश्विक बाजार में डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों, आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में बदलाव का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ सकता है।

भारत में ग्राहकों के लिए बढ़ी मुश्किल

सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर भारतीय ग्राहकों पर भी पड़ रहा है। खासकर शादी और त्योहारी सीजन नजदीक आने के कारण आभूषण खरीदने वाले परिवारों का बजट प्रभावित हो सकता है।

महंगे सोने के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी टाल सकते हैं या कम वजन के आभूषणों का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं निवेशक कीमतों में तेजी को देखते हुए अपनी रणनीति पर दोबारा विचार कर सकते हैं।

हालिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि भारत में ऊंची कीमतों के कारण भौतिक सोने की मांग पर दबाव बना हुआ है।

सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप अभी सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल बाजार भाव देखकर फैसला न लें। ज्वेलरी की कीमत में सोने के अलावा मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST जैसे अतिरिक्त खर्च भी शामिल हो सकते हैं।

अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले कुल कीमत की तुलना करना जरूरी है।

निवेश के लिए सोना खरीदने वालों को भी अपनी वित्तीय जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। किसी एक दिन की तेजी देखकर पूरी रकम निवेश करना उचित रणनीति नहीं माना जाता।

चांदी में तेजी ने बढ़ाया सस्पेंस

चांदी की मौजूदा चाल सोने से भी ज्यादा दिलचस्प नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों में चांदी ने तेज गति से बढ़त दर्ज की है और MCX पर ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई।

चांदी केवल आभूषण और निवेश की धातु नहीं है। इसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में भी होता है। इसलिए वैश्विक औद्योगिक मांग में बदलाव भी इसकी कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

बाजार में अब किस बात का इंतजार?

अब निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों से जुड़े संकेतों, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी। इन कारकों में कोई बड़ा बदलाव सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है।

फिलहाल तस्वीर साफ है—सोना और चांदी दोनों ने अगस्त के तीसरे सप्ताह में जबरदस्त मजबूती दिखाई है। सोना तीन दिनों में करीब ₹6,400 और चांदी करीब ₹14,000 महंगी होने से बाजार में हलचल बढ़ गई है।

लेकिन कीमतों की तेजी देखकर घबराकर खरीदारी या जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार की दिशा, अपनी जरूरत और बजट को ध्यान में रखकर फैसला करना ज्यादा समझदारी होगी।

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