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लूट के लिए आया था नकाबपोश, चेहरा खुलते ही महिला ने पहचान लिया! फिर पड़ोसी ने जो किया, उसने पूरे मोहल्ले को हिला दिया



पठानकोट: पंजाब के पठानकोट जिले में कारोबारी की पत्नी की हत्या के मामले ने पुलिस जांच के बाद बेहद चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस वारदात को शुरुआत में किसी बाहरी व्यक्ति की करतूत माना जा रहा था, उसके पीछे मृतका का अपना पड़ोसी ही निकला। आरोप है कि आरोपी पहले से महिला के घर और परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसने मौका देखकर घर में प्रवेश किया और लूट की कोशिश की। लेकिन वारदात के दौरान महिला ने उसे पहचान लिया। इसके बाद पहचान सामने आने के डर से आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर हमला कर दिया।

पुलिस पूछताछ में सामने आई कहानी ने लोगों को हैरान कर दिया है। आरोपी ने कथित तौर पर अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था और सिर पर टोपी पहन रखी थी। हाथ में एक खाली डिब्बा लेकर वह महिला के घर पहुंचा। उसने दरवाजे पर पहुंचकर महिला से कहा कि उनके बेटे ने सामान भेजा है। महिला को किसी तरह का शक न हो, इसके लिए आरोपी ने सामान्य तरीके से बातचीत करने की कोशिश की।

लेकिन घर के अंदर पहुंचने के बाद परिस्थितियां अचानक बदल गईं।

बेटे के दुकान जाते ही आरोपी ने बनाया मौका

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह काफी समय से मौके की तलाश में था। उसे इंतजार था कि महिला का बेटा घर से बाहर जाए और महिला घर में अकेली रह जाए।

सोमवार शाम करीब 7:15 बजे महिला का बेटा दुकान के लिए घर से निकला। उसके घर से निकलने के लगभग 25 मिनट बाद आरोपी कथित तौर पर खाली डिब्बा लेकर महिला के घर पहुंच गया।

उसने दरवाजे पर पहुंचकर खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की। महिला से कहा गया कि उनके बेटे ने सामान भेजा है। इसी बहाने वह घर के अंदर दाखिल हो गया।

आरोपी का इरादा कथित तौर पर घर में मौजूद सामान और सोने के आभूषण लूटने का था।

लेकिन घर के अंदर जाने के बाद उसकी बनाई योजना उस समय बिगड़ गई, जब महिला ने उसका चेहरा पहचान लिया।

चेहरा खुला तो महिला ने पहचान लिया

आरोपी ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। वह नहीं चाहता था कि महिला उसे पहचान सके।

घर के अंदर जाने के बाद उसने पहले महिला से पानी मांगा। इसी दौरान उसके चेहरे से कपड़ा खिसक गया।

महिला की नजर आरोपी के चेहरे पर पड़ी और कथित तौर पर उसने उसे पहचान लिया।

यही वह पल था जब आरोपी को डर लगा कि अब उसकी पहचान सामने आ जाएगी और पूरी वारदात का राज खुल जाएगा।

आरोप है कि इसी डर के कारण उसने महिला पर हमला कर दिया।

हथौड़े और सरिए से हमला करने का आरोप

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात कबूल की। उसके अनुसार महिला द्वारा पहचान लिए जाने के बाद उसने उस पर हमला किया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने महिला के सिर पर हथौड़े से वार किया और चेहरे पर लोहे के सरिए से हमला किया।

हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के दौरान घर के आसपास मौजूद लोगों को महिला की चीखें सुनाई देने लगीं।

आरोपी को अंदाजा हो गया कि अब आसपास के लोग घर के बाहर पहुंच सकते हैं।

इसी दौरान उसने कथित तौर पर महिला के हाथों से सोने के दो कंगन उतार लिए।

कंगन लेकर भागने की बनाई योजना

आरोपी का कथित मकसद घर से कीमती सामान लेकर फरार होना था। लेकिन महिला की पहचान और चीखों के कारण उसके लिए स्थिति मुश्किल हो गई।

आरोपी ने कथित तौर पर घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी उखाड़ ली, ताकि उसकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ न लग सके।

इसके बाद उसने बाहर बढ़ती भीड़ को देखकर भागने का रास्ता तलाशा।

पुलिस के मुताबिक आरोपी सीढ़ियों के रास्ते छत पर पहुंचा और वहां से अपने घर की ओर चला गया।

यह कदम जांच में सबसे चौंकाने वाले पहलुओं में से एक माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी वारदात के बाद किसी दूर जगह भागने के बजाय अपने ही घर पहुंच गया।

हत्या के बाद घर जाकर धोए हाथ-मुंह

आरोपी के कथित व्यवहार ने पुलिस को भी चौंकाया।

बताया गया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा। वहां उसने कथित तौर पर खून से सने हाथ और मुंह धोए।

उसने अपने खून से सने कपड़े भी घर में छिपा दिए।

इसके बाद जब मोहल्ले में महिला के घर से चीख-पुकार और भीड़ जमा होने की खबर फैली तो आरोपी भी कथित तौर पर वहां पहुंच गया।

वह आम लोगों की भीड़ में शामिल हो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

यानी जिस महिला की हत्या का आरोप उस पर था, उसी घटना के बाद वह कथित तौर पर लोगों के बीच खड़ा होकर हालात देखता रहा।

पड़ोसी होने का फायदा उठाया

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला का पड़ोसी था। यही वजह थी कि उसे इलाके और परिवार की दिनचर्या की जानकारी थी।

उसे पता था कि परिवार में कौन कब घर से निकलता है और किस समय महिला अकेली रह सकती हैं।

आरोपी ने इसी जानकारी का कथित तौर पर फायदा उठाया।

अगर वह किसी बाहरी व्यक्ति की तरह घर में आता तो महिला को शक हो सकता था। इसलिए उसने कथित तौर पर बेटे के नाम का सहारा लिया और कहा कि सामान भेजा गया है।

खाली डिब्बा लेकर घर पहुंचने की योजना भी इसी मकसद से बनाई गई बताई जा रही है।

पुलिस को पड़ोसी पर क्यों हुआ शक?

वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में रहने वाले लोगों की गतिविधियों और घटना के समय उनकी मौजूदगी की जानकारी जुटाई।

इसी दौरान पुलिस का शक एक पड़ोसी पर गया।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में पुलिस ने उससे घटना को लेकर जानकारी जुटाई, लेकिन पूछताछ आगे बढ़ने के बाद कथित तौर पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

इसके बाद पुलिस को वारदात की पूरी कहानी समझने में मदद मिली।

नशे का आदी बताया जा रहा आरोपी

जांच में आरोपी के बारे में एक और जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि आरोपी नशे का आदी था। वह अपने घर में अकेला रहता था। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसका कोई भाई-बहन भी नहीं था।

पुलिस अब यह भी जांच कर सकती है कि आरोपी की आर्थिक स्थिति कैसी थी और क्या नशे की आदत के कारण वह आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था।

लूट का कथित मकसद इसी दिशा में जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

अकेले रहने की जानकारी ने बढ़ाया शक

आरोपी के अकेले रहने की जानकारी भी पुलिस जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वारदात के बाद जब वह अपने घर गया और कथित तौर पर खून से सने कपड़े वहां छिपाए, तब किसी परिवार के सदस्य के मौजूद न होने के कारण उसे तत्काल किसी के सवालों का सामना नहीं करना पड़ा।

उसने कथित तौर पर कपड़े छिपाए और खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की।

बाद में वह मोहल्ले की भीड़ में शामिल हो गया।

सीसीटीवी डीवीआर भी ले गया आरोपी

पुलिस के अनुसार आरोपी ने वारदात के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर उखाड़ ली थी।

इससे पता चलता है कि आरोपी कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने को लेकर सतर्क था।

हालांकि जांच एजेंसियों के लिए किसी वारदात में केवल सीसीटीवी रिकॉर्डिंग ही सबूत नहीं होती। घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, आरोपी के कपड़े, बरामद सामान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होते हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी होगी कि डीवीआर और अन्य सामान कहां है और उनसे क्या जानकारी हासिल की जा सकती है।

सोने के दो कंगन बने हत्या की वजह

इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वारदात का कथित मकसद लूट था, वह पहचान खुलने के डर से हत्या तक पहुंच गई।

आरोपी कथित तौर पर महिला के सोने के दो कंगन लेकर भागा।

अगर महिला उसे पहचान नहीं पातीं तो शायद वारदात का स्वरूप अलग होता। लेकिन चेहरा सामने आने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर हिंसा का रास्ता चुना।

यही वजह है कि पुलिस इस मामले में हत्या और लूट दोनों पहलुओं को गंभीरता से देख रही है।

परिवार और मोहल्ले में दहशत

घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है।

जिस व्यक्ति को लोग पड़ोसी के रूप में जानते थे, उसी पर महिला की हत्या का आरोप सामने आने के बाद आसपास के लोगों के लिए इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो गया।

अक्सर पड़ोसी एक-दूसरे के घर और परिवार की दिनचर्या से परिचित होते हैं। ऐसे में अगर किसी पड़ोसी पर ही घर में घुसकर हत्या और लूट का आरोप लगे तो इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

पुलिस अब खंगाल रही है पूरी कड़ी

पुलिस आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए अन्य साक्ष्यों को भी देख रही है। केवल पूछताछ में दिए गए बयान के आधार पर जांच पूरी नहीं मानी जा सकती।

घटनास्थल से मिले साक्ष्य, बरामद आभूषण, हथियार, कपड़े और सीसीटीवी से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा सकता है कि आरोपी ने वारदात से पहले और बाद में किन लोगों से संपर्क किया था।

क्या पहले से बना रहा था योजना?

आरोपी के कथित बयान से यह संकेत मिलता है कि वह महिला के बेटे के घर से निकलने का इंतजार कर रहा था।

अगर जांच में यह बात पुष्ट होती है तो पुलिस यह भी देख सकती है कि आरोपी ने महिला के घर की गतिविधियों पर कितने समय से नजर रखी थी।

खाली डिब्बा लेकर पहुंचना, चेहरा ढकना, टोपी पहनना और बाद में सीसीटीवी की डीवीआर निकालना—ये सभी बातें जांच में महत्वपूर्ण मानी जा सकती हैं।

हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही होगी।

पठानकोट में कारोबारी की पत्नी आशा महाजन की हत्या के मामले ने इसलिए सनसनी फैला दी है क्योंकि आरोपी कोई अजनबी नहीं बल्कि कथित तौर पर उनका पड़ोसी निकला।

आरोप है कि आरोपी ने पहचान छिपाकर खाली डिब्बा हाथ में लिया और महिला के घर पहुंचकर कहा कि उनके बेटे ने सामान भेजा है। घर के अंदर जाने के बाद चेहरा खुलने पर महिला ने उसे पहचान लिया। पहचान सामने आने के डर से आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला कर दिया और उनके सोने के दो कंगन लेकर फरार हो गया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि वारदात के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा, खून से सने कपड़े छिपाए और फिर मोहल्ले में जुटी भीड़ का हिस्सा बन गया, ताकि उस पर किसी को शक न हो।

पुलिस ने पड़ोसी पर संदेह होने के बाद उसे हिरासत में लिया और पूछताछ में उसके कथित तौर पर अपराध स्वीकार करने के बाद वारदात की पूरी कहानी सामने आई।

अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हत्या और लूट की इस पूरी साजिश की योजना कब बनाई गई थी, आरोपी ने किन परिस्थितियों में वारदात को अंजाम दिया और घटना से जुड़े बाकी साक्ष्य क्या कहते हैं।

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