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आसमान में बन रहा है बड़ा सिस्टम! दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में मौसम पलटेगा, बारिश-आंधी को लेकर IMD की चेतावनी



नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि, उपलब्ध ताजा IMD बुलेटिन के अनुसार 13 अगस्त 2026 के लिए 16 राज्यों में एक साथ रेड अलर्ट और 80-85 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का दावा सही नहीं है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

IMD के ताजा पूर्वानुमान में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र और उत्तराखंड में 13 से 19 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है। वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और कुछ अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी परिस्थितियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा चेतावनी देखकर ही लंबी दूरी की यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी रहने के आसार

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला आगे भी देखने को मिल सकता है। IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14-15 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

बारिश के दौरान दिल्ली-NCR में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार प्रभावित होने और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की आशंका रहती है।

तेज बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। अंडरपास, निचली सड़क और जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने भी भारी बारिश की संभावना जताई है। ताजा बुलेटिन में राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना बताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 17 अगस्त के दौरान बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है।

बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। ग्रामीण इलाकों में किसानों को खुले मैदान में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने या गरजने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने और खुले स्थान पर रहने से बचना चाहिए।

लगातार बारिश की स्थिति में नदियों, नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

बिहार में भी भारी बारिश की संभावना

बिहार में भी मौसम विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ताजा बुलेटिन में बिहार को उन राज्यों में शामिल किया गया है जहां भारी बारिश हो सकती है।

बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

बिहार में बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी कई मौकों पर बना रहता है। ऐसे में खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले स्थानों पर रहने वालों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी जाती है।

पहाड़ों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। IMD ने हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 13 अगस्त के बाद भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़क पर मलबा आने, चट्टानें खिसकने और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। नदी और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम खराब होने पर जोखिम वाले रास्तों पर जाने से बचना चाहिए।

खास तौर पर नदी किनारे कैंपिंग, तेज बहाव वाले नालों को पार करने या भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।

पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

पंजाब में 14 और 15 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 14-15 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।

बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने और शहरों में यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 13 से 16 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना बताई गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर सक्रिय रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पूर्वी भारत में भी बारिश का असर

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। IMD ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश हो सकती है।

ऐसे क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी और नदी से जुड़े इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

80-85 KM की हवाओं वाले दावे पर क्या कहता है IMD?

सोशल मीडिया और कुछ वायरल संदेशों में 13 अगस्त को 16 राज्यों में 80-85 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं और रेड अलर्ट का दावा किया जा रहा है। लेकिन IMD के ताजा राष्ट्रीय बुलेटिन में इस तरह का देशव्यापी 16-राज्य रेड अलर्ट दर्ज नहीं है।

ताजा बुलेटिन में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना बताई गई है, जबकि यह चेतावनी मुख्य रूप से अलग-अलग क्षेत्रों के लिए है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल मौसम संबंधी दावों को आधिकारिक IMD पूर्वानुमान से मिलाकर देखना जरूरी है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बारिश और आंधी के दौरान लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है।

पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए। नदी, नाले और जलाशय के पास सेल्फी या घूमने के लिए जाना जोखिम भरा हो सकता है।

किसानों और मछुआरों को भी मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। समुद्र में जाने वाले लोगों को संबंधित समुद्री चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

मानसून अभी नहीं लेगा विराम

IMD के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। खासकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा-दिल्ली और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का असर दिखाई देगा।

इसलिए लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे वायरल संदेशों के बजाय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर भरोसा करें। बारिश राहत लेकर आती है, लेकिन जब इसकी तीव्रता बढ़ती है तो जलभराव, भूस्खलन, बिजली गिरने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बड़े खतरे से बचा सकती है।

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