बाघ के जबड़ों में घोड़ा, सामने खड़े होकर चीखते रहे लोग! कैमरे में कैद हुआ रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO
उत्तराखंड के रामनगर फॉरेस्ट डिवीजन की कोसी रेंज से सामने आया एक वीडियो इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक बाघ घोड़े का शिकार करने के बाद उसे अपने मजबूत जबड़ों में दबोचकर जंगल की ओर घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बाघ जिस वक्त अपने शिकार को लेकर जा रहा था, उस दौरान आसपास कुछ लोग भी मौजूद थे।
घटना गर्जिया के पास झूलापुल क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बाघ ने दोपहर करीब 2 बजे एक घोड़े को अपना शिकार बनाया। इसके बाद वह घोड़े को अपने जबड़ों में दबाकर वहां से जंगल की ओर ले जाने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपनी आंखों से देखा और वीडियो भी बनाया।
अचानक सामने आया खौफनाक नजारा
बताया जा रहा है कि इलाके में मौजूद लोगों ने जब बाघ को घोड़े के साथ देखा तो वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। बाघ अपने शिकार को लेकर आगे बढ़ रहा था और लोग उससे दूरी बनाकर खड़े थे।
वीडियो में बाघ बेहद ताकतवर अंदाज में घोड़े को खींचते हुए जंगल की तरफ जाता नजर आता है। आसपास मौजूद लोग शोर मचाते और चीखते दिखाई देते हैं, लेकिन बाघ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता। वह बिना रुके अपने शिकार को लेकर आगे बढ़ता रहता है।
जंगली जानवरों के व्यवहार को समझने वालों के लिए भी यह दृश्य बेहद अहम माना जा सकता है, क्योंकि शिकार करने के बाद बाघ आमतौर पर अपने शिकार को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करता है, ताकि वह वहां आराम से उसे खा सके और दूसरे जानवरों से बचा सके।
लोगों की मौजूदगी के बावजूद नहीं रुका बाघ
इस घटना का सबसे डरावना पहलू लोगों की मौजूदगी है। आमतौर पर इंसानों की आवाज और भीड़ देखकर जंगली जानवर दूरी बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इस घटना में बाघ अपने शिकार को छोड़कर भागता नजर नहीं आया।
लोग दूर खड़े होकर शोर करते रहे, लेकिन बाघ लगातार घोड़े को घसीटता हुआ जंगल की तरफ बढ़ता रहा। इससे यह साफ दिखाई देता है कि उस समय बाघ अपने शिकार पर पूरी तरह केंद्रित था।
हालांकि, ऐसे किसी भी मौके पर लोगों के लिए जंगली जानवर के बेहद करीब जाना खतरनाक हो सकता है। बाघ शिकार के दौरान या शिकार को बचाने की कोशिश में अचानक आक्रामक हो सकता है।
जंगल के आसपास रहने वालों के लिए बढ़ी चिंता
रामनगर और इसके आसपास के जंगलों में बाघों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए जाना जाता है और कई बार जंगल के आसपास के इलाकों में बाघों की गतिविधियां सामने आती रहती हैं।
लेकिन जब कोई बाघ जंगल से निकलकर ऐसे क्षेत्र में दिखाई देता है जहां इंसानों की आवाजाही रहती है, तो वन विभाग के लिए भी स्थिति संवेदनशील हो जाती है।
घोड़े का शिकार किए जाने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता पैदा हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो जंगल के किनारे या वन क्षेत्र के आसपास अपने पशुओं को लेकर जाते हैं।
वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे देखकर हैरान हैं। वीडियो में बाघ की ताकत और उसके शिकार को खींचकर ले जाने का दृश्य साफ तौर पर दिखाई देता है।
बाघ के जबड़ों में घोड़े को देखकर कई लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो सकता है कि एक जंगली जानवर इतने बड़े शिकार को इस तरह आसानी से घसीटकर ले जा सकता है। यही वजह है कि वीडियो चर्चा में आ गया है।
हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों की नजर में बाघ का अपने शिकार को सुरक्षित स्थान पर ले जाना उसके प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है। बाघ आमतौर पर अपने शिकार को ऐसी जगह ले जाना चाहता है जहां उसे दूसरे शिकारी जानवरों से कम खतरा हो।
मौके पर मौजूद लोगों ने बनाया वीडियो
घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने दूर से इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद किया। वीडियो में लोगों की आवाजें और शोर सुनाई देता है, जबकि सामने बाघ अपने शिकार को लेकर आगे बढ़ता नजर आता है।
ऐसे समय में वीडियो बनाने की कोशिश करना भी जोखिम भरा हो सकता है। बाघ की नजर अगर किसी व्यक्ति पर पड़ जाए और उसे खतरा महसूस हो तो वह अचानक दिशा बदल सकता है।
इसलिए वन्यजीव विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील करते हैं कि जंगल या जंगल के आसपास किसी जंगली जानवर के दिखाई देने पर उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और उसे घेरने या परेशान करने की कोशिश न करें।
घोड़े के मालिकों के लिए भी खतरे की घंटी
घटना के बाद जंगल के आसपास रहने वाले पशुपालकों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा सकती है। जंगल के नजदीक खुले में घोड़े, मवेशी या अन्य पशुओं को छोड़ने से उनके जंगली जानवरों का शिकार बनने का खतरा बना रहता है।
बाघ एक अवसरवादी शिकारी होता है और उसे आसानी से मिलने वाला शिकार आकर्षित कर सकता है। यदि जंगल के आसपास घरेलू पशुओं की आवाजाही अधिक है तो वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय बेहद जरूरी हो जाता है।
पशुपालकों को कोशिश करनी चाहिए कि वे अपने पशुओं को रात या कम रोशनी के समय जंगल की सीमा के बेहद करीब न रखें।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। जंगल के आसपास अकेले जाने से बचना चाहिए और किसी जंगली जानवर के दिखाई देने पर उसके पास जाने, फोटो लेने या वीडियो बनाने के लिए भीड़ लगाने से बचना चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जंगली जानवर को रास्ता दिया जाए। उसे घेरने या शोर करके भगाने की कोशिश स्थिति को और खतरनाक बना सकती है।
अगर किसी क्षेत्र में बार-बार बाघ दिखाई दे रहा है तो स्थानीय वन विभाग को इसकी सूचना देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।
प्राकृतिक दुनिया की ताकत दिखाता है यह दृश्य
गर्जिया के पास सामने आया यह वीडियो एक तरफ जहां डर पैदा करने वाला है, वहीं दूसरी तरफ यह जंगल के प्राकृतिक जीवन की एक झलक भी दिखाता है। बाघ एक शक्तिशाली शिकारी है और उसका शिकार को अपने साथ ले जाना उसके प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है।
इंसानों और वन्यजीवों के बीच दूरी बनाए रखना ऐसे क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण है। जंगल जानवरों का प्राकृतिक घर है और जब इंसानी गतिविधियां उसके आसपास बढ़ती हैं, तो इस तरह के आमने-सामने के मामले सामने आने की संभावना भी बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
रामनगर फॉरेस्ट डिवीजन की कोसी रेंज से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है। गर्जिया के पास झूलापुल क्षेत्र में दोपहर करीब 2 बजे एक बाघ द्वारा घोड़े का शिकार किए जाने और फिर उसे जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर ले जाने का दृश्य कैमरे में कैद हुआ।
रामनगर फॉरेस्ट डिवीजन की कोसी रेंज से सामने आई वीडियो में एक बाघ घोड़े का शिकार करने के बाद उसे अपने जबड़ों में दबोचकर घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाता दिखाई दे रहा है।
— bhUpi Panwar (@askbhupi) August 17, 2026
बताया जा रहा है कि घटना दोपहर करीब 2 बजे गर्जिया के पास झूलापुल क्षेत्र की है। बाघ ने घोड़े को अपना शिकार बनाया… pic.twitter.com/n28zQUfF3q
सबसे खौफनाक बात यह रही कि बाघ के आसपास लोग मौजूद थे और वे दूर खड़े होकर शोर मचाते रहे, लेकिन बाघ अपने शिकार को छोड़कर नहीं भागा। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल और उसके आसपास जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखना कितना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: जंगली जानवरों से जुड़ी घटनाओं में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है। पाठकों को स्थानीय वन विभाग की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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