अयोध्या से कुछ दूर पहले अचानक पलट गई 70 कांवड़ियों से भरी बस! 1 की मौत, 40 घायल… आखिर तड़के उस वक्त हुआ क्या था?
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार तड़के कांवड़ियों से भरी एक बस के पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। हरिद्वार से अयोध्या जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस उचौलिया गुरुद्वारा के पास अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि बस में करीब 70 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें से लगभग 40 लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई। हादसे में 50 वर्षीय हरिशंकर लाल यादव की मौत हो गई। वहीं आठ गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शाहजहांपुर रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हादसे की वजह बस चालक को झपकी आना बताई जा रही है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
उचौलिया गुरुद्वारा के पास अचानक पलटी बस
जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं से भरी बस हरिद्वार से अयोध्या की ओर जा रही थी। बस में सवार सभी यात्री बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
बुधवार सुबह तड़के बस जब उचौलिया गुरुद्वारा के पास पहुंची, तभी चालक का बस पर नियंत्रण नहीं रहा। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पलट गई।
हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के पलटते ही अंदर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घायल हो गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने चलाया बचाव अभियान
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस को भी सूचना दी गई। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।
इसके बाद घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी पसगवां पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार शुरू किया।
कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जबकि कई लोगों को गंभीर चोट लगी थी।
एक श्रद्धालु की मौत
हादसे में घायल 50 वर्षीय हरिशंकर लाल यादव की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सामने आते ही यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और उनके परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की सूचना मृतक के परिवार और अन्य संबंधित लोगों को देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
आठ गंभीर घायलों को शाहजहांपुर भेजा गया
सीएचसी पसगवां में प्राथमिक उपचार के बाद आठ गंभीर घायलों को शाहजहांपुर रेफर किया गया।
गंभीर रूप से घायल यात्रियों में लांभा देवी, सरल मेहता, सुखदेव दास, सूगी देवी, हीरालाल, सुशीला देवी, सुगाता देवी और बस चालक सलाउद्दीन शामिल बताए गए हैं।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया।
करीब 40 लोग हुए घायल
हादसे में करीब 40 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें अलग-अलग उम्र के पुरुष और महिलाएं शामिल हैं।
सीएचसी में उपचार पाने वाले यात्रियों में लालमती, सुंगति, लालजी, लावन्ती देवी, बसन्ती देवी, रोकवा कुमारी, गीता देवी, धीरज कुमार, होरीलाल, मनोज, सरल वाजपेयी, वोवी, बनिता, हरिवन, प्रियंका, आयुष, राधिका, आंचल, राजुवती, संजय, रमाकान्त, निरमल, दीपक, राममूर्ति, सुभाष, दिनेश, ज्ञानू देवी, सुमन देवी, शिल्पी और अजय कुमार समेत अन्य लोग बताए गए हैं।
घायलों में कुछ को मामूली चोटें आईं, जबकि गंभीर घायलों को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
खाई में उतरने के बाद भी सीधी रही बस
हादसे के दौरान बस सड़क किनारे नीचे की ओर उतर गई थी। राहत की बात यह रही कि बस वहां गिरने के बाद सीधी स्थिति में खड़ी रही।
अगर बस पूरी तरह पलटकर गहरी खाई में चली जाती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। यही वजह है कि मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली कि बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बच गई।
हालांकि बस के अचानक पलटने से यात्रियों को काफी चोटें आईं।
चालक को झपकी आने की आशंका
उचौलिया थाना प्रभारी अवध राज सिंह सेंगर के अनुसार, हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बस में सवार यात्रियों को बाहर निकलवाकर घायलों को अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे की वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है।
हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान हादसे ने बढ़ाई चिंता
हरिद्वार से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकलते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाहन चालकों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
रात या तड़के लंबे समय तक वाहन चलाने के दौरान चालक को नींद या थकान होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की धार्मिक यात्राओं में यात्री सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घायलों के परिवारों में मची अफरातफरी
हादसे की खबर जैसे ही बिहार और अन्य संबंधित इलाकों में पहुंची, यात्रियों के परिजनों में चिंता बढ़ गई। लोग अपने परिवार के सदस्यों की स्थिति जानने के लिए अस्पताल और प्रशासन से संपर्क करने लगे।
जिन घायलों को शाहजहांपुर रेफर किया गया है, उनके परिजन भी अस्पताल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बस किस गति से चल रही थी, चालक कितनी देर से वाहन चला रहा था और हादसे के समय सड़क की स्थिति कैसी थी।
अगर चालक को वास्तव में झपकी आने की वजह से हादसा हुआ है तो यह भी जांच का विषय होगा कि क्या चालक को पर्याप्त आराम मिला था या नहीं।
पुलिस दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है।
हरिद्वार से अयोध्या की यात्रा मातम में बदली
धार्मिक यात्रा पर निकले करीब 70 श्रद्धालुओं के लिए बुधवार की सुबह बेहद दर्दनाक साबित हुई। जिस बस से वे हरिद्वार से अयोध्या की ओर जा रहे थे, वही बस उचौलिया के पास अचानक पलट गई।
हादसे में एक श्रद्धालु की मौत और करीब 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आठ गंभीर घायलों को शाहजहांपुर रेफर किया गया है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है और शुरुआती तौर पर चालक को झपकी आने की बात सामने आई है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आखिर उस वक्त बस अनियंत्रित होकर क्यों पलटी और हादसे के लिए कौन से कारण जिम्मेदार थे।

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