90% लोग नहीं पहचान पाते ब्लड शुगर गिरने के शुरुआती संकेत, बाद में पड़ता है पछताना
अक्सर लोग अचानक पसीना आना, हाथ कांपना, कमजोरी महसूस होना या चक्कर आने जैसी समस्याओं को थकान, भूख या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही लक्षण इस बात का संकेत होते हैं कि शरीर में ब्लड शुगर (Blood Sugar) का स्तर सामान्य से काफी नीचे चला गया है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) कहा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर ब्लड शुगर लगातार गिरती रहे तो व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है और गंभीर स्थिति में जान का खतरा तक पैदा हो सकता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को इस बारे में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
क्या होती है लो ब्लड शुगर?
जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर सामान्य सीमा से नीचे चला जाता है, तब उसे लो ब्लड शुगर कहा जाता है। आमतौर पर 70 mg/dL से कम ब्लड शुगर को हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है।
ग्लूकोज शरीर और दिमाग के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर तुरंत कई तरह के संकेत देने लगता है।
शुरुआती संकेत जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं
ब्लड शुगर गिरने पर शरीर कई चेतावनी संकेत देता है, लेकिन अधिकतर लोग इन्हें सामान्य समस्या समझ लेते हैं।
1. अचानक तेज भूख लगना
यदि बिना किसी खास वजह के अचानक बहुत ज्यादा भूख लगने लगे, तो यह ब्लड शुगर गिरने का संकेत हो सकता है।
2. हाथों का कांपना
शुगर कम होने पर शरीर में कंपन महसूस हो सकता है। कई लोगों के हाथ या पूरा शरीर हल्का कांपने लगता है।
3. ठंडा पसीना आना
बिना मेहनत किए या ठंडे वातावरण में भी पसीना आना हाइपोग्लाइसीमिया का सामान्य लक्षण है।
4. दिल की धड़कन तेज होना
ब्लड शुगर कम होने पर दिल तेजी से धड़कने लगता है। कई लोग इसे घबराहट या तनाव समझ लेते हैं।
5. कमजोरी और थकान
अचानक शरीर में ऊर्जा खत्म होने जैसी भावना, कमजोरी या सुस्ती महसूस होना भी संकेत हो सकता है।
6. चक्कर आना
यदि खड़े होने पर चक्कर आएं या सिर हल्का महसूस हो, तो ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
7. ध्यान लगाने में परेशानी
दिमाग को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिलने पर सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
8. आंखों के सामने धुंधलापन
धुंधला दिखाई देना या फोकस करने में कठिनाई भी लो ब्लड शुगर का लक्षण हो सकता है।
गंभीर होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
यदि समय रहते ब्लड शुगर को सामान्य नहीं किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
बोलने में परेशानी
चलने में लड़खड़ाहट
अत्यधिक भ्रम की स्थिति
बेहोशी
दौरे पड़ना
प्रतिक्रिया देना बंद कर देना
ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
किन लोगों में खतरा अधिक होता है?
लो ब्लड शुगर की समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है।
डायबिटीज के मरीज
इंसुलिन लेने वाले लोग
शुगर कम करने वाली दवाइयां लेने वाले मरीज
लंबे समय तक खाली पेट रहने वाले लोग
अत्यधिक व्यायाम करने वाले
शराब का अधिक सेवन करने वाले
बुजुर्ग
ब्लड शुगर अचानक क्यों गिर जाती है?
इसके कई कारण हो सकते हैं।
समय पर भोजन न करना
जरूरत से ज्यादा इंसुलिन लेना
दवा की अधिक मात्रा
बहुत अधिक एक्सरसाइज
शराब का सेवन
लंबे समय तक उपवास
गंभीर बीमारी
ब्लड शुगर कम होने पर तुरंत क्या करें?
यदि व्यक्ति होश में है और निगल सकता है, तो तुरंत तेजी से असर करने वाला कार्बोहाइड्रेट दें।
उदाहरण के लिए—
ग्लूकोज टैबलेट
चीनी मिला पानी
फलों का जूस
मीठी कैंडी
शहद (यदि व्यक्ति सुरक्षित रूप से निगल सकता हो)
करीब 15 मिनट बाद दोबारा ब्लड शुगर की जांच करें। यदि स्तर अभी भी कम हो तो फिर से तेजी से असर करने वाला कार्बोहाइड्रेट लें। इसके बाद हल्का संतुलित नाश्ता करें ताकि शुगर दोबारा न गिरे।
यदि व्यक्ति बेहोश हो, दौरे पड़ रहे हों या निगल न पा रहा हो, तो उसके मुंह में कुछ भी जबरन न डालें। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
क्या बिना डायबिटीज वाले लोगों में भी लो ब्लड शुगर हो सकती है?
हां। हालांकि यह कम देखने को मिलता है, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहने, अत्यधिक व्यायाम, शराब के सेवन या कुछ दुर्लभ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बिना डायबिटीज वाले लोगों में भी ब्लड शुगर कम हो सकती है। यदि ऐसा बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञ निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह देते हैं—
समय पर भोजन करें।
लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इंसुलिन या दवा लें।
व्यायाम से पहले और बाद में जरूरत अनुसार भोजन करें।
हमेशा अपने साथ कोई मीठी चीज या ग्लूकोज रखें, खासकर यदि आपको डायबिटीज है।
नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करते रहें।
शराब का सेवन सीमित रखें और खाली पेट शराब न पिएं।
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
इन परिस्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें—
बार-बार ब्लड शुगर कम होना।
बेहोशी या दौरे पड़ना।
बार-बार भ्रम या धुंधला दिखाई देना।
दवा लेने के बावजूद समस्या बनी रहना।
पहली बार गंभीर लक्षण महसूस होना।
ब्लड शुगर का गिरना एक ऐसी स्थिति है जिसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। शरीर शुरुआत में कई छोटे-छोटे संकेत देता है, लेकिन अधिकांश लोग उन्हें सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सही समय पर इन लक्षणों की पहचान, तुरंत उचित कदम और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। विशेष रूप से डायबिटीज के मरीजों को अपनी दवाओं, भोजन और ब्लड शुगर की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते बचा जा सके।

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