यूपी में बारिश का रेड अलर्ट! अगले 72 घंटे बेहद भारी, इन 20 जिलों में मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 10, 11 और 12 जुलाई के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिमी और मध्य यूपी के कई जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी प्रणाली और कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले तीन दिन कई इलाकों में रिकॉर्ड स्तर की बारिश हो सकती है। इसके चलते जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
इन 20 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 20 जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में—
वाराणसी
गोरखपुर
प्रयागराज
गाजीपुर
जौनपुर
मिर्जापुर
मऊ
आजमगढ़
बलिया
चंदौली
देवरिया
कुशीनगर
बस्ती
महाराजगंज
सुल्तानपुर
बहराइच
श्रावस्ती
बलरामपुर
सिद्धार्थनगर
गोंडा
शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में 10 और 11 जुलाई के दौरान 115 मिमी से 204 मिमी तक वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 12 जुलाई को भी इन इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
येलो अलर्ट वाले जिले
भारी बारिश का असर केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा।
पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिले हैं—
नोएडा
गाजियाबाद
मेरठ
बुलंदशहर
सहारनपुर
मुजफ्फरनगर
अलीगढ़
मथुरा
लखनऊ
कानपुर नगर
कानपुर देहात
बाराबंकी
अयोध्या
अमेठी
बरेली
पीलीभीत
शाहजहांपुर
झांसी
ललितपुर
इन जिलों में 64 मिमी से 115 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है।
इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा
आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में बहुत अधिक बारिश की संभावना नहीं है।
हालांकि मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
10 जुलाई का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में बादल छाए रहेंगे।
आगरा, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
कई स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
11 जुलाई को बढ़ेगा असर
11 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है।
लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।
कई जिलों में लगातार कई घंटों तक तेज वर्षा हो सकती है।
निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।
12 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
12 जुलाई तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना रहेगा।
तराई क्षेत्र के जिलों में भी भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।
क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र लगातार नमी खींच रहा है।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और मानसूनी ट्रफ के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
यही कारण है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन रही है।
बाढ़ का भी बढ़ सकता है खतरा
यदि लगातार दो से तीन दिनों तक भारी वर्षा होती है तो कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
विशेष रूप से घाघरा, राप्ती, सरयू, गंडक और अन्य नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए राहत और चुनौती
लगातार बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने की सलाह दे रहे हैं।
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि—
अनावश्यक यात्रा से बचें।
जलभराव वाले मार्गों से न गुजरें।
मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
नदी और नालों के पास जाने से बचें।
मोबाइल में मौसम संबंधी अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।
बिजली गिरने से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार—
गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित भवन में चले जाएं।
खुले खेतों में काम न करें।
पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
मोबाइल चार्जिंग के दौरान बिजली गिरने की स्थिति में सावधानी बरतें।
प्रशासन भी हुआ अलर्ट
भारी बारिश की चेतावनी के बाद कई जिलों में प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं।
जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, जलभराव और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन की सलाह का पालन करने और अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। यदि मौसम का यही रुख जारी रहा तो कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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