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झुग्गी से आलीशान विला तक का सफर! भोपाल में दो सगी बहनों पर देह व्यापार रैकेट चलाने का आरोप, पुलिस जांच में बड़े खुलासे

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने एक कथित देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। इस मामले में दो सगी बहनों और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर युवतियों को नौकरी और बेहतर जीवन का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने, उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर करने, यौन शोषण, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला केवल देह व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित तौर पर नशीले पदार्थ का इस्तेमाल, यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे आरोप भी शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

स्पा सेंटर की नौकरी से शुरू हुआ सफर, फिर बना कथित रैकेट

पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार दोनों बहनों की पहचान अमरीन और आफरीन के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों ने पहले स्पा सेंटर में काम किया था। बाद में उन पर कथित तौर पर देह व्यापार का नेटवर्क खड़ा करने का आरोप लगा।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध कारोबार से अर्जित धन के जरिए उन्होंने कथित रूप से आलीशान जीवनशैली अपनाई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने किन-किन संपत्तियों में निवेश किया और उनकी आय के स्रोत क्या थे।

नौकरी और रहने की सुविधा का झांसा देकर युवतियों को बुलाने का आरोप

बागसेवनिया थाना पुलिस के अनुसार, आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। पुलिस का दावा है कि वे पहले युवतियों से दोस्ती करती थीं और फिर उन्हें अच्छी नौकरी, अधिक वेतन या साथ रहने की सुविधा का लालच देकर अपने संपर्क में लाती थीं।

जांच अधिकारियों के मुताबिक विशेष रूप से ब्यूटी पार्लर, स्पा सेंटर, ब्यूटीशियन और शादी-पार्टियों में काम करने वाली युवतियों को निशाना बनाया जाता था। भरोसा जीतने के बाद कथित तौर पर उन्हें ऐसे हालात में पहुंचा दिया जाता था, जहां उनके पास विरोध करने की गुंजाइश बेहद कम रह जाती थी।

पीड़िताओं ने लगाए नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण के आरोप

एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, एक आरोपी चंदन यादव पर आरोप है कि वह युवतियों को नशीला पदार्थ देकर उनके साथ दुष्कर्म करता था।

पीड़िताओं का आरोप है कि दोनों बहनें इस पूरे घटनाक्रम से परिचित थीं और उन्होंने कथित तौर पर इसका विरोध करने के बजाय आरोपी का साथ दिया।

पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दंड संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और अदालत में इनकी सत्यता का परीक्षण होना बाकी है।

धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का भी आरोप

मामले का एक और गंभीर पहलू धर्म परिवर्तन से जुड़ा आरोप है।

शिकायतकर्ता युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया जाता था। इतना ही नहीं, विरोध करने पर मानसिक प्रताड़ना और धमकियां देने के भी आरोप लगाए गए हैं।

इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं को भी मामले में शामिल किया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

पब और पार्टियों में ले जाकर दूसरे लोगों से संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप

पीड़िताओं ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें कम कपड़ों में पब और पार्टियों में भेजा जाता था।

शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए उन पर दबाव डाला जाता था। इंकार करने पर कथित तौर पर मारपीट, धमकी और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।

पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

भोपाल से अहमदाबाद तक फैला होने का दावा

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं था।

एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में उसे अहमदाबाद ले जाया गया, जहां भी उससे गलत काम कराया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह नेटवर्क अन्य राज्यों तक भी फैला हुआ था और इसमें कितने लोग शामिल थे।

अन्य संदिग्धों के नाम भी आए सामने

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान चानू और यासिर नाम के दो अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं।

पीड़िताओं का आरोप है कि इन लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र जांच की जा रही है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

इनमें कथित तौर पर शामिल हैं—

  • दुष्कर्म से संबंधित धाराएं

  • आपराधिक धमकी

  • मानव तस्करी से जुड़े प्रावधान (यदि जांच में पुष्टि होती है)

  • मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत आरोप

  • अन्य संबंधित कानूनी प्रावधान

पुलिस ने मुख्य आरोपियों अमरीन उर्फ माहीरा, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

संपत्तियों और बैंक खातों की जांच शुरू

पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों, बैंक खातों, वाहनों और अन्य निवेशों में किया गया।

यदि जांच में अवैध संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

कोर्ट परिसर में दिखा आक्रोश

जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया तो वहां मौजूद पीड़ित परिवार के कुछ सदस्यों ने उनके प्रति नाराजगी जताई।

पुलिस के अनुसार, स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया गया।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोप साबित नहीं

इस मामले में पुलिस ने कई गंभीर आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। हालांकि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि गिरफ्तार सभी आरोपी फिलहाल आरोपी हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगी।

जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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