आधी रात में पति को जगाकर पत्नी करवाती थी ये काम, थक कर पति ने माँगा तलाक
शादी को भारतीय समाज में भरोसे, सम्मान और आपसी समझ का सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है। लेकिन बदलती जीवनशैली और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब वैवाहिक रिश्तों में नए तरह के विवाद भी सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक इंजीनियर पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी की सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रियता और देर रात तक रील बनाने की जिद के कारण उनका वैवाहिक जीवन प्रभावित हो गया। इसी वजह से उसने अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी।
हालांकि, इस मामले से जुड़ी कई बातें सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सामने आई हैं। संबंधित पक्षों या अदालत की ओर से मामले के सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, युवक पेशे से इंजीनियर है और उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र की रहने वाली युवती से हुई थी। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और सुखद बताया गया।
बताया जाता है कि शादी के कुछ समय बाद पत्नी ने एक्टिंग क्लास जॉइन कर ली। पति का कहना है कि उसने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई और पत्नी के करियर का समर्थन किया। लेकिन बाद में पत्नी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय हो गई।
सोशल मीडिया बना विवाद की वजह
पति का आरोप है कि पत्नी का अधिकांश समय सोशल मीडिया कंटेंट बनाने में बीतने लगा। वह कथित तौर पर रील, शॉर्ट वीडियो और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करने में व्यस्त रहती थी।
युवक का कहना है कि पत्नी अक्सर उसे भी वीडियो शूट करने और कंटेंट बनाने के लिए साथ ले जाती थी। उसके अनुसार, कई बार उसे देर रात तक जागकर वीडियो रिकॉर्ड करने पड़ते थे, जिससे उसकी दिनचर्या और नौकरी दोनों प्रभावित होने लगीं।
पति का आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगभग रोज विवाद होने लगा।
पति ने लगाए गंभीर आरोप
तलाक की याचिका में युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी उसे देर रात तक मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए मजबूर करती थी। उसका कहना है कि लगातार नींद पूरी न होने और रोज होने वाले झगड़ों के कारण मानसिक तनाव बढ़ता गया।
युवक का दावा है कि उसने कई बार इस बारे में पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार उसने अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।
गाजियाबाद कोर्ट पहुंचा मामला
रिपोर्टों के अनुसार, युवक ने गाजियाबाद की पारिवारिक अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल की है। अदालत अब दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
परिवार न्यायालयों में आमतौर पर ऐसे मामलों में पहले सुलह और काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि समझौते की संभावना नहीं बनती, तभी आगे की कानूनी कार्रवाई होती है।
बदलते दौर में बदल रहे वैवाहिक विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया ने लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग कई बार निजी रिश्तों पर भी असर डाल सकता है।
यदि पति-पत्नी के बीच समय, प्राथमिकताओं और निजी जीवन को लेकर संतुलन नहीं बन पाता, तो छोटी-छोटी बातें भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। इसलिए किसी भी रिश्ते में संवाद, आपसी सम्मान और एक-दूसरे की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी माना जाता है।
सोशल मीडिया और रिश्तों का संतुलन जरूरी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित और संतुलित होना चाहिए। यदि डिजिटल गतिविधियां परिवार, काम या वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगें, तो समय रहते बातचीत और परामर्श की मदद लेनी चाहिए।
अदालत के फैसले का इंतजार
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि विवाद के वास्तविक कारण क्या हैं या अदालत क्या निर्णय देगी। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
इस तरह का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

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