मौसम का 'रेड जोन' शुरू! IMD का बड़ा अलर्ट, अगले 72 घंटे बेहद भारी, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, पश्चिमी तट, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव तथा अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बढ़ गया है।
इन राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने और 40–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों पर नजर
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई है। कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य यूपी में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर में भी राहत के साथ चुनौती
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ सकती है।
पहाड़ी राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। कुछ जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल भी बंद किए गए हैं।
मुंबई और महाराष्ट्र में ऑरेंज अलर्ट
मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने हाई टाइड के दौरान समुद्र तटों से दूर रहने और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में भी तेज होगा मानसून
कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई गई है। किसानों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
क्या है बारिश की वजह?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसूनी ट्रफ सक्रिय बनी हुई है और कई क्षेत्रों में कम दबाव के प्रभाव तथा नमी से भरपूर हवाओं के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ी है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ व्यापक वर्षा दर्ज की जा रही है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि—
मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन पर लगातार नजर रखें।
जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा केवल आवश्यक होने पर ही करें।
नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं।
मोबाइल में आपातकालीन संपर्क नंबर और आवश्यक सामान तैयार रखें।
किसानों के लिए सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने, कटाई योग्य फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम साफ होने तक रासायनिक छिड़काव टालने की सलाह दी गई है। पशुपालकों से भी पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
कई राज्यों में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सतर्क हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है।
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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