Breaking News

UP में अगले 7 दिन 'आसमान से बरसेगी आफत'! IMD की बड़ी चेतावनी— इन जिलों में घर से निकलना भी पड़ सकता है भारी



उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान ने प्रदेशवासियों की चिंता बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि आने वाले सात दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली और निम्न दबाव के प्रभाव के कारण प्रदेश में व्यापक स्तर पर वर्षा होने के आसार हैं। कई जिलों के लिए बिजली गिरने, तेज गर्जना और जलभराव की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और उन्नाव समेत आसपास के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, बादलों की गर्जना और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

लखनऊ से वाराणसी तक भी बरसेंगे बादल

पूर्वी उत्तर प्रदेश भी मानसून की सक्रियता से अछूता नहीं रहेगा। राजधानी लखनऊ सहित रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में भी अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी।

हालांकि पश्चिमी जिलों की तुलना में पूर्वी क्षेत्रों में बारिश का असर कुछ कम रहेगा, लेकिन कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

अगले 7 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 30 और 31 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अनेक स्थानों पर बारिश देखने को मिलेगी।

1 अगस्त से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का दायरा और बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 अगस्त को लगभग पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं 3 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश का यह दौर कई दिनों तक बना रह सकता है।

भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं बल्कि वज्रपात और तेज गर्जना को लेकर भी चेतावनी जारी की है। कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

विशेष रूप से खुले मैदानों, खेतों, पेड़ों के नीचे खड़े रहने और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खेतों में अनावश्यक काम न करने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिजनौर और सहारनपुर में सबसे अधिक 8 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

धामपुर और सहारनपुर में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि लखीमपुर खीरी के निघासन, श्रावस्ती के ककरधरिघाट और कन्नौज में 6 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा मुजफ्फरनगर, चित्रकूट के माणिकपुर, मैनपुरी, नजीबाबाद, कासगंज, बरेली और हरदोई सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

तापमान में आएगी गिरावट

लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान में कमी देखने को मिलेगी।

हालांकि नमी बढ़ने के कारण कुछ इलाकों में उमस बनी रह सकती है, लेकिन तेज धूप और लू जैसी स्थिति फिलहाल बनने की संभावना नहीं है।

किसानों के लिए राहत की खबर

मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान, मक्का, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों को इस बारिश से फायदा मिलने की उम्मीद है।

हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी वहां जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है।

शहरों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

विशेषकर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में लोगों को ऑफिस आने-जाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य का भी रखें विशेष ध्यान

लगातार बारिश के मौसम में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ पानी पीने, घर के आसपास पानी जमा न होने देने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं—

  • गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।

  • पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।

  • अनावश्यक यात्रा से बचें।

  • मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।

  • किसानों को खराब मौसम में खेतों में काम करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर है और अगले सात दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा अधिक बताया गया है, जबकि पूर्वी जिलों में भी अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। बारिश जहां लोगों को गर्मी से राहत देगी, वहीं जलभराव, वज्रपात और यातायात बाधित होने जैसी चुनौतियां भी साथ लेकर आएगी। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और आवश्यक सावधानी बरतना सभी के लिए बेहद जरूरी है।

कोई टिप्पणी नहीं