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बेटा तड़पता रहा... मां मोबाइल चलाती रही! फिर सामने आया ऐसा सच जिसने सबको हिला दिया



उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस मां को बच्चे की पहली रक्षक माना जाता है, उसी पर अपने तीन साल के बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

इस घटना ने केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। आरोप है कि महिला ने अपने मासूम बेटे का गला दबाकर उसकी जान ले ली और बाद में मौत को सामान्य दिखाने की कोशिश की। वहीं, पुलिस फिलहाल सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अभी अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

फरह क्षेत्र के गांव बरारी का है मामला

यह घटना मथुरा के फरह थाना क्षेत्र के गांव बरारी की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रुचि जिंदल की शादी करीब छह वर्ष पहले बलदेव क्षेत्र के गांव छौली निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता से हुई थी। कृष्ण मुरारी मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं।

दंपती के दो बच्चे थे। बड़ी बेटी की उम्र लगभग पांच वर्ष है, जबकि छोटा बेटा माधव मात्र तीन साल का था। परिवार की जिंदगी सामान्य दिखाई देती थी, लेकिन पति का आरोप है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पति ने लगाए गंभीर आरोप

कृष्ण मुरारी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी पत्नी का व्यवहार उनके प्रति अच्छा नहीं था। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी बच्चों के साथ भी कठोर व्यवहार करती थी और छोटी-छोटी बातों पर उन्हें मारती-पीटती थी।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस इन्हीं सभी दावों की जांच कर रही है।

कथित प्रेम संबंध का भी आया जिक्र

पति ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि करीब पांच साल पहले उन्हें पत्नी के एक शादीशुदा व्यक्ति से बातचीत करने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि वह व्यक्ति महिला के मायके क्षेत्र में जनरल स्टोर संचालित करता है।

पति के अनुसार, उस समय परिवार में काफी विवाद हुआ था। बाद में महिला ने कथित तौर पर माफी मांगी और भविष्य में उस व्यक्ति से संपर्क नहीं रखने का भरोसा दिया। पति का कहना है कि भरोसा दिलाने के लिए उसने परिवार के सामने अपना सिम कार्ड भी तोड़ दिया था।

परिवार ने उस समय मामला समाप्त मान लिया था।

नया मोबाइल खरीदकर संपर्क रखने का आरोप

कृष्ण मुरारी का आरोप है कि कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने बिना जानकारी दिए नया मोबाइल फोन खरीद लिया। उनका दावा है कि इसी फोन के जरिए वह फिर से उसी व्यक्ति के संपर्क में रहने लगी।

फिलहाल पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और मोबाइल फोन तथा डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।

मासूम माधव की मौत ने खड़े किए कई सवाल

घटना वाले दिन आखिर क्या हुआ, इसे लेकर अभी जांच जारी है। परिवार का आरोप है कि तीन साल का मासूम माधव रो रहा था और इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई।

बताया जा रहा है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

मोबाइल चलाने को लेकर भी उठे सवाल

पति का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद जहां पूरा परिवार सदमे में था, वहीं महिला का व्यवहार सामान्य दिखाई दे रहा था।

उन्होंने दावा किया कि अस्पताल से लेकर घर तक वह लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती रही। परिवार का कहना है कि बेटे की मौत के बाद भी उसके चेहरे पर दुख या घबराहट जैसी कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी।

हालांकि, केवल किसी के व्यवहार के आधार पर अपराध सिद्ध नहीं होता। यही वजह है कि पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर अधिक जोर दे रही है।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड बना जांच का अहम हिस्सा

पति के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक नंबर बार-बार सामने आया। इसके बाद कथित तौर पर कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाया गया।

आरोप है कि यह नंबर उसी व्यक्ति का था, जिसका नाम पहले भी कथित प्रेम संबंध के मामले में सामने आया था।

इसी आधार पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी और मामले की गंभीरता बढ़ गई।

महिला से पूछताछ जारी

पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में पूछताछ के दौरान महिला द्वारा अपराध स्वीकार करने का दावा किया गया है।

हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आने तक इस तरह के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मानी जा सकती। किसी भी कथित स्वीकारोक्ति की कानूनी स्थिति और उसकी पुष्टि जांच के दौरान उपलब्ध अन्य साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

पोस्टमार्टम में भी आई परेशानी

घटना के बाद बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था, लेकिन इलाके में जलभराव होने के कारण शव को बाहर ले जाने में कठिनाई आई।

इस वजह से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रभावित हुई और परिवार को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत के वास्तविक कारण का वैज्ञानिक आधार पर पता चल सकेगा।

तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस

जांच एजेंसियां अब कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम कर रही हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • महिला के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच।

  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण।

  • घटना से पहले और बाद में हुई बातचीत की जांच।

  • डिजिटल चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

  • परिवार और पड़ोसियों के बयान।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और उस दौरान घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा।

परिवार में पसरा मातम

तीन साल के मासूम माधव की मौत के बाद पूरे परिवार में गहरा शोक है। रिश्तेदारों और ग्रामीणों के लिए इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है।

गांव में हर तरफ इसी घटना की चर्चा हो रही है। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक खुशहाल दिखने वाले परिवार में इतनी बड़ी त्रासदी सामने आ गई।

जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी सच्चाई

फिलहाल इस मामले में कई आरोप लगाए गए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में कोई अलग तथ्य सामने आते हैं तो उसी के अनुसार मामला आगे बढ़ेगा।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और आपसी रिश्तों में बढ़ती दूरियां कभी-कभी किस हद तक भयावह रूप ले सकती हैं। हालांकि, इस मामले में वास्तविक सच्चाई और जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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