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जयपुर की पुरानी हवेली में मिला करोड़ों का खजाना? खुदाई के दौरान सोने-चांदी के कलश मिलने के दावे से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

 


राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक पुरानी हवेली की खुदाई के दौरान कथित तौर पर करोड़ों रुपये मूल्य का खजाना मिलने के दावे ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। मामला शहर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र स्थित त्रिपोलिया बाजार का है, जहां एक जर्जर हवेली को तोड़क नई इमारत बनाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान नींव की खुदाई में सोने के सिक्कों से भरे कलश, चांदी की सिल्लियां और हजारों पुराने चांदी के सिक्के मिलने का दावा किया गया है।

हालांकि, इस कथित खजाने की अब तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूरे मामले में हवेली मालिक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि खुदाई के दौरान वास्तव में क्या मिला था और यदि कोई कीमती वस्तु मिली थी तो वह इस समय कहां है।

त्रिपोलिया बाजार की पुरानी हवेली बनी चर्चा का केंद्र

जानकारी के अनुसार, यह हवेली जयपुर के ऐतिहासिक त्रिपोलिया बाजार क्षेत्र में स्थित है। वर्षों पुरानी होने के कारण इसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी थी। भवन को असुरक्षित मानते हुए मालिक ने उसे गिराकर उसी स्थान पर नई इमारत बनाने का निर्णय लिया।

निर्माण कार्य के लिए एक निजी ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआत में यह एक सामान्य निर्माण परियोजना थी, लेकिन खुदाई के दौरान सामने आए कथित दावों ने पूरे मामले को बेहद चर्चित बना दिया।

खुदाई के दौरान क्या मिलने का दावा?

हवेली मालिक राहुल सेठी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, खुदाई के दौरान कथित रूप से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं।

शिकायत में दावा किया गया है कि खुदाई से लगभग 40 से 45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 कलश और करीब 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के निकले।

यदि यह दावा सही साबित होता है तो केवल चांदी की सिल्लियों और पुराने सिक्कों का अनुमानित बाजार मूल्य ही एक करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। वहीं कथित सोने के सिक्कों का वास्तविक वजन और मूल्य अभी स्पष्ट नहीं है।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और जांच जारी है।

मालिक ने लगाए ठेकेदार पर गंभीर आरोप

हवेली के मालिक राहुल सेठी ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यदि खुदाई के दौरान कोई भी कीमती वस्तु, पुरानी धरोहर या मूल्यवान सामान मिले तो उसे तत्काल परिवार को सौंप दिया जाए।

लेकिन उनका आरोप है कि जब खुदाई के दौरान कथित रूप से बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं तो इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई। बल्कि ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर आपस में सामान बांट लिया।

इन्हीं आरोपों के आधार पर मामला पुलिस तक पहुंचा।

मजदूर की सूचना के बाद खुला मामला

शिकायत के अनुसार, हवेली में काम कर रहे एक मजदूर ने मालिक पक्ष को जानकारी दी कि खुदाई के दौरान कुछ बेहद कीमती सामान मिला था।

इसी सूचना के बाद परिवार ने मामले की जांच शुरू की और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

परिवार का कहना है कि यदि मजदूर सूचना नहीं देता तो संभवतः उन्हें पूरे मामले की जानकारी भी नहीं मिलती।

कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

माणक चौक थाने में दर्ज एफआईआर में ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू सहित उसके कई सहयोगियों के नाम शामिल किए गए हैं।

शिकायत में अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस ने सभी आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है।

पुलिस क्या कह रही है?

माणक चौक थाना पुलिस के अनुसार, हवेली मालिक के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

जिस कंपनी के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा था, उसके संचालकों और मजदूरों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सभी पक्षों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी ताकि घटनाक्रम की वास्तविक जानकारी सामने आ सके।

शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह संकेत अवश्य मिले हैं कि खुदाई के दौरान कुछ वस्तुएं निकली थीं।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे वस्तुएं वास्तव में पुराने सिक्के थीं, सामान्य धातु थीं या कोई अन्य सामग्री।

इसी कारण पुलिस बिना जांच पूरी किए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

कथित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी होगी जांच

मामले में यह भी दावा किया गया है कि खुदाई के दौरान कुछ वीडियो भी बनाए गए थे।

पुलिस अब कथित वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग, मजदूरों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

यदि वीडियो वास्तविक पाए जाते हैं तो वे जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

खजाना मिलने पर क्या कहता है कानून?

भारत में यदि किसी स्थान पर खुदाई के दौरान पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं, ऐतिहासिक सिक्के या बहुमूल्य धरोहर मिलती है तो उनका निपटारा संबंधित कानूनों और सरकारी नियमों के तहत किया जाता है।

ऐसी स्थिति में प्रशासन, पुरातत्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां वस्तुओं की जांच करती हैं। यदि वे ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व की पाई जाती हैं तो उन पर सरकार का अधिकार भी लागू हो सकता है।

हालांकि वर्तमान मामले में अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से मिली वस्तुएं वास्तव में ऐतिहासिक हैं या नहीं।

जयपुर की ऐतिहासिक हवेलियां और पुरानी विरासत

जयपुर अपने ऐतिहासिक महलों, हवेलियों और प्राचीन स्थापत्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

पुराने शहर की अनेक हवेलियां सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं। कई बार इनके संरक्षण के दौरान पुराने सिक्के, दस्तावेज या अन्य वस्तुएं मिलने की खबरें सामने आती रही हैं।

इसी कारण इस घटना ने लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

मामले की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कुछ लोग इसे ऐतिहासिक खजाना बता रहे हैं, जबकि कई लोग जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचने की सलाह दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के वायरल दावों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल जयपुर की इस पुरानी हवेली से जुड़े कथित खजाने का रहस्य पूरी तरह बरकरार है। एक ओर हवेली मालिक करोड़ों रुपये मूल्य की बहुमूल्य वस्तुएं मिलने और उन्हें कथित रूप से छिपाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस सावधानीपूर्वक सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

अभी तक न तो सोने के सिक्कों, चांदी की सिल्लियों या हजारों पुराने सिक्कों की आधिकारिक बरामदगी की पुष्टि हुई है और न ही उनके वास्तविक अस्तित्व की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खुदाई के दौरान वास्तव में क्या मिला था, यदि कुछ मिला था तो वह इस समय कहां है और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।

जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जयपुर की इस पुरानी हवेली में वास्तव में कोई खजाना मिला था या फिर मामला किसी अन्य विवाद से जुड़ा है।

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