महिलाओं के शरीर में दिखते हैं ये 7 संकेत... ज्यादातर लोग समझते हैं मामूली, लेकिन हो सकती है गंभीर बीमारी!
महिलाओं में होने वाला ओवेरियन (अंडाशय) कैंसर उन गंभीर बीमारियों में से एक है, जिसकी शुरुआती पहचान अक्सर आसान नहीं होती। कई बार इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि महिलाएं उन्हें गैस, अपच, पीरियड्स की परेशानी या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। यही वजह है कि इस बीमारी को अक्सर "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है, क्योंकि कई मामलों में इसका पता तब चलता है जब कैंसर काफी आगे बढ़ चुका होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शरीर में दिखाई देने वाले कुछ लगातार बने रहने वाले संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और डॉक्टर से जांच कराई जाए, तो बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है और इलाज की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं।
नोएडा की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार महिलाओं को कुछ ऐसे लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए जो लंबे समय तक बने रहें या लगातार बढ़ते जाएं।
आखिर ओवेरियन कैंसर क्या होता है?
ओवेरियन कैंसर महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) में विकसित होने वाला कैंसर है। अंडाशय का मुख्य कार्य अंडाणु (Eggs) बनाना और एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन का निर्माण करना होता है।
ये हार्मोन महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, मासिक धर्म चक्र और गर्भधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब अंडाशय की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर विकसित हो सकता है।
समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इस बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते या फिर वे सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं।
1. लगातार पेट फूलना
यदि थोड़ा-सा भोजन करने के बाद भी पेट लंबे समय तक फूला हुआ महसूस होता है या पेट का आकार बढ़ा हुआ लगता है और यह स्थिति लगातार बनी रहती है, तो इसे केवल गैस या अपच मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह समस्या बार-बार हो रही है और सामान्य उपचार से ठीक नहीं हो रही, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी हो सकता है।
2. बार-बार पेशाब आने की समस्या
बार-बार पेशाब आना कई कारणों से हो सकता है, जैसे—
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
डायबिटीज़
ओवरएक्टिव ब्लैडर
लेकिन यदि इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी मौजूद हों, तो डॉक्टर इसकी विस्तृत जांच की सलाह दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ मामलों में बढ़ता हुआ ट्यूमर या पेल्विक क्षेत्र में दबाव भी बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकता है।
3. पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द
मासिक धर्म के दौरान दर्द होना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि पेल्विक क्षेत्र या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द बना रहता है और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिलता, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हालांकि इस तरह का दर्द एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID), सिस्ट या अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं में भी हो सकता है। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
4. भूख कम लगना या जल्दी पेट भर जाना
यदि सामान्य मात्रा में भोजन करने से पहले ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे या लगातार भूख कम लगने लगे, तो यह भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ओवेरियन कैंसर के कुछ मामलों में पेट के भीतर होने वाले बदलावों के कारण ऐसा महसूस हो सकता है।
5. लगातार थकान और कमजोरी
हर समय थकान महसूस होना केवल अधिक काम या कम नींद का परिणाम नहीं होता।
कई गंभीर बीमारियों की तरह ओवेरियन कैंसर में भी शरीर में लगातार कमजोरी, ऊर्जा की कमी और थकावट महसूस हो सकती है।
यदि पर्याप्त आराम के बावजूद थकान लगातार बनी रहती है, तो इसका कारण जानना जरूरी है।
6. कमर का दर्द
कमर दर्द एक सामान्य समस्या है, लेकिन यदि यह लगातार बना रहे, रात में बढ़ जाए या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ मामलों में पेल्विक क्षेत्र में बदलाव या द्रव जमा होने की स्थिति भी कमर दर्द का कारण बन सकती है।
7. पीरियड्स में असामान्य बदलाव
महिलाओं को अपने मासिक धर्म चक्र पर हमेशा ध्यान देना चाहिए।
यदि—
पीरियड्स समय से पहले या बहुत देर से आने लगें
अत्यधिक ब्लीडिंग हो
असामान्य दर्द हो
मासिक धर्म का पैटर्न अचानक बदल जाए
तो इसे केवल हार्मोनल बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।
किन महिलाओं में जोखिम अधिक हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ स्थितियों में ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, जैसे—
बढ़ती उम्र
परिवार में ओवेरियन या ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास
कुछ आनुवंशिक (Genetic) बदलाव
कुछ विशेष हार्मोनल कारण
हालांकि जोखिम होने का मतलब यह नहीं कि बीमारी अवश्य होगी। वहीं जोखिम न होने पर भी कैंसर हो सकता है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि ऊपर बताए गए लक्षण—
लगातार कई सप्ताह तक बने रहें,
बार-बार दोहराए जाएं,
या धीरे-धीरे बढ़ते जाएं,
तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले लक्षणों को केवल गैस, कब्ज, एसिडिटी या सामान्य कमजोरी समझकर महीनों तक टालना उचित नहीं है।
क्या ओवेरियन कैंसर का इलाज संभव है?
डॉक्टरों के अनुसार यदि बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो उपचार की संभावनाएं काफी बेहतर हो सकती हैं।
इलाज का तरीका मरीज की उम्र, कैंसर के चरण, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य चिकित्सकीय कारकों पर निर्भर करता है। उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी और कुछ मामलों में अन्य आधुनिक उपचार पद्धतियां शामिल हो सकती हैं।
महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
शरीर में होने वाले लगातार बदलावों को नजरअंदाज न करें।
नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञ से स्वास्थ्य जांच कराएं।
संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।
परिवार में कैंसर का इतिहास होने पर डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।
कोई भी असामान्य लक्षण लंबे समय तक रहने पर स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लें।
ओवेरियन कैंसर को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य समस्याओं जैसे दिखाई दे सकते हैं। लगातार पेट फूलना, बार-बार पेशाब आना, पेल्विक दर्द, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, कमर दर्द और पीरियड्स में असामान्य बदलाव जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि ये लक्षण कई अन्य कम गंभीर कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए घबराने के बजाय समय पर डॉक्टर से परामर्श और आवश्यक जांच कराना सबसे सही कदम है।

कोई टिप्पणी नहीं